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Deoria News: नाम नीम हकीम, डिग्री खानदानी, इलाज शर्तिया
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नाम नीम हकीम, डिग्री खानदानी, इलाज शर्तिया
रुद्रपुर में दो दर्जन नीम हकीम चला रहे अस्पताल
पैथोलॉजी के एक लाइसेंस पर चल रहीं कई शाखाएं
संवाद न्यूज एजेंसी
रुद्रपुर। प्रशासन का झोलाछाप पर शिकंजा कसने का प्रयास रुद्रपुर में विफल साबित हो रहा है। यहां नौ लाइसेंसी निजी अस्पतालों को छोड़कर दो दर्जन अस्पताल नीम हकीम चला रहे हैं। इन अस्पतालों में असाध्य रोगों के शर्तिया इलाज का दावा किया जा रहा है। अस्पताल के संचालक के पास डिग्री के नाम पर खानदानी अनुभव है। कई ऐसे अस्पताल संचालकों के पूर्वज पहले भी बिना लाइसेंस और डिग्री के अस्पताल चलाते रहे हैं।
देवरिया के डीएम जेपी सिंह ने बिना रजिस्ट्रेशन और वैध डिग्री धारी चिकित्सक के चल रहे फर्जी अस्पतालों के खिलाफ कार्रवाई के लिए सीएमओ को निर्देश दिए हैं। डीएम के निर्देश के बाद सीएमओ ऑफिस में जिले में रजिस्टर्ड अस्पतालों और पैथोलॉजी सेंटर की फाइल खंगाली जा रही है।
रुद्रपुर क्षेत्र में संचालित 16 पैथोलॉजी सेंटर में से सिर्फ दो का रजिस्ट्रेशन मिला है। यही हाल अल्ट्रासाउंड सेंटरों का भी है। सीएमओ ऑफिस से मिली रिपोर्ट के अनुसार रुद्रपुर में अपूर्वा पैथोलॉजी और मॉ पैथालॉजी लैब का रजिस्ट्रेशन हुआ है। यहां पैथोलॉजी के एक लाइसेंस पर जिले में कई शाखाएं चल रहीं हैं।
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रजिस्टर्ड अस्पतालों की सूची में शिवशक्ति हॉस्पिटल, चंद्रा एक्यूपंचर हॉस्पिटल, प्रेमा हॉस्पिटल, न्यूज आदर्श हॉस्पिटल, वरदान हॉस्पिटल, आशीष हॉस्पिटल, आयांश हॉस्पिटल और लाइफ मल्टी स्पेसियलिटी हॉस्पिटल के नाम हैं। इन नौ रजिस्टर्ड अस्पतालों के अलावा रुद्रपुर में दो दर्जन गैर रजिस्टर्ड अस्पताल संचालित हो रहे हैं।
इस बाबत सीएचसी के अधीक्षक डॉ. दिनेश यादव ने कहा कि रजिस्टर्ड अस्पताल, पैथोलॉजी सेंटर और अल्ट्रा साउंड सेंटरों की सूची मिल गई है। इसके अतिरिक्त अवैध रूप से संचालित हो रहे मेडिकल केयर सेंटरों के खिलाफ अभियान चलाकर कार्रवाई होगी।
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रुद्रपुर में दो दर्जन नीम हकीम चला रहे अस्पताल
पैथोलॉजी के एक लाइसेंस पर चल रहीं कई शाखाएं
संवाद न्यूज एजेंसी
रुद्रपुर। प्रशासन का झोलाछाप पर शिकंजा कसने का प्रयास रुद्रपुर में विफल साबित हो रहा है। यहां नौ लाइसेंसी निजी अस्पतालों को छोड़कर दो दर्जन अस्पताल नीम हकीम चला रहे हैं। इन अस्पतालों में असाध्य रोगों के शर्तिया इलाज का दावा किया जा रहा है। अस्पताल के संचालक के पास डिग्री के नाम पर खानदानी अनुभव है। कई ऐसे अस्पताल संचालकों के पूर्वज पहले भी बिना लाइसेंस और डिग्री के अस्पताल चलाते रहे हैं।
देवरिया के डीएम जेपी सिंह ने बिना रजिस्ट्रेशन और वैध डिग्री धारी चिकित्सक के चल रहे फर्जी अस्पतालों के खिलाफ कार्रवाई के लिए सीएमओ को निर्देश दिए हैं। डीएम के निर्देश के बाद सीएमओ ऑफिस में जिले में रजिस्टर्ड अस्पतालों और पैथोलॉजी सेंटर की फाइल खंगाली जा रही है।
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रुद्रपुर क्षेत्र में संचालित 16 पैथोलॉजी सेंटर में से सिर्फ दो का रजिस्ट्रेशन मिला है। यही हाल अल्ट्रासाउंड सेंटरों का भी है। सीएमओ ऑफिस से मिली रिपोर्ट के अनुसार रुद्रपुर में अपूर्वा पैथोलॉजी और मॉ पैथालॉजी लैब का रजिस्ट्रेशन हुआ है। यहां पैथोलॉजी के एक लाइसेंस पर जिले में कई शाखाएं चल रहीं हैं।
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रजिस्टर्ड अस्पतालों की सूची में शिवशक्ति हॉस्पिटल, चंद्रा एक्यूपंचर हॉस्पिटल, प्रेमा हॉस्पिटल, न्यूज आदर्श हॉस्पिटल, वरदान हॉस्पिटल, आशीष हॉस्पिटल, आयांश हॉस्पिटल और लाइफ मल्टी स्पेसियलिटी हॉस्पिटल के नाम हैं। इन नौ रजिस्टर्ड अस्पतालों के अलावा रुद्रपुर में दो दर्जन गैर रजिस्टर्ड अस्पताल संचालित हो रहे हैं।
इस बाबत सीएचसी के अधीक्षक डॉ. दिनेश यादव ने कहा कि रजिस्टर्ड अस्पताल, पैथोलॉजी सेंटर और अल्ट्रा साउंड सेंटरों की सूची मिल गई है। इसके अतिरिक्त अवैध रूप से संचालित हो रहे मेडिकल केयर सेंटरों के खिलाफ अभियान चलाकर कार्रवाई होगी।