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Deoria News: निलंबित लेखपाल की तैयार की जा रही कुंडली, हो सकती है बड़ी कार्रवाई
Sat, 23 Aug 2025 12:39 AM IST
गोरखपुर ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, देवरिया
संवाद न्यूज एजेंसी, देवरिया
Updated Sat, 23 Aug 2025 12:39 AM IST
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संवाद न्यूज एजेंसी
बरहज। भलुअनी क्षेत्र के बहोर धनौती गांव में वर्ष 2019 में राजस्व अधिकारियों और कर्मचारियों द्वारा 34 लोगों को सरकारी जमीन का पट्टा किए जाने का मामला सामने आया है। प्रकरण की जानकारी होने पर डीएम दिव्या मित्तल ने पट्टे निरस्त करते हुए रिपोर्ट मांगी है।
मामले में प्रभारी कानूनगो रहे निलंबित लेखपाल शमशुल हक की कुंडली भी तैयार की जा रही है। इन पर बड़ी कार्रवाई की कवायद की जा रही है। बताया जा रहा है कि अन्य दागी राजस्वकर्मियों के अलावा फर्जी तरीके से पट्टा कराने वालों पर भी कार्रवाई की प्रक्रिया शुरू कर दी गई है।
मुख्यमंत्री आदित्यनाथ योगी के पुरोहित रामानुज तिवारी के गांव बहोर धनौती गांव में 2019 में एसडीएम रामविलास राम के कार्यकाल में तत्कालीन तहसीलदार योगेंद्र प्रसाद, लेखपाल गिरधारी लाल और प्रभारी कानूनगो रहे निलंबित लेखपाल शमशुल हक द्वारा सरकारी जमीन के पट्टे की प्रक्रिया पूर्ण करते हुए 34 लोगों का नाम दर्ज कर दिया