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Deoria News: घायल सुनीता की कानपुर में इलाज के दौरान मौत, कोमा में है ंपति
Mon, 29 Apr 2024 03:02 AM IST
गोरखपुर ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, देवरिया
संवाद न्यूज एजेंसी, देवरिया
Updated Mon, 29 Apr 2024 03:02 AM IST
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बरहज निवासी और आगरा एक्सप्रेस-वे पर हुए हादसे में घायल मृतका सुनीता देवी का फाइल फोटो संवाद
फोटो समाचार
23 अप्रैल को आगरा एक्सप्रेस-वे पर हुआ था हादसा
गृह प्रवेश कार्यक्रम में परिवार के साथ जा रही थीं नोएडा
संवाद न्यूज एजेंसी
बरहज। आगरा एक्सप्रेस-वे पर 23 अप्रैल की सुबह कन्नौज के निकट आलू लदे ट्रक और बस की आमने-सामने टक्कर हो गई थी। इसमें गाजीपुर के किसौरी गांव निवासी सुनीता (42) और उनके पति संजय सिंह चौहान सहित नौ लोग घायल हो गए थे। शनिवार की देर रात कानपुर के एक अस्पताल में इलाज के दौरान सुनीता की मौत हो गई। उनके पति संजय अभी कोमा में हैं। सुनीता की मौत की जानकारी होने पर ससुराल गाजीपुर के किसौरी के अलावा मायका बरहज में सन्नाटा पसर गया है।
कानपुर के एक अस्पताल में सुनीता की मौत की जानकारी होने पर मां मनोरमा देवी और पिता सुभाष बदहवास हो गए। जबकि बच्चे श्रुति, सुमित और करन दहाड़ें मारने लगे। रविवार को परिवार वालों ने सुनीता का लखनऊ में दाह-संस्कार कर दिया। पत्नी की मौत से घायल पति संजय कोमा में होने के कारण अनभिज्ञ हैं। घटना को लेकर सभी हतप्रभ हैं।
नगर के तिवारीपुर वार्ड निवासी सुभाष चौहान पुत्र गब्बू के मकान का गृहप्रवेश कार्यक्रम तय था। इसको लेकर सुभाष का परिवार और रिश्तेदार के लोग 22 अप्रैल को गोरखपुर से एसी बस से नोएडा जा रहे थे। लोगों के अनुसार, आगरा एक्सप्रेस-वे पर कन्नौज के पास बस पहुंची थी। इसी बीच बस अनियंत्रित हो गई। जो डिवाइडर से टकराकर विपरीत दिशा से आ रहे आलू लदे ट्रक से टकरा गई।
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इसमें बस में सवार सुभाष चौहान के अलावा उनकी पत्नी मनोरमा देवी, पुत्री सुनीता, दामाद संजय, पुत्र रवि, बहू रीता, पौत्र रणवीर, राजबीर, पौत्री रिद्धिमा घायल हो गए। इनमें संजय की हालत अब भी नाजुक बनी हुई है।
इंसेट में-
डोली में बेटी को विदा करने की हसरत रह गई अधूरी
बरहज। आगरा एक्सप्रेस-वे पर हुए हादसे में घायल सुनीता की मौत ने सभी को झकझोर दिया है। जबकि उनके पति संजय अब भी जिंदगी और मौत से लड़ रहे हैं। सुनीता अपनी बड़ी पुत्री श्रुति की शादी कर उसे डोली में विदा करना चाहती थी। उसके रिश्ते की बात चल रही थी। उसे क्या पता था कि ईश्वर को कुछ और ही मंजूर है।
बरहज के तिवारीपुर वार्ड निवासी सुभाष चौहान की पुत्री सुनीता की शादी 1998 में गाजीपुर के किसौहा गांव निवासी स्व. रामचंद्र के पुत्र संजय सिंह चौहान से हुई थी। इनसे तीन संतानें श्रुति, सुमित और करन हैं। परिजनों के अनुसार, सुनीता अपनी बड़ी पुत्री श्रुति की शादी धूमधाम से करने की बात कहती थी। उसके लिए पति से अच्छा सा रिश्ता ढूंढ़ने के लिए कहती थी। श्रुति की शादी की कहीं बात भी चल रही है। लेकिन होनी को कौन टाल सकता है। हादसे के आठ दिन बाद सुनीता जिंदगी की लड़ाई हार गई।
