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Deoria News: पारा 44 डिग्री, भीषण गर्मी से टूट रही जीवन की डोर, एक सप्ताह में 63 मौत

Sun, 18 Jun 2023 12:09 AM IST
Gorakhpur Bureau गोरखपुर ब्यूरो
Updated Sun, 18 Jun 2023 12:09 AM IST
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Mercury 44 degrees, life breaking due to severe heat, 63 deaths in a week
- मेडिकल कॉलेज की इमरजेंसी में हीट स्ट्रोक व अन्य रोगों के मरीजों की संख्या बढ़ी, अफरा-तफरी का माहौल
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संवाद न्यूज एजेंसी
देवरिया। एक सप्ताह से पड़ रही भीषण गर्मी के बीच मेडिकल कॉलेज की इमरजेंसी में मरीजों की संख्या में तेजी से इजाफा हुआ है। शनिवार को तापमान 44 डिग्री सेल्सियस होने से तेज धूप और लू से जन-जीवन अस्त-व्यस्त हो गया। सबसे अधिक असर बुजुर्गों पर पड़ रहा है। एक सप्ताह के आंकड़ों पर गौर किया जाए तो करीब 63 लोगों की इमरजेंसी में इलाज के दौरान मौत हुई है। डॉक्टरों का कहना है कि गर्मी के कारण हीट स्ट्रोक से भी मौत हो रही है।
इन दिनों गर्मी के कारण मेडिकल कॉलेज की इमरजेंसी पर आने वाले अधिकतर मरीजों के जीवन की डोर टूट रही है। शनिवार सुबह से शाम तक करीब दस मरीजों की मौत हो गई। इस सप्ताह सबसे अधिक मौत की संख्या बुधवार को रही है। डायरिया और लू के कारण एक सप्ताह से हीट स्ट्रोक के मरीजों की संख्या बढ़ी है। इस कारण ओपीडी में भी मरीजों का आना अधिक हो रहा है। इसका असर यह है कि एंबुलेंस कम पड़ जा रहे हैं और लोगों को शव वाहन का भी काफी देर तक इंतजार करना पड़ रहा है। इन्हें निजी वाहनों का सहारा लेना पड़ रहा है। सरकारी आंकड़ों पर गौर किया जाए तो इस तरह मौत के मामले कोरोना संक्रमण काल में ही होते थे।
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किसी को स्ट्रेचर तो किसी को फर्श पर लिटाकर इमरजेंसी में करना पड़ा इलाज
मेडिकल कॉलेज की इमरजेंसी में अचानक मरीजों की संख्या बढ़ने से व्यवस्था पर गहरा प्रभाव पड़ा है। शनिवार को हालत यह थी कि सभी बेड फुल थे। मरीजों को फर्श और स्ट्रेचर पर लिटाकर इलाज किया जा रहा था। बेड नसीब न होने से तीमारदार पंखा झल रहे थे। माथे पर ठंडा पानी की पट्टी कर रहे थे। डॉक्टर भी परेशान थे। उनके पास मरीजों के तीमारदारों की संख्या अधिक थी। इमरजेंसी में भर्ती बांस घाटी निवासी घरभरन और सोंदा निवासी लगवती देवी के परिजनों ने बताया कि बेड खाली नहीं है। फर्श पर लिटाने की वजह से पंखा का हवा भी नहीं लग रहा है।
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गर्मी का प्रकोप बढ़ने से ओपीडी में लंबी लाइन लग रही है। बुजुर्ग, बच्चा, महिलाओं की संख्या बढ़ी है। शनिवार को मेडिकल कॉलेज में 1204 नए मरीज ओपीडी में पहुंचे थे, जबकि पुराने मरीजों की संख्या करीब छह सौ रही। एक सप्ताह पहले मरीजों की संख्या प्रतिदिन छह से सात सौ रहती थी। इसके अलावा तेज धूप के कारण काफी संख्या में मरीज मेडिकल कॉलेज न आकर नजदीक के निजी डॉक्टरों का सहारा ले रहे हैं। इस वजह से शाम और सुबह प्राइवेट क्लीनिकों पर भीड़ लगी रहती है।

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एक सप्ताह में मौतों का आंकड़ा - 11 जून को 06
- 12 जून को 07
- 13 जून को 10
- 14 जून को 11
- 15 जून को 10
- 16 जून को 09
- 17 जून को 10
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भीषण गर्मी के कारण अचानक डायरिया, हीट स्ट्रोक, तेज बुखार, सांस की समस्या वाले मरीजों की संख्या बढ़ी है। मरीजों को समय से इलाज न मिलने के कारण गंभीर हालत में इमरजेंसी पहुंच रहे हैं। हाल के दिनों में जब गर्मी बढ़ी है तो पांच से छह मरीजों की मौत हुई है। इसमें सबसे अधिक 60 वर्ष के ऊपर के मरीज हैं।
डॉ. रोहित सिंह, इमरजेंसी मेडिकल अफसर
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