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Deoria News: प्राइमरी स्कूलों के कनेक्शन पर किसका मोबाइल नंबर याद नहीं
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मोबाइल नंबर गलत होने के चलते अधिकांश स्कूलों में बुक नहीं हो पा रहा सिलिंडर
सिलिंडर नहीं मिलने के बाद अब चूल्हे पर बन रहा मध्याह्न भोजन
देवरिया। रसोई गैस सिलिंडरों की किल्लत से घर और दुकान ही नहीं स्कूलों में भी हाहाकार मचा है। दरअसल मध्याह्न भोजन के लिए पंजीकृत 2358 स्कूलों में से आधे से अधिक में रसोई गैस का सिलिंडर खत्म हो चुका है और नए सिलिंडरों की बुकिंग भी नहीं हो पा रही है। इसकी बड़ी वजह यह कि इन स्कूलों के कनेक्शन पर मोबाइल नंबर ही अपडेट नहीं है। अध्यापक भी एजेंसी का चक्कर काट रहे हैं।
स्कूलों में मध्याह्न भोजन के लिए रसोई गैस का घरेलू कनेक्शन ही है। एक प्रधानाध्यापक ने बताया कि कनेक्शन स्कूल के नाम से है, जिस पर मोबाइल नंबर प्रधानाध्यापक का दर्ज है। तमाम जगह प्रधानाध्यापक बदल गए, लेकिन मोबाइल नंबर नहीं बदला। वहीं कुछ ऐसे भी हेडमास्टर थे, जिन्होंने अपने बजाय अपने स्कूल के शिक्षा मित्र, रसोइया या सहायक अध्यापक का मोबाइल नंबर फीड करवा दिया था। इन कनेक्शनों की ई केवाईसी अपडेट नहीं हुई है। ऐसे में जब सिलिंडरों की बुकिंग अनिवार्य हुई तो दिक्कत आने लगी।
रसोई गैस संकट से जूझ रहे हेडमास्टरों ने कई जगह चूल्हे का इंतजाम किया है। लार ब्लॉक में बीईओ ने सभी हेडमास्टरों को निर्देश दिया है कि जब तक स्थिति सामान्य न हो जाए, तब तक एमडीएम के लिए लकड़ी का चूल्हा बना लें।
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संकट गहराया तो अब स्कूलों के हेडमास्टर भी एजेंसी के दफ्तर पहुंचकर अपनी तरफ से ई केवाईसी अपडेट करा रहे हैं। वहीं प्रभारी बीएसए ने भी सभी एजेंसियों को पत्र भेजकर सिलिंडर उपलब्ध कराने का आग्रह किया है।
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सिलिंडर नहीं मिलने के बाद अब चूल्हे पर बन रहा मध्याह्न भोजन
देवरिया। रसोई गैस सिलिंडरों की किल्लत से घर और दुकान ही नहीं स्कूलों में भी हाहाकार मचा है। दरअसल मध्याह्न भोजन के लिए पंजीकृत 2358 स्कूलों में से आधे से अधिक में रसोई गैस का सिलिंडर खत्म हो चुका है और नए सिलिंडरों की बुकिंग भी नहीं हो पा रही है। इसकी बड़ी वजह यह कि इन स्कूलों के कनेक्शन पर मोबाइल नंबर ही अपडेट नहीं है। अध्यापक भी एजेंसी का चक्कर काट रहे हैं।
स्कूलों में मध्याह्न भोजन के लिए रसोई गैस का घरेलू कनेक्शन ही है। एक प्रधानाध्यापक ने बताया कि कनेक्शन स्कूल के नाम से है, जिस पर मोबाइल नंबर प्रधानाध्यापक का दर्ज है। तमाम जगह प्रधानाध्यापक बदल गए, लेकिन मोबाइल नंबर नहीं बदला। वहीं कुछ ऐसे भी हेडमास्टर थे, जिन्होंने अपने बजाय अपने स्कूल के शिक्षा मित्र, रसोइया या सहायक अध्यापक का मोबाइल नंबर फीड करवा दिया था। इन कनेक्शनों की ई केवाईसी अपडेट नहीं हुई है। ऐसे में जब सिलिंडरों की बुकिंग अनिवार्य हुई तो दिक्कत आने लगी।
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रसोई गैस संकट से जूझ रहे हेडमास्टरों ने कई जगह चूल्हे का इंतजाम किया है। लार ब्लॉक में बीईओ ने सभी हेडमास्टरों को निर्देश दिया है कि जब तक स्थिति सामान्य न हो जाए, तब तक एमडीएम के लिए लकड़ी का चूल्हा बना लें।
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संकट गहराया तो अब स्कूलों के हेडमास्टर भी एजेंसी के दफ्तर पहुंचकर अपनी तरफ से ई केवाईसी अपडेट करा रहे हैं। वहीं प्रभारी बीएसए ने भी सभी एजेंसियों को पत्र भेजकर सिलिंडर उपलब्ध कराने का आग्रह किया है।