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Deoria News: अधिवक्ता पर जानलेवा हमले से वकीलों में भारी आक्रोश
Sun, 08 Feb 2026 12:20 AM IST
गोरखपुर ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, देवरिया
संवाद न्यूज एजेंसी, देवरिया
Updated Sun, 08 Feb 2026 12:20 AM IST
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देवरिया। जिला बार एसोसिएशन की बैठक शनिवार को सिविल कोर्ट परिसर में हुई। इसमें अधिवक्ता प्रवेश नाथ त्रिपाठी पर हुए जानलेवा हमले को लेकर अधिवक्ताओं ने गहरा आक्रोश व्यक्त किया। शासन-प्रशासन के खिलाफ नारेबाजी करते हुए आरोपियों की गिरफ्तारी की मांग की।
अध्यक्ष जिला बार एसोसिएशन के अध्यक्ष मनोज मिश्रा ने किया। उन्होंने कहा कि अधिवक्ताओं पर बढ़ते हमले बर्दाश्त नहीं किए जाएंगे। प्रशासन ने जल्द ही प्रवेश नाथ त्रिपाठी के हमलावरों को सलाखों के पीछे नहीं भेजा, तो बार एसोसिएशन कड़ा रुख अख्तियार करने को मजबूर होगा।
उत्तर प्रदेश बार काउंसिल की अनुशासन समिति के सदस्य दिव्यांश पति त्रिपाठी (एडवोकेट) ने इस मुद्दे को प्रमुखता से उठाते हुए कानून-व्यवस्था पर सवाल खड़े किए। उन्होंने कहा कि एक अधिवक्ता पर हमला सीधे तौर पर न्यायपालिका की गरिमा को चुनौती है। उनके आह्वान पर सभा में मौजूद सभी अधिवक्ताओं ने एक स्वर में सुर मिलाया और अविलंब गिरफ्तारी की मांग दोहराई।
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पूरी बैठक के दौरान प्रवेश नाथ त्रिपाठी का मुद्दा छाया रहा। वकीलों ने एकजुटता दिखाते हुए कहा कि हमलावरों की गिरफ्तारी में हो रही देरी पुलिस की कार्यप्रणाली पर संदेह पैदा करती है। बैठक के अंत में सर्वसम्मति से निर्णय लिया गया कि यदि कार्रवाई नहीं हुई तो अधिवक्ता कार्य बहिष्कार जैसे कड़े कदम उठा सकते हैं। संवाद
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अध्यक्ष जिला बार एसोसिएशन के अध्यक्ष मनोज मिश्रा ने किया। उन्होंने कहा कि अधिवक्ताओं पर बढ़ते हमले बर्दाश्त नहीं किए जाएंगे। प्रशासन ने जल्द ही प्रवेश नाथ त्रिपाठी के हमलावरों को सलाखों के पीछे नहीं भेजा, तो बार एसोसिएशन कड़ा रुख अख्तियार करने को मजबूर होगा।
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उत्तर प्रदेश बार काउंसिल की अनुशासन समिति के सदस्य दिव्यांश पति त्रिपाठी (एडवोकेट) ने इस मुद्दे को प्रमुखता से उठाते हुए कानून-व्यवस्था पर सवाल खड़े किए। उन्होंने कहा कि एक अधिवक्ता पर हमला सीधे तौर पर न्यायपालिका की गरिमा को चुनौती है। उनके आह्वान पर सभा में मौजूद सभी अधिवक्ताओं ने एक स्वर में सुर मिलाया और अविलंब गिरफ्तारी की मांग दोहराई।
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पूरी बैठक के दौरान प्रवेश नाथ त्रिपाठी का मुद्दा छाया रहा। वकीलों ने एकजुटता दिखाते हुए कहा कि हमलावरों की गिरफ्तारी में हो रही देरी पुलिस की कार्यप्रणाली पर संदेह पैदा करती है। बैठक के अंत में सर्वसम्मति से निर्णय लिया गया कि यदि कार्रवाई नहीं हुई तो अधिवक्ता कार्य बहिष्कार जैसे कड़े कदम उठा सकते हैं। संवाद