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Deoria News: प्रसूता की मौत के 24 घंटे बाद भी प्राथमिकी दर्ज नहीं
Wed, 03 Jun 2026 11:47 PM IST
गोरखपुर ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, देवरिया
संवाद न्यूज एजेंसी, देवरिया
Updated Wed, 03 Jun 2026 11:47 PM IST
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सोनूघाट। कोतवाली क्षेत्र के सोनूघाट के पास एक निजी अस्पताल में रविवार की सुबह एक प्रसूता की मौत पर हो गई थी। शिकायत के 24 घंटे बाद भी पुलिस ने प्राथमिकी दर्ज नहीं की। इससे परिजनों में आक्रोश है।
गोपालगंज जिले के पुर थाना क्षेत्र के ग्राम कोरिया दीक्षित निवासी चंद्रकांत मिश्रा ने प्रवस पीड़ा बढ़ने पर बहन सपना मिश्रा को सोनूघाट के पास एक निजी अस्पताल में शुक्रवार की देर रात भर्ती कराया था। शनिवार की देर रात प्रसूता की हालत बिगड़ने पर प्रसूता की हालत गंभीर होने का हवाला देते हुए डॉक्टरों ने गोरखपुर मेडिकल कॉलेज रेफर कर दिया।
भाई चंद्रकांत मिश्र ने पुलिस को तहरीर देकर बताया है कि उन लोगों ने सुबह तक अस्पताल प्रशासन से इलाज करने के लिए कहा, लेकिन बहन को अस्पताल के बाहर स्ट्रेचर पर लिटा दिया। मजबूरी में गोरखपुर लेकर जा रहे थे। रास्ते में सपना की मौत हो गई। लौटकर निजी अस्पताल आए और मौत के लिए जिम्मेदार ठहराने पर चिकित्सक सहित कर्मचारी उन सभी से उलझ गए। किसी ने इसकी सूचना कोतवाली पुलिस को दी।
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शहर कोतवाल पुलिस बल के साथ अस्पताल पर पहुंचे और परिजनों को शांत कराया। कुछ देर बाद परिजन बिना पोस्टमार्टम कराए शव लेकर गांव लौट गए थे।
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गोपालगंज जिले के पुर थाना क्षेत्र के ग्राम कोरिया दीक्षित निवासी चंद्रकांत मिश्रा ने प्रवस पीड़ा बढ़ने पर बहन सपना मिश्रा को सोनूघाट के पास एक निजी अस्पताल में शुक्रवार की देर रात भर्ती कराया था। शनिवार की देर रात प्रसूता की हालत बिगड़ने पर प्रसूता की हालत गंभीर होने का हवाला देते हुए डॉक्टरों ने गोरखपुर मेडिकल कॉलेज रेफर कर दिया।
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भाई चंद्रकांत मिश्र ने पुलिस को तहरीर देकर बताया है कि उन लोगों ने सुबह तक अस्पताल प्रशासन से इलाज करने के लिए कहा, लेकिन बहन को अस्पताल के बाहर स्ट्रेचर पर लिटा दिया। मजबूरी में गोरखपुर लेकर जा रहे थे। रास्ते में सपना की मौत हो गई। लौटकर निजी अस्पताल आए और मौत के लिए जिम्मेदार ठहराने पर चिकित्सक सहित कर्मचारी उन सभी से उलझ गए। किसी ने इसकी सूचना कोतवाली पुलिस को दी।
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शहर कोतवाल पुलिस बल के साथ अस्पताल पर पहुंचे और परिजनों को शांत कराया। कुछ देर बाद परिजन बिना पोस्टमार्टम कराए शव लेकर गांव लौट गए थे।