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छोटी पर्ची पर लिखी जा रही मोटी रकम की दवा

Sat, 27 Aug 2022 11:33 PM IST
Gorakhpur Bureau गोरखपुर ब्यूरो
Updated Sat, 27 Aug 2022 11:33 PM IST
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lac of medicines in disrtrict hospital
मेडिकल कॉलेज से संबद्ध जिला अस्पताल में दवा काउन्टर पर लगी मरीज व तिमारदारो की भीड। संवाद - फोटो : DEORIA
छोटी पर्ची पर लिखी जा रही मोटी रकम की दवा
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मेडिकल कॉलेज से संबद्ध जिला अस्पताल में दवाओं और इंजेक्शन का अभाव
गैस की गोली मरीजों को नहीं हो पा रही उपलब्ध
तीमारदारों को बाहर से खरीदना पड़ रहा इंजेक्शन
संवाद न्यूज एजेंसी
देवरिया। कहने को मेडिकल कॉलेज है पर पूरी दवा नहीं मिल रही है। गैस की गोली मरीजों को नहीं मिल पा रही है। पर्ची पर लिखी आधी दवाओं को बाहर से लेना पड़ रहा है। वहीं, सामान्य बीमारियों के लिए जरूरी इंजेक्शनों का अभाव है। तीमारदारों को मजबूरी में खरीदनी पड़ रही है, जिससे मरीजों को परेशानी हो रही है और उन पर आर्थिक बोझ पड़ रहा है।
महर्षि देवरहा बाबा मेडिकल कॉलेज से संबद्ध जिला अस्पताल में शहर से लेकर ग्रामीणांचल तथा बिहार प्रांत के सीमावर्ती गांवों के औसतन करीब पंद्रह सौ से अधिक लोग इलाज कराने आते हैं। उन्हें उम्मीद रहती है कि अस्पताल में आसानी से चिकित्सक देख लेंगे और दवा भी उपलब्ध हो जाएगी, लेकिन इन दिनों सामान्य बीमारियों की दवाओं की भी किल्लत है। डॉक्टर की लिखी पर्ची में पूरी दवा नहीं मिल पाती है। करीब आधी दवाओं को बाहर से लेना पड़ता है।
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अधिकतर मरीज को गैस की दवा की आवश्यकता होती है, लेकिन काफी दिनों से उपलब्ध नहीं है, जिससे मरीजों को बाहर से खरीदनी पड़ती है। इन दिनों बुखार, पेट, शरीर, सिर दर्द के मरीजों की संख्या बढ़ी है, लेकिन इन्हें तत्काल राहत देने के लिए इंजेक्शन का अभाव है। तीमारदारों को स्वयं व्यवस्था करनी पड़ती है। वहीं, अस्पताल में झटका से पीड़ित बच्चों के परिजनों को इंजेक्शन बाहर से लेना पड़ता है। ऐसे में जो लोग खर्च करने में सक्षम नहीं हैं उन्हें काफी दिक्कत होती है।
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ये दवाएं नहीं हैं उपलब्ध
अस्पताल में गैस की दवा ओप्रमाजोल, रेनिटिडीन, एसिलाक, बुखार के लिए पैरासीटामाल का इंजेक्शन नहीं है। झटका के लिए फेनीटोइन, पेट दर्द के डाइसाइक्लोमीन, दर्द का डाइक्लोफोनेक इंजेक्शन, मेंटाल व कुछ एंटीबायटिक इंजेक्शन के अलावा कुछ अन्य दवाएं भी उपलब्ध नहीं हैं। ऐसे में मरीजों को परेशानी का सामना करना पड़ता है।
तीन दिन में ओपीडी में करीब छह हजार लोगों का हुआ इलाज
देवरिया। मेडिकल कॉलेज से संबद्ध जिला अस्पताल की ओपीडी में तीन दिन में तकरीबन 5808 मरीजों ने इलाज कराया। बृहस्पतिवार को 2154, शुक्रवार को 2068 व शनिवार को 1586 लोगों ने इलाज कराया।
फोटो
मदनपुर क्षेत्र के पिपरा पुरुषोत्तम के रहने वाले शैलेंद्र अपने बेटे सूर्य प्रताप गोंड को लेकर इलाज कराने आए थे। कहना था कि डॉक्टर की पर्ची पर लिखीं सभी दवाएं अस्पताल से नहीं मिलीं। कुछ दवा बाहर से लेनी पड़ेगी, जो महंगी हैं। उसे लेने पर बजट गड़बड़ हो जाएगा।
फोटो
गौरीबाजार क्षेत्र के बर्दगोनिया निवासी श्रीकांत अपनी पुत्री मुस्कान का इलाज कराने आए थे। कहा कि सोचकर चले थे कि अस्पताल में सभी दवा मिल जाएगी और सस्ते में इलाज हो जाएगा, लेकिन डॉक्टर की लिखी पांच में से तीन दवा ही मिली, अब दो दवा बाहर से लेनी पड़ेगी।

कोट
अस्पताल में मरीजों को दवाएं उपलब्ध कराई जाती हैं। सरकारी दवाएं यूपीएमसीएल से आती हैं। वेयर हाउस में दवाओं की कमी हो गई थी। इसकी सूचना उच्च स्तर पर दी गई है। साथ ही लोकल स्तर पर दवाओं की खरीदारी की प्रक्रिया की जा रही है। जिन दवाओं की कमी है, जल्द उपलब्ध हो जाएंगी।
-डॉ. एचके मिश्रा, प्रभारी चिकित्सा अधीक्षक
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