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Deoria News: कमाई के चक्कर में सड़कों पर अंधेरा, यूनिपोल प्रकाश व्यवस्था में बन रहे बाधक

Sat, 07 Sep 2024 03:00 AM IST
Gorakhpur Bureau गोरखपुर ब्यूरो
Updated Sat, 07 Sep 2024 03:00 AM IST
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In the pursuit of earning, there is darkness on the roads, Unipoles are creating obstacles in the lighting system.
सिविल लाइंस रोड पर लगे लाईट पर होर्डिग के कारण रात में छाया रहता है अंंधेरा संवाद
- नगर पालिका ने चौपट की प्रकाश की व्यवस्था, पीडब्ल्यूडी ने प्रकाश के लिए डिवाइडर के बीच में छोड़ी थी जगह
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- नगर पालिका ने कमाई के लिए लगवा दिए यूनिपोल
संवाद न्यूज एजेंसी
देवरिया। शहर के मुख्य मार्ग देवरिया-गोरखपुर सहित अन्य मार्ग को दूधिया रोशनी से प्रकाशमय करने के लिए नगर पालिका ने पुरवा चौराहे से रुद्रपुर मोड़ तक डिवाइडर के बीच जगह-जगह स्ट्रीट लाइट लगवाई थी, लेकिन कमाई के चक्कर में स्ट्रीट लाइट वाली जगह से सटकर यूनिपोल नगर पालिका ने लगवा दिए। ऐसे में शाम ढलते ही सड़क के किनारे वाले हिस्से दूधिया रोशनी से जगमग रहते हैं, लेकिन बीच में पर्याप्त रोशनी न होने से राहगीरों को दिक्कतें उठानी पड़ती हैं।
करीब चार साल पहले देवरिया-गोरखपुर मुख्य मार्ग फोरलेन बनाने के साथ पीडब्ल्यूडी ने प्रकाश व्यवस्था के इंतजाम को भी ध्यान में रखा। हर 50 मीटर पर डिवाइडर के बीच में प्रकाश पोल लगाने के लिए जगह छोड़ दी थी। ताकि दोनों लेन की प्रकाश व्यवस्था सुचारु हो सके। डिवाईडर का निर्माण हुआ तो नगर पालिका ने आय के रास्ते तलाश लिए। नगर पालिका ने प्रकाश के लिए छोड़ी गई जगहों पर यूनिपोल लगाने के लिए फर्मों को आवंटित करना शुरू कर दिया।
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इसी बीच वर्ष 2019 में ईईएसएल ने शहर में प्रकाश व्यवस्था की जिम्मेदारी संभाली। विज्ञापनों से आय प्रभावित होने का हवाला देते हुए नगर पालिका ने कंपनी कर्मचारियों से फोरलेन किनारे स्थित विद्युत पोल पर स्ट्रीट लाइट लगवा दी। 110 वाट की यह लाइटें लेन से दूर होने के कारण पर्याप्त रोशनी नहीं दे पा रही हैं।
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नंबरिंग न होने से पता नहीं चलता कौन है अवैध
शहर में करीब 73 यूनिपोल लगवाने के लिए नगर पालिका ने जगह आवंटित की है। इसके अलावा दो दर्जन से अधिक होर्डिंग के लिए भी अनुमति दी गई है, लेकिन अवैध यूनिपोल या होर्डिंग की पहचान के लिए नगर पालिका ने कोई ठोस कदम नहीं उठाया है। नंबरिंग नहीं होने के कारण अवैध होर्डिंग का पता नहीं चल पाता।
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ऐसा है यूनिपोल का कारोबार
नगर पालिका प्रत्येक यूनिपोल से सालाना करीब 22500 रुपये टैक्स वसूलती है। शहर में लगे कुल 73 यूनिपोल से 20 से 22 लाख रुपये सालाना राजस्व प्राप्त होता है। अन्य विज्ञापन मद से पांच से छह लाख की आय होती है। यूनिपोल के ठेकेदार हर माह लगभग 15 हजार रुपये किराए पर यूनिपोल की बुकिंग करते हैं। कभी-कभार बुकिंग कम होने से आय प्रभावित भी होती है। कई ठेकेदारों ने दर्जन भर से अधिक यूनिपोल व होर्डिंग शहर में लगवाए हैं।

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यूनिपोल के चलते डिवाइडर के बीच में लगे प्रकाश पोल का प्रकाश एक तरफ नहीं जा रहा है, तो जरूरत के अनुसार यूनिपोल हटवाया जाएगा या प्रकाश के लिए व्यवस्था की जाएगी। किसी सूरत में सड़कों पर अंधेरा नहीं रहेगा।
-संजय कुमार तिवारी, ईओ, नगर पालिका परिषद, देवरिया
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