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Deoria News: रुक-रुककर हुई रिमझिम बारिश, हल्की उमस बरकरार
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दो दिनों से हो रही बारिश तापमान में भी आई गिरावट
संवाद न्यूज एजेंसी
देवरिया। जिले में दो दिन से रुक-रुककर हो रही रिमझिम बारिश के बाद से मौसम का मिजाज पूरी तरह बदल गया है। बारिश के कारण बीते हफ्ते के मुकाबले तापमान में गिरावट आई है। शनिवार को पारा 31 डिग्री सेल्सियस रहा, लेकिन उमस भी बरकरार रही। दोपहर में शहर सहित कई स्थानों पर बारिश हुई।
इससे सड़कें तरबतर हो गईं। कुछ समय के लिए गर्मी से राहत मिली। बाद में उमस से सभी बेचैन होते रहे। कृषि विशेषज्ञ आगामी दस दिनों तक बारिश होने का पूर्वानुमान जता रहे हैं। कृषि विज्ञान केंद्र मल्हना के कृषि वैज्ञानिक डॉ. रजनीश ने बताया कि 10 जुलाई तक पारा 34 से कम रहने का अनुमान है। इस दौरान अच्छी बारिश होगी। बारिश के कारण खेतों में छिपछिप पानी लगा हैं।
जिस कारण किसानों को धान की रोपाई करने में आसानी हो रही है। खासकर छोटे किसान जो किराए की ट्यूबवेल से अपने खेतों की सिंचाई करते हैं। ऐसे किसानों के सिंचाई खर्च में काफी कमी आई है।
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क्षेत्र में 25 फीसद से अधिक धान की रोपाई हो चुकी है। जिन खेतों में धान लगाए जा चुके हैं। उनकी भी पानी की पूर्ति बारिश कर रही है। जिससे बिजली का अतिरिक्त खर्च भी बच रहा है।
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संवाद न्यूज एजेंसी
देवरिया। जिले में दो दिन से रुक-रुककर हो रही रिमझिम बारिश के बाद से मौसम का मिजाज पूरी तरह बदल गया है। बारिश के कारण बीते हफ्ते के मुकाबले तापमान में गिरावट आई है। शनिवार को पारा 31 डिग्री सेल्सियस रहा, लेकिन उमस भी बरकरार रही। दोपहर में शहर सहित कई स्थानों पर बारिश हुई।
इससे सड़कें तरबतर हो गईं। कुछ समय के लिए गर्मी से राहत मिली। बाद में उमस से सभी बेचैन होते रहे। कृषि विशेषज्ञ आगामी दस दिनों तक बारिश होने का पूर्वानुमान जता रहे हैं। कृषि विज्ञान केंद्र मल्हना के कृषि वैज्ञानिक डॉ. रजनीश ने बताया कि 10 जुलाई तक पारा 34 से कम रहने का अनुमान है। इस दौरान अच्छी बारिश होगी। बारिश के कारण खेतों में छिपछिप पानी लगा हैं।
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जिस कारण किसानों को धान की रोपाई करने में आसानी हो रही है। खासकर छोटे किसान जो किराए की ट्यूबवेल से अपने खेतों की सिंचाई करते हैं। ऐसे किसानों के सिंचाई खर्च में काफी कमी आई है।
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क्षेत्र में 25 फीसद से अधिक धान की रोपाई हो चुकी है। जिन खेतों में धान लगाए जा चुके हैं। उनकी भी पानी की पूर्ति बारिश कर रही है। जिससे बिजली का अतिरिक्त खर्च भी बच रहा है।