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Deoria News: गुरु गोविंद सिंह की जयंती पर गूंजे कीर्तन
Tue, 06 Jan 2026 12:08 AM IST
गोरखपुर ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, देवरिया
संवाद न्यूज एजेंसी, देवरिया
Updated Tue, 06 Jan 2026 12:08 AM IST
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गुरुद्वारा गुरुसिंह सभा नई कालोनी में शबद कीर्तन गाते ज्ञानी दामोदर सिंह व श्रद्धालु, फोटो संवा
देवरिया। गुरु गोविंद सिंह की जयंती सोमवार को नई कॉलोनी गुरुद्वारा में श्रद्धा व विश्वास पूर्वक मनाई गई। श्रद्धालुओं ने अमृत बेला में निशान साहिब की सेवा और पाठ किया। शाम को शबद-कीर्तन हुआ। इसमें सभी वर्गाें के लोग शामिल हुए।
नई कॉलोनी गुरुद्वारा में शबद कीर्तन व गुरुमत कथा विचार हुआ। ग्रंथी दामोदर सिंह ने कहा कि संतजनों की रक्षा, लाचार, निर्बल, दीन दुखियों प्राणियों की रक्षा और देश व विश्व शांति के लिए गुरुगोविंद सिंह जी प्रकट हुए।
उन्होंने खालसा पंथ की स्थापना करके लोकतंत्र की नींव रखी। जंग लड़ते हुए फतह हासिल की। उन्होंने कहा कि देश व कौम के लिए बचपन में गुरु जी ने पिता की कुर्बानी, चार पुत्रों की कुर्बानी, माताजी और 40 मुक्ते प्यारे सिक्खों की कुर्बानी दी।
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गुरु जी ने जात-पात, ऊंच-नीच, छुआछूत को खत्म करके दबे कुचले लोगों को सिंह बनाकर एक से सवा लाख को लड़ाया। ग्रंथी जी ने आगे कहा कि गुरुजी ने मन को ज्योति स्वरूप बताया है। उन्होंने श्रद्धालुओं से संत व सिपाही का जीवन जीते हुए देश व कौम की रक्षा के लिए निरंतर तत्पर रहने की अपील किया। शाम को नई कॉलोनी स्थित गुरुद्वारा गुरुसिंह सभा में रहिरास साहिब का पाठ, शबद कीर्तन और अरदास का आयोजन हुआ। इस दौरान गगनदीप कौर, चांदनी कौर, यशवीर सिंह जस्सी, सतपाल सिंह, विनीत सिंह, जगजीत सिंह, प्रीति कौर, धरती कौर, सरदार मन्ना सिंह, महेंदर माैजूद रहे।
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नई कॉलोनी गुरुद्वारा में शबद कीर्तन व गुरुमत कथा विचार हुआ। ग्रंथी दामोदर सिंह ने कहा कि संतजनों की रक्षा, लाचार, निर्बल, दीन दुखियों प्राणियों की रक्षा और देश व विश्व शांति के लिए गुरुगोविंद सिंह जी प्रकट हुए।
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उन्होंने खालसा पंथ की स्थापना करके लोकतंत्र की नींव रखी। जंग लड़ते हुए फतह हासिल की। उन्होंने कहा कि देश व कौम के लिए बचपन में गुरु जी ने पिता की कुर्बानी, चार पुत्रों की कुर्बानी, माताजी और 40 मुक्ते प्यारे सिक्खों की कुर्बानी दी।
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गुरु जी ने जात-पात, ऊंच-नीच, छुआछूत को खत्म करके दबे कुचले लोगों को सिंह बनाकर एक से सवा लाख को लड़ाया। ग्रंथी जी ने आगे कहा कि गुरुजी ने मन को ज्योति स्वरूप बताया है। उन्होंने श्रद्धालुओं से संत व सिपाही का जीवन जीते हुए देश व कौम की रक्षा के लिए निरंतर तत्पर रहने की अपील किया। शाम को नई कॉलोनी स्थित गुरुद्वारा गुरुसिंह सभा में रहिरास साहिब का पाठ, शबद कीर्तन और अरदास का आयोजन हुआ। इस दौरान गगनदीप कौर, चांदनी कौर, यशवीर सिंह जस्सी, सतपाल सिंह, विनीत सिंह, जगजीत सिंह, प्रीति कौर, धरती कौर, सरदार मन्ना सिंह, महेंदर माैजूद रहे।