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आईआरएडी एप से सड़क हादसे रोकेगी पुलिस
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आईआरएडी एप से सड़क हादसे रोकेगी पुलिस
देवरिया। इंटीग्रेटेड रोड एक्सीडेंट डेटाबेस (आईआरएडी) प्रोजेक्ट के तहत एसपी डॉ. श्रीपति मिश्र ने सड़क हादसों को रोकने के लिए नई कार्ययोजना तैयार करने का आदेश दिया है। जनपद में सड़क दुर्घटनाओं को रोकने के लिए ब्लैक स्पॉट चिह्नित करने के लिए पुलिस अब मोबाइल एप के जरिए समेकित सड़क दुर्घटना डेटाबेस (इंटीग्रेटेड रोड एक्सीडेंट डाटाबेस) आईआरएडी तैयार करेगी। इसके लिए पुलिस कर्मियों को शनिवार को प्रशिक्षण भी दिया गया।
सदर कोतवाली व थाना रामपुर कारखाना पर प्रभारी निरीक्षक, उपनिरीक्षक, परिवहन विभाग के आरआई, यातायात उपनिरीक्षक को आईआरएडी एप के बारे में विस्तृत रूप से जानकारी दी गई। उन्हें बताया गया कि यदि सड़क दुर्घटना होती है तो मौके पर पहुंच कर एप के माध्यम से सूचना को संकलित करना होगा। पुलिस उपाधीक्षक यातायात/नोडल अधिकारी निष्ठा उपाध्याय एवं जिला सूचना विज्ञान अधिकारी कृष्णानंद यादव की देख रेख में रोल आउट मैनेजर सौरभ गुप्ता ने जानकारी दी। इस एप के सभी आंकड़ों का विश्लेषण आईआईटी मद्रास करेगा।
आईआरएडी एप क्या है
सड़क हादसा होने पर मौके पर पहुंचे पुलिसकर्मियों को सड़क दुर्घटना का पूरा विवरण फोटो, वीडियो, घायल, मरे व्यक्ति का नाम, उम्र, पता, वाहन नंबर, स्थल, हादसे का कारण एप में भरा जाएगा। इससे हादसे की सूचना के बारे में लोक निर्माण विभाग, एनएचआई, सेतु निगम आदि विभागों के जिम्मेदार अधिकारियों को जानकारी मिलेगी। इसके बाद डेटा का भारतीय प्रौद्योगिकी संस्थान मद्रास (आईआईटी-एम) विश्लेषण करेगा। बाद में सड़क हादसे को रोकने के लिए सड़क में सुधार पर कार्य किया जाएगा।
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देवरिया। इंटीग्रेटेड रोड एक्सीडेंट डेटाबेस (आईआरएडी) प्रोजेक्ट के तहत एसपी डॉ. श्रीपति मिश्र ने सड़क हादसों को रोकने के लिए नई कार्ययोजना तैयार करने का आदेश दिया है। जनपद में सड़क दुर्घटनाओं को रोकने के लिए ब्लैक स्पॉट चिह्नित करने के लिए पुलिस अब मोबाइल एप के जरिए समेकित सड़क दुर्घटना डेटाबेस (इंटीग्रेटेड रोड एक्सीडेंट डाटाबेस) आईआरएडी तैयार करेगी। इसके लिए पुलिस कर्मियों को शनिवार को प्रशिक्षण भी दिया गया।
सदर कोतवाली व थाना रामपुर कारखाना पर प्रभारी निरीक्षक, उपनिरीक्षक, परिवहन विभाग के आरआई, यातायात उपनिरीक्षक को आईआरएडी एप के बारे में विस्तृत रूप से जानकारी दी गई। उन्हें बताया गया कि यदि सड़क दुर्घटना होती है तो मौके पर पहुंच कर एप के माध्यम से सूचना को संकलित करना होगा। पुलिस उपाधीक्षक यातायात/नोडल अधिकारी निष्ठा उपाध्याय एवं जिला सूचना विज्ञान अधिकारी कृष्णानंद यादव की देख रेख में रोल आउट मैनेजर सौरभ गुप्ता ने जानकारी दी। इस एप के सभी आंकड़ों का विश्लेषण आईआईटी मद्रास करेगा।
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आईआरएडी एप क्या है
सड़क हादसा होने पर मौके पर पहुंचे पुलिसकर्मियों को सड़क दुर्घटना का पूरा विवरण फोटो, वीडियो, घायल, मरे व्यक्ति का नाम, उम्र, पता, वाहन नंबर, स्थल, हादसे का कारण एप में भरा जाएगा। इससे हादसे की सूचना के बारे में लोक निर्माण विभाग, एनएचआई, सेतु निगम आदि विभागों के जिम्मेदार अधिकारियों को जानकारी मिलेगी। इसके बाद डेटा का भारतीय प्रौद्योगिकी संस्थान मद्रास (आईआईटी-एम) विश्लेषण करेगा। बाद में सड़क हादसे को रोकने के लिए सड़क में सुधार पर कार्य किया जाएगा।
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