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तीन सर्जरी के बाद नेहा को मिला नया जीवन
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तीन सर्जरी के बाद नेहा को मिला नया जीवन
देवरिया। बैतालपुर ब्लॉक के बैतालपुर पूरब टोला निवासी संजय पासवान के घर पुत्री नेहा के जन्म से लोगों में खुशी थी। उनकी यह खुशी उस वक्त चिंता में बदल गई जब जन्म के कुछ देर बाद ही पता चला कि बच्ची जन्मजात गंभीर बीमारी न्यूरल ट्यूब डिफेक्ट से ग्रसित है। बच्ची के सिर, पीठ और पेट में रसोलीदार मांस का हिस्सा उभार था। पारिवारिक स्थिति ऐसी नहीं थी कि वह बच्ची का निजी अस्पताल में महंगा इलाज करा पाते। जब पता चला कि राष्ट्रीय बाल स्वास्थ्य कार्यक्रम (आरबीएसके) के तहत बच्ची का नि:शुल्क उपचार हो सकता है तो उनको राहत मिली। हालांकि, मासूम बच्ची को ब्रेन की जटिल सर्जरी से गुजरना पड़ा।
अब बच्ची पूरी तरह स्वस्थ है। संजय पासवान के घर 20 फरवरी 2022 को बेटी का जन्म हुआ। उसके सिर, पीठ और पेट पर रसोलीदार मांस का हिस्सा उभार था। इसे न्यूरल ट्यूब डिफेक्ट नाम की बीमारी कहा जाता है, जो गंभीर होती है और बिना सर्जरी के उपचार संभव नहीं है। पता चला कि आरबीएसके के तहत बच्ची का मुफ्त उपचार हो सकता है।
उन्होंने बैतालपुर ब्लॉक की आरबीएसके टीम से संपर्क किया। आठ मार्च 2022 को संजय बच्ची को लेकर पीएचसी बैतालपुर पहुंचे, जहां आरबीएसके टीम के डॉ. जेपी सिंह, डॉ. अमृता गुप्ता की टीम ने नेहा की स्क्रीनिंग की। आरबीएसके टीम की मदद से संजय 27 मार्च को बच्ची को मेडिकल कालेज झांसी लेकर गए, जहां जांच के बाद 16 अप्रैल को डॉ. दिनेश राजपूत ने ब्रेन का आपरेशन किया। उसके 27 दिन के बाद 13 मई को नेहा के पीठ और पेट का ऑपरेशन डॉ. गुप्ता ने ही किया।
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यहां मिलता है नि:शुल्क इलाज
आरबीएसके योजना के नोडल अधिकारी डॉ. राजेंद्र प्रसाद ने बताया कि न्यूरल ट्यूब डिफेक्ट का ऑपरेशन योजना के तहत झांसी, सैफई और वाराणसी मेडिकल कॉलेज में ही इलाज उपलब्ध है। यह जन्मजात बीमारी है। न्यूरल ट्यूब डिफेक्ट दिमाग, स्पाइनल कॉर्ड और रीढ़ की हड्डी की जन्मजात विकृति है। यह तब दिखता है, जब दिमाग और रीढ़ की हड्डी में ऐसा विकार बन जाए कि यह पूर्ण रूप से बंद होने में विफल हो जाए। आरबीएसके के तहत 19 वर्ष तक के लोगों का इलाज नि:शुल्क करवाया जाता है। न्यूरल ट्यूब, कटे होंठ और तालू, क्लबफुट, कूल्हे का विकासात्मक डिसप्लेसिया, जन्मजात हृदय रोग, जन्मजात बहरापन, जन्मजात मोतियाबिंद सहित 40 तरह की गंभीर बीमारियों का उपचार योजना के अंतर्गत मुफ्त में किया जाता है।
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देवरिया। बैतालपुर ब्लॉक के बैतालपुर पूरब टोला निवासी संजय पासवान के घर पुत्री नेहा के जन्म से लोगों में खुशी थी। उनकी यह खुशी उस वक्त चिंता में बदल गई जब जन्म के कुछ देर बाद ही पता चला कि बच्ची जन्मजात गंभीर बीमारी न्यूरल ट्यूब डिफेक्ट से ग्रसित है। बच्ची के सिर, पीठ और पेट में रसोलीदार मांस का हिस्सा उभार था। पारिवारिक स्थिति ऐसी नहीं थी कि वह बच्ची का निजी अस्पताल में महंगा इलाज करा पाते। जब पता चला कि राष्ट्रीय बाल स्वास्थ्य कार्यक्रम (आरबीएसके) के तहत बच्ची का नि:शुल्क उपचार हो सकता है तो उनको राहत मिली। हालांकि, मासूम बच्ची को ब्रेन की जटिल सर्जरी से गुजरना पड़ा।
अब बच्ची पूरी तरह स्वस्थ है। संजय पासवान के घर 20 फरवरी 2022 को बेटी का जन्म हुआ। उसके सिर, पीठ और पेट पर रसोलीदार मांस का हिस्सा उभार था। इसे न्यूरल ट्यूब डिफेक्ट नाम की बीमारी कहा जाता है, जो गंभीर होती है और बिना सर्जरी के उपचार संभव नहीं है। पता चला कि आरबीएसके के तहत बच्ची का मुफ्त उपचार हो सकता है।
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उन्होंने बैतालपुर ब्लॉक की आरबीएसके टीम से संपर्क किया। आठ मार्च 2022 को संजय बच्ची को लेकर पीएचसी बैतालपुर पहुंचे, जहां आरबीएसके टीम के डॉ. जेपी सिंह, डॉ. अमृता गुप्ता की टीम ने नेहा की स्क्रीनिंग की। आरबीएसके टीम की मदद से संजय 27 मार्च को बच्ची को मेडिकल कालेज झांसी लेकर गए, जहां जांच के बाद 16 अप्रैल को डॉ. दिनेश राजपूत ने ब्रेन का आपरेशन किया। उसके 27 दिन के बाद 13 मई को नेहा के पीठ और पेट का ऑपरेशन डॉ. गुप्ता ने ही किया।
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आरबीएसके योजना के नोडल अधिकारी डॉ. राजेंद्र प्रसाद ने बताया कि न्यूरल ट्यूब डिफेक्ट का ऑपरेशन योजना के तहत झांसी, सैफई और वाराणसी मेडिकल कॉलेज में ही इलाज उपलब्ध है। यह जन्मजात बीमारी है। न्यूरल ट्यूब डिफेक्ट दिमाग, स्पाइनल कॉर्ड और रीढ़ की हड्डी की जन्मजात विकृति है। यह तब दिखता है, जब दिमाग और रीढ़ की हड्डी में ऐसा विकार बन जाए कि यह पूर्ण रूप से बंद होने में विफल हो जाए। आरबीएसके के तहत 19 वर्ष तक के लोगों का इलाज नि:शुल्क करवाया जाता है। न्यूरल ट्यूब, कटे होंठ और तालू, क्लबफुट, कूल्हे का विकासात्मक डिसप्लेसिया, जन्मजात हृदय रोग, जन्मजात बहरापन, जन्मजात मोतियाबिंद सहित 40 तरह की गंभीर बीमारियों का उपचार योजना के अंतर्गत मुफ्त में किया जाता है।