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23 अप्रैल को आगरा एक्सप्रेस-वे पर हुआ था हादसा
गृह प्रवेश कार्यक्रम में परिवार के साथ जा रही थीं नोएडा
संवाद न्यूज एजेंसी
बरहज। आगरा एक्सप्रेस-वे पर 23 अप्रैल की सुबह कन्नौज के निकट आलू लदे ट्रक और बस की आमने-सामने टक्कर हो गई थी। इसमें गाजीपुर के किसौरी गांव निवासी सुनीता (42) और उनके पति संजय सिंह चौहान सहित नौ लोग घायल हो गए थे। शनिवार की देर रात कानपुर के एक अस्पताल में इलाज के दौरान सुनीता की मौत हो गई। उनके पति संजय अभी कोमा में हैं। सुनीता की मौत की जानकारी होने पर ससुराल गाजीपुर के किसौरी के अलावा मायका बरहज में सन्नाटा पसर गया है।
कानपुर के एक अस्पताल में सुनीता की मौत की जानकारी होने पर मां मनोरमा देवी और पिता सुभाष बदहवास हो गए। जबकि बच्चे श्रुति, सुमित और करन दहाड़ें मारने लगे। रविवार को परिवार वालों ने सुनीता का लखनऊ में दाह-संस्कार कर दिया। पत्नी की मौत से घायल पति संजय कोमा में होने के कारण अनभिज्ञ हैं। घटना को लेकर सभी हतप्रभ हैं।
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नगर के तिवारीपुर वार्ड निवासी सुभाष चौहान पुत्र गब्बू के मकान का गृहप्रवेश कार्यक्रम तय था। इसको लेकर सुभाष का परिवार और रिश्तेदार के लोग 22 अप्रैल को गोरखपुर से एसी बस से नोएडा जा रहे थे। लोगों के अनुसार, आगरा एक्सप्रेस-वे पर कन्नौज के पास बस पहुंची थी। इसी बीच बस अनियंत्रित हो गई। जो डिवाइडर से टकराकर विपरीत दिशा से आ रहे आलू लदे ट्रक से टकरा गई।
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इसमें बस में सवार सुभाष चौहान के अलावा उनकी पत्नी मनोरमा देवी, पुत्री सुनीता, दामाद संजय, पुत्र रवि, बहू रीता, पौत्र रणवीर, राजबीर, पौत्री रिद्धिमा घायल हो गए। इनमें संजय की हालत अब भी नाजुक बनी हुई है।
इंसेट में-
डोली में बेटी को विदा करने की हसरत रह गई अधूरी
बरहज। आगरा एक्सप्रेस-वे पर हुए हादसे में घायल सुनीता की मौत ने सभी को झकझोर दिया है। जबकि उनके पति संजय अब भी जिंदगी और मौत से लड़ रहे हैं। सुनीता अपनी बड़ी पुत्री श्रुति की शादी कर उसे डोली में विदा करना चाहती थी। उसके रिश्ते की बात चल रही थी। उसे क्या पता था कि ईश्वर को कुछ और ही मंजूर है।
बरहज के तिवारीपुर वार्ड निवासी सुभाष चौहान की पुत्री सुनीता की शादी 1998 में गाजीपुर के किसौहा गांव निवासी स्व. रामचंद्र के पुत्र संजय सिंह चौहान से हुई थी। इनसे तीन संतानें श्रुति, सुमित और करन हैं। परिजनों के अनुसार, सुनीता अपनी बड़ी पुत्री श्रुति की शादी धूमधाम से करने की बात कहती थी। उसके लिए पति से अच्छा सा रिश्ता ढूंढ़ने के लिए कहती थी। श्रुति की शादी की कहीं बात भी चल रही है। लेकिन होनी को कौन टाल सकता है। हादसे के आठ दिन बाद सुनीता जिंदगी की लड़ाई हार गई।