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Deoria News: अमिताभ ठाकुर प्रकरण में विवेचक को प्रगति रिपोर्ट देने का नोटिस जारी
Fri, 07 Aug 2026 12:22 AM IST
गोरखपुर ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, देवरिया
संवाद न्यूज एजेंसी, देवरिया
Updated Fri, 07 Aug 2026 12:22 AM IST
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देवरिया। पूर्व आईजी अमिताभ ठाकुर के प्रकरण में बृहस्पतिवार को एसजीएम कोर्ट में सुनवाई हुई। विवेचक प्रगति रिपोर्ट के साथ प्रस्तुत नहीं हुए और न ही अधीनस्थ को प्रगति रिपोर्ट के साथ कोर्ट में भेजा। इस पर विवेचक सोबरन सिंह को कोर्ट में 11 अगस्त तक उपस्थित होकर प्रगति रिपोर्ट प्रस्तुत करने का नोटिस जारी किया गया है।
कोर्ट में अमिताभ ठाकुर की ओर से प्रस्तुत प्रार्थना पत्र में कहा गया था कि एफआईआर दर्ज हुए 10 माह बीत जाने के बावजूद विवेचना पूरी नहीं हुई है और पुलिस ने अंंतिम रिपोर्ट भी कोर्ट में प्रस्तुत नहीं की है।
अधिवक्ता ने बताया कि अमिताभ ठाकुर की ओर से एक अन्य प्रार्थना पत्र भी प्रस्तुत किया गया है। इसमें घटना और विवेचना से संबंधित समकालीन सार्वजनिक अभिलेखों तथा अन्य महत्वपूर्ण साक्ष्यों के संरक्षण की मांग की गई है। इस आवेदन पर भी कोर्ट ने विवेचक से 11 अगस्त तक आख्या प्रस्तुत करने के निर्देश दिए हैं। अमिताभ ठाकुर का आरोप है कि विवेचना के दौरान गंभीर प्रक्रियागत अनियमितताएं की गई हैं। उन्हें आशंका है कि यदि कोर्ट समय रहते हस्तक्षेप नहीं करता तो मामले से जुड़े महत्वपूर्ण अभिलेख एवं साक्ष्य नष्ट, परिवर्तित अथवा अनुपलब्ध किए जा सकते हैं।
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अमिताभ ठाकुर एवं उनकी पत्नी डॉ. नूतन ठाकुर के विरुद्ध 12 सितंबर 2025 को शहर के पुरवां औद्यौगिक क्षेत्र में नाम में हेरफेर कर औद्योगिक भूखंड आवंटित कराने के आरोप में प्राथमिकी दर्ज की गई है। इसी मामले में अमिताभ ठाकुर को 10 दिसंबर 2025 को गिरफ्तार कर करीब दो महीने तक देवरिया जिला कारागार में निरुद्ध रखा गया था।
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कोर्ट में अमिताभ ठाकुर की ओर से प्रस्तुत प्रार्थना पत्र में कहा गया था कि एफआईआर दर्ज हुए 10 माह बीत जाने के बावजूद विवेचना पूरी नहीं हुई है और पुलिस ने अंंतिम रिपोर्ट भी कोर्ट में प्रस्तुत नहीं की है।
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अधिवक्ता ने बताया कि अमिताभ ठाकुर की ओर से एक अन्य प्रार्थना पत्र भी प्रस्तुत किया गया है। इसमें घटना और विवेचना से संबंधित समकालीन सार्वजनिक अभिलेखों तथा अन्य महत्वपूर्ण साक्ष्यों के संरक्षण की मांग की गई है। इस आवेदन पर भी कोर्ट ने विवेचक से 11 अगस्त तक आख्या प्रस्तुत करने के निर्देश दिए हैं। अमिताभ ठाकुर का आरोप है कि विवेचना के दौरान गंभीर प्रक्रियागत अनियमितताएं की गई हैं। उन्हें आशंका है कि यदि कोर्ट समय रहते हस्तक्षेप नहीं करता तो मामले से जुड़े महत्वपूर्ण अभिलेख एवं साक्ष्य नष्ट, परिवर्तित अथवा अनुपलब्ध किए जा सकते हैं।
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अमिताभ ठाकुर एवं उनकी पत्नी डॉ. नूतन ठाकुर के विरुद्ध 12 सितंबर 2025 को शहर के पुरवां औद्यौगिक क्षेत्र में नाम में हेरफेर कर औद्योगिक भूखंड आवंटित कराने के आरोप में प्राथमिकी दर्ज की गई है। इसी मामले में अमिताभ ठाकुर को 10 दिसंबर 2025 को गिरफ्तार कर करीब दो महीने तक देवरिया जिला कारागार में निरुद्ध रखा गया था।