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Deoria News: नियम तोड़ा तो 18 नहीं, 25 साल की उम्र में बनेगा डीएल
Sat, 06 Jan 2024 12:29 AM IST
गोरखपुर ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, देवरिया
संवाद न्यूज एजेंसी, देवरिया
Updated Sat, 06 Jan 2024 12:29 AM IST
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देवरिया। अप्रशिक्षित हाथों में स्टेयरिंग से बढ़ रहे हादसों पर सख्ती से अंकुश लगाने के लिए जिले के सभी माध्यमिक स्कूलों में रोड सेफ्टी क्लब की स्थापना की जाएगी। इसके अलावा स्कूल के साथ ही सार्वजनिक स्थानों पर वाहन चलाते पकड़े जाने पर नाबालिगों के लाइसेंस 18 नहीं बल्कि 25 वर्ष की उम्र पार करने पर ही बनेंगे।
अब 18 साल से कम उम्र के किशोर स्कूटी-कार नहीं चला सकें, इसके लिए उन्हें स्कूल स्तर पर ही जागरुक किया जाएगा। शासन ने इस मामले में डीआईओएस को आवश्यक कार्यवाही करने का निर्देश दिया है। इसके तहत परिवहन विभाग की मदद से माध्यमिक विद्यालयों में विद्यार्थियों को जागरूक किया जाएगा। इंटर तक के सभी कॉलेजों में रोड सेफ्टी क्लब का गठन होगा। निगरानी के लिए एक शिक्षक को नोडल बनाकर परिवहन विभाग प्रशिक्षित करेगा। विद्यालय के हर एक कक्षा से एक-एक छात्र को रोड सेफ्टी कैप्टन नियुक्त किया जाएगा।
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सड़क सुरक्षा के लिए लगेगी कक्षा
विद्यालय में एक क्लास सड़क सुरक्षा की जानकारी पर भी लगेगी। हर विद्यालय में एक शिक्षक को नोडल बनाकर परिवहन विभाग के सहयोग से ऑनलाइव व ऑफलाइन प्रशिक्षण भी दिया जाएगा। रोड सेफ्टी क्लब के गठन के लिए स्कलों को पांच-पांच हजार और दीवारों पर यातायात नियम व स्लोगन लिखवाने के लिए भी प्रति विद्यालय पांच सौ रुपये मिलेंगे। नियमों के उल्लंघन पर ऐसे छात्र के वाहन का पंजीकरण एक साल के लिए निरस्त होगा। अपराध में शामिल किशोर बालिग होने के सात साल बाद यानी 25 वर्ष की उम्र में ही लाइसेंस बनवा सकेंगे।
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स्पीकअप
स्कूलों में रोड सेफ्टी क्लब की स्थापना अच्छी पहल है। जरुरत है कि इसे अच्छे से लागू किया जाए। हम अभिभावकों की जिम्मेदारी हैं कि 18 वर्ष की उम्र के पहले पाल्यों को वाहन चलाने की अनुमति न दें। -दीनदयाल बरनवाल, अभिभावक
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कोट
रोड सेफ्टी क्लब की स्थापना के लिए माध्यमिक शिक्षा निदेशक का पत्र आया है। इसके लिए एक शिक्षक को नोडल बनाया जाएगा। इसके अलावा कक्षा का मानीटर हर छात्र को सड़क सुरक्षा व यातायात नियमों की सीख देगा। -पीके शर्मा, प्रधानाचार्य, जीआईसी
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यातायात विभाग के सहयोग के जरिए स्कूलों में रोड सेफ्टी क्लब की स्थापना कराकर निर्देशों का पालन कराया जाएगा। माध्यमिक स्कूलों में नियमों का पालन हो रहा है कि नहीं इसकी समय-समय पर जांच कराई जाएगी। -.वीरेंद्र प्रताप सिंह, जिला विद्यालय निरीक्षक
