450 लोगों से नौकरी के नाम पर करोड़ों की ठगी: एक साल से देवरिया में चल रही थी कंपनी, इन बिंदुओं पर टिकी जांच
पुलिस यह पता लगाने की कोशिश कर रही है कि कंपनी किसके नाम पर पंजीकृत थी और विदेश में नौकरी दिलाने के लिए उसका किन कंपनियों से संपर्क था। पीड़ितों को नियुक्ति पत्र या वीजा दिए गए थे या नहीं, इसकी भी जांच की जा रही है।
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विदेश में नौकरी दिलाने के नाम पर करीब 450 लोगों से 2.30 करोड़ रुपये की ठगी के मामले में पुलिस की जांच का दायरा बढ़ता जा रहा है। शहर के सीसी रोड स्थित त्रिपाठी कॉम्प्लेक्स में संचालित यूनिक मैनेजमेंट सर्विसेस करीब एक साल से सक्रिय थी, लेकिन उसके पास विदेश में नौकरी दिलाने का वैध लाइसेंस था या नहीं, इसकी जानकारी अभी पुलिस को नहीं मिल सकी है। पुलिस अब कंपनी के पंजीकरण, लाइसेंस, विदेश की कंपनियों से संपर्क और लेनदेन की जांच कर रही है।
आरोपियों की तलाश के लिए पुलिस की दो टीमें लगाई गई
तरकुलवा थाना क्षेत्र के हरपुर निजाम निवासी राजू पटेल की शिकायत पर कोतवाली पुलिस ने कंपनी के मुख्य कर्मचारी आशीष कुमार, मकान मालिक गजानंद त्रिपाठी और गायत्री डायग्नोसिस सेंटर के कर्मचारियों के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज की है। आरोपियों की तलाश के लिए पुलिस की दो टीमें लगाई गई हैं।
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पुलिस यह पता लगाने में जुटी है कि यूनिक मैनेजमेंट सर्विसेस किसके नाम पर पंजीकृत थी और विदेश में नौकरी दिलाने के लिए उसका किन कंपनियों से संपर्क था। पीड़ितों को नियुक्ति पत्र या वीजा दिए गए थे या नहीं, इसकी भी जांच की जा रही है। इसके अलावा ठगी से वसूली गई रकम किन बैंक खातों में जमा हुई और उसका इस्तेमाल कहां किया गया, इसका रिकॉर्ड भी खंगाला जा रहा है।
इन बिंदुओं पर जांच जारी
इंस्पेक्टर शशि भूषण राय ने बताया कि यूनिक मैनेजमेंट सर्विसेस करीब एक साल से सक्रिय थी। कंपनी के पास विदेश में नौकरी दिलाने का लाइसेंस था या नहीं, इसकी जानकारी जुटाई जा रही है। पंजीकरण, दस्तावेज और रकम के लेनदेन समेत विभिन्न बिंदुओं पर जांच जारी है। आरोपियों की गिरफ्तारी के प्रयास किए जा रहे हैं।
सीओ सिटी संजय कुमार रेड्डी ने बताया कि तहरीर के आधार पर रिपोर्ट दर्ज कर नियमानुसार कार्रवाई की जा रही है। आरोपियों की गिरफ्तारी के प्रयास जारी हैं।