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निर्दयी ममता: कूड़े के ढ़ेर पर लावारिस प़ड़ा था नवजात, सिसकियों ने ध्यान खींचा- डॉक्टर बने भगवान; बची जान

Wed, 16 Oct 2024 05:19 PM IST
रोहित सिंह संवाद न्यूज एजेंसी, देवरिया
संवाद न्यूज एजेंसी, देवरिया Published by: रोहित सिंह Updated Wed, 16 Oct 2024 05:19 PM IST
सार

शहर के मेडिकल कॉलेज के इमर्जेंसी बिल्डिंग के पीछे मंगलवार की आधी रात के बाद करीब दो बजे बच्चे के रोने की आवाज आ रही थी। इसे सुनकर ड्यूटी पर तैनात डॉक्टर्स और नर्स मौके पर पहुंचे। वहां नवजात शिशु कूड़े के ढेर पर पड़ा रो रहा था। नवजात के शरीर पर बड़ी संख्या में चिटियां चिपकी हुई थीं। डॉक्टर्स और नर्स ने झाड़कर साफ किया और नवजात शिशु को एसएनसीयू में भर्ती कराया।

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Newborn found behind in the medical college of Deoria, doctor took admission - now healthy
लावारिस मिला नवजात - फोटो : संवाद न्यूज एजेंसी

विस्तार

मेडिकल कॉलेज की इमरजेंसी के पीछे कूड़े के ढेर पर एक नवजात मिला। नवजात के रोने की आवाज सुनकर मौके पर डॉक्टर्स और नर्स पहुंचे। नवजात के पूरे शरीर पर चिटियों ने कब्जा कर लिया था। उन्होंने कूड़े के ढेर से उसे उठाया और साफ करके एसएनसीयू में एडमिट किया। सूचना पर चाइल्ड केयर और पुलिस भी पहुंची। आसपास की लोगों से नवजात के बाबत पता किया गया, लेकिन किसी ने इसके बारे में नहीं बताया।
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शहर के मेडिकल कॉलेज के इमर्जेंसी बिल्डिंग के पीछे मंगलवार की आधी रात के बाद करीब दो बजे बच्चे के रोने की आवाज आ रही थी। इसे सुनकर ड्यूटी पर तैनात डॉक्टर्स और नर्स मौके पर पहुंचे। वहां नवजात शिशु कूड़े के ढेर पर पड़ा रो रहा था। नवजात के शरीर पर बड़ी संख्या में चिटियां चिपकी हुई थीं।
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डॉक्टर्स और नर्स ने झाड़कर साफ किया और नवजात शिशु को एसएनसीयू में भर्ती कराया। समय से उपचार मिल जाने से नवजात की हालत स्थिर है और खतरे से बाहर है। सूचना पर मेडिकल चौकी पुलिस और चाइल्ड केयर कर्मी भी मौके पर पहुंच गए। उन्होंने आसपास के लोगों से नवजात के बाबत पता किया, लेकिन कोई जानकारी नहीं मिल पाई।
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इधर नवजात के मिलने की सूचना के बाद मौके पर लोग उमड़ पड़े। सभी उस अभागीन मां को कोसे जा रहे थे जिसने नवजात को मरने के लिए कूड़े के ढेर पर फेंक दिया था। संयोग था कि चिटिंयों के काटने के दर्द से नवजात रोने लगा और ड्यूटी पर तैनात डॉक्टर व नर्स को उसकी आवाज सुनाई दी। संयोग था कि किसी जानवर के चंगुल में मासूम आया होता तो स्थिति और भयवाह होती।

हर कोई मासूम को देख खरीखोटी सुनाए जा रहा था। चौकी प्रभारी मोहम्मद रिजवान ने बताया कि रात दो बजे घटना की जानकारी मिली। मौके पर पहुंचकर नवजात को भर्ती कराया गया। मामले की जांच की जा रही है। इधर मेडिकल कॉलेज के जनसंपर्क अधिकारी डॉ. पुरुषोत्तम ने बताया कि रात में इमरजेंसी में डॉक्टर्स और नर्स ड्यूटी पर थे।


उन्हें बच्चे के रोने की आवाज सुनाई दी। उन्होंने जाकर देखा कि एक नवजात बच्चा था। उसे एसएनसीयू में एडमिट कराया गया है। बच्चा स्वस्थ है, जबकि शरीर पर चिटियों के काटने के निशान मौजूद हैं। पुलिस और चाइल्ड केयर के लोग भी पहुंच गए थे। बच्चे की हालत ठीक है उसका वजन 2.7 किलोग्राम है। किसी ने एक्सेप्ट नहीं किया है कि यह मेरा बच्चा है।
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