नियमों के मुताबिक 16 वर्ष की आयु तक कोई वाहन न चलाने और 18 वर्ष तक की आयु के किशोर को 50 सीसी से अधिक क्षमता के वाहन चलाने पर प्रतिबंध है। ऐसे किशोरों को वाहन देने वाले स्वामियों को तीन साल की सजा और 25 हजार रुपये जुर्माना से दंडित किए जाने का प्रावधान है। -आशुतोष शुक्ला, एआरटीओ
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अब 18 साल से कम उम्र के किशोर स्कूटी-कार नहीं चला सकें, इसके लिए उन्हें स्कूल स्तर पर ही जागरुक किया जाएगा। शासन ने इस मामले में डीआईओएस को आवश्यक कार्यवाही करने का निर्देश दिया है। इसके तहत परिवहन विभाग की मदद से माध्यमिक विद्यालयों में विद्यार्थियों को जागरूक किया जाएगा। इंटर तक के सभी कॉलेजों में रोड सेफ्टी क्लब का गठन होगा। निगरानी के लिए एक शिक्षक को नोडल बनाकर परिवहन विभाग प्रशिक्षित करेगा। विद्यालय के हर एक कक्षा से एक-एक छात्र को रोड सेफ्टी कैप्टन नियुक्त किया जाएगा।
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सड़क सुरक्षा के लिए लगेगी कक्षा
विद्यालय में एक क्लास सड़क सुरक्षा की जानकारी पर भी लगेगी। हर विद्यालय में एक शिक्षक को नोडल बनाकर परिवहन विभाग के सहयोग से ऑनलाइव व ऑफलाइन प्रशिक्षण भी दिया जाएगा। रोड सेफ्टी क्लब के गठन के लिए स्कलों को पांच-पांच हजार और दीवारों पर यातायात नियम व स्लोगन लिखवाने के लिए भी प्रति विद्यालय पांच सौ रुपये मिलेंगे। नियमों के उल्लंघन पर ऐसे छात्र के वाहन का पंजीकरण एक साल के लिए निरस्त होगा। अपराध में शामिल किशोर बालिग होने के सात साल बाद यानी 25 वर्ष की उम्र में ही लाइसेंस बनवा सकेंगे।
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स्कूलों में रोड सेफ्टी क्लब की स्थापना अच्छी पहल है। जरुरत है कि इसे अच्छे से लागू किया जाए। हम अभिभावकों की जिम्मेदारी हैं कि 18 वर्ष की उम्र के पहले पाल्यों को वाहन चलाने की अनुमति न दें। -दीनदयाल बरनवाल, अभिभावक
कोट
रोड सेफ्टी क्लब की स्थापना के लिए माध्यमिक शिक्षा निदेशक का पत्र आया है। इसके लिए एक शिक्षक को नोडल बनाया जाएगा। इसके अलावा कक्षा का मानीटर हर छात्र को सड़क सुरक्षा व यातायात नियमों की सीख देगा। -पीके शर्मा, प्रधानाचार्य, जीआईसी
यातायात विभाग के सहयोग के जरिए स्कूलों में रोड सेफ्टी क्लब की स्थापना कराकर निर्देशों का पालन कराया जाएगा। माध्यमिक स्कूलों में नियमों का पालन हो रहा है कि नहीं इसकी समय-समय पर जांच कराई जाएगी। -.वीरेंद्र प्रताप सिंह, जिला विद्यालय निरीक्षक
नियमों के मुताबिक 16 वर्ष की आयु तक कोई वाहन न चलाने और 18 वर्ष तक की आयु के किशोर को 50 सीसी से अधिक क्षमता के वाहन चलाने पर प्रतिबंध है। ऐसे किशोरों को वाहन देने वाले स्वामियों को तीन साल की सजा और 25 हजार रुपये जुर्माना से दंडित किए जाने का प्रावधान है। -आशुतोष शुक्ला, एआरटीओ