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Deoria News: जय प्रकाश नारायण सर्वोदय विद्यालय पर फर्जी भुगतान का आरोप
Fri, 20 Feb 2026 01:12 AM IST
गोरखपुर ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, देवरिया
संवाद न्यूज एजेंसी, देवरिया
Updated Fri, 20 Feb 2026 01:12 AM IST
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बरियारपुर। थाना क्षेत्र के मेहरौना स्थित जय प्रकाश नारायण सर्वोदय विद्यालय मेहरौना एक बार फिर विवादों में घिर गया है। विद्यालय प्रशासन पर स्कूल के ही एक चतुर्थ श्रेणी कर्मचारी ने गंभीर आरोप लगाते हुए सुरक्षा गार्ड और सफाई कर्मचारी के नाम पर फर्जी भुगतान करने की शिकायत की है। आरोप है कि प्रधानाचार्य और कुछ कर्मचारियों की मिलीभगत से बिना कार्यरत कर्मचारियों के नाम पर भुगतान कराया गया है।
शिकायतकर्ता का आरोप है कि विद्यालय परिसर में आंधी में गिरे हुए पेड़ों को नियम विरुद्ध बेचा गया। इसके अलावा विद्यालय की मेस व्यवस्था पर भी सवाल उठाए गए हैं। आरोप है कि बच्चों को गुणवत्ताहीन भोजन दिया जा रहा है और व्यवस्थाओं में पारदर्शिता का अभाव है। मामले की निष्पक्ष जांच की मांग करते हुए संबंधित अधिकारियों से कार्रवाई की अपील की गई है।
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पिछले साल बासी छोला खाने से बीमार पड़े थे बच्चे
गौरतलब है कि यह विद्यालय पहले भी सुर्खियों में रह चुका है। पिछले साल बासी छोला खाने से सौ से अधिक बच्चे बीमार पड़ गए थे। इसके बाद भोजन में छिपकली मिलने की घटना ने भी विद्यालय प्रशासन की कार्यशैली पर प्रश्न चिह्न लगा दिया था। उस दौरान मामले की गंभीरता को देखते हुए देवरिया की जिलाधिकारी दिव्या मित्तल ने जांच के निर्देश दिए थे।
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विद्यालय में भोजन की गुणवत्ता अच्छी है। कोई अव्यवस्था नहीं है। पेड़ बेचने समेत सभी आरोप निराधार हैं। विद्यालय की छवि खराब की जा रही है।
- प्रवीण चंद्र चौधरी, प्रधानाचार्य
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शिकायतकर्ता का आरोप है कि विद्यालय परिसर में आंधी में गिरे हुए पेड़ों को नियम विरुद्ध बेचा गया। इसके अलावा विद्यालय की मेस व्यवस्था पर भी सवाल उठाए गए हैं। आरोप है कि बच्चों को गुणवत्ताहीन भोजन दिया जा रहा है और व्यवस्थाओं में पारदर्शिता का अभाव है। मामले की निष्पक्ष जांच की मांग करते हुए संबंधित अधिकारियों से कार्रवाई की अपील की गई है।
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पिछले साल बासी छोला खाने से बीमार पड़े थे बच्चे
गौरतलब है कि यह विद्यालय पहले भी सुर्खियों में रह चुका है। पिछले साल बासी छोला खाने से सौ से अधिक बच्चे बीमार पड़ गए थे। इसके बाद भोजन में छिपकली मिलने की घटना ने भी विद्यालय प्रशासन की कार्यशैली पर प्रश्न चिह्न लगा दिया था। उस दौरान मामले की गंभीरता को देखते हुए देवरिया की जिलाधिकारी दिव्या मित्तल ने जांच के निर्देश दिए थे।
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विद्यालय में भोजन की गुणवत्ता अच्छी है। कोई अव्यवस्था नहीं है। पेड़ बेचने समेत सभी आरोप निराधार हैं। विद्यालय की छवि खराब की जा रही है।
- प्रवीण चंद्र चौधरी, प्रधानाचार्य