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ऑटो रिमांड बॉय सिस्टम के जरिये हो रही अपात्रों की पहचान

Thu, 03 Dec 2020 11:15 PM IST
Gorakhpur Bureau गोरखपुर ब्यूरो
Updated Thu, 03 Dec 2020 11:15 PM IST
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Identification of ineligible through auto remand buoy system
ऑटो रिमांड बॉय सिस्टम के जरिये हो रही अपात्रों की पहचान
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देवरिया। प्रधानमंत्री आवास योजना ग्रामीण का लाभ अब अपात्र नहीं ले पाएंगे। ग्राम प्रधान और सेक्रेटरी की मिलीभगत से चल रहे योजना में भ्रष्टाचार पर नकेल कसने के लिए सरकार ने नया साफ्टवेयर तैयार करवाया है। इससे अपात्रों की हकीकत सामने आ ही रही है। जिम्मेदार अधिकरियों की कार्यशैली की कलई भी खुल रही है।
भारत सरकार के ग्रामीण विकास विभाग ने ऑटो रिमांड बॉय सिस्टम के जरिये पीएम आवास योजना (आवास प्लस) के करीब दो सौ अपात्रों की पहचान की है। यह ऐसे लाभार्थी हैं जिनकी पात्रता का परीक्षण सेक्रेटरी, एडीओ और बीडीओ कर चुके हैं। वर्ष 2011 के डाटा के अनुसार जिले के सभी ब्लॉक योजना से संतृप्त हो चुके हैं। छूटे हुए लाभार्थियों को योजना में शामिल करने के लिए वित्तीय वर्ष 2017-18 में पीएम आवास योजना ग्रामीण (आवास प्लस) शुरू किया गया। 14007 लक्ष्य के सापेक्ष आवास प्लस एप पर करीब 26 हजार लाभार्थियों के डाटा अपलोड किए गए। सेक्रेटरी, एडीओ और बीडीओ के दो बार पात्रता परीक्षण के उपरांत सूची से करीब नौ हजार अपात्रों को बाहर किया गया। बाकी बचे 17 हजार लाभार्थियों की सूची की पड़ताल भारत सरकार के ग्रामीण विकास विभाग की ओर से किया जा रहा है।
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ऐसे चिह्नित हो रहे अपात्र
योजना में चयनित लाभार्थियों के आधार नंबर से सरकार उनका पूरा ब्योरा खंगाल रही है। किसके परिवार में कितने वाहन, कृषि उपकरण, कृषि ऋण व उद्योग हैं इन सब का पता ऑटो रिमांड बॉय सिस्टम से चल जा रहा है। कौन सा आवेदक लैंडलाइन फोन इस्तेमाल कर रहा, कौन आयकर दाता है, किसके पास कितनी जमीन है इस जानकारी के आधार पर अपात्रों की छटनी की जा रही है।
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दो गांवों में मिले हैं 138 अपात्र
भारत सरकार के ग्रामीण विकास विभाग की ओर से किए जा रहे पड़ताल में लार ब्लॉक के दो गांवों में 138 लाभार्थी अपात्र मिले हैं। रावतपार अमेठिया में 110 और बभनौली ग्राम पंचायत में 28 अपात्रों के नाम उजागर हुए हैं। इनमें किसी के ऊपर 50 हजार रुपये से अधिक कृषि ऋण है तो किसी के पास पहले से पक्का मकान है। अन्य कारणों से भी कई परिवार अपात्र घोषित हुए हैं।

भारत सरकार की ओर से पीएम आवास योजना आवास प्लस की सूची की पड़ताल की जा रही है। जिले में करीब दो सौ परिवार विभिन्न कारणों से अपात्र मिले हैं। लार ब्लॉक के दो गांवों में 138 अपात्रों की सूची आई है।
- महेश नरायण पांडेय, पीडी डीआरडीए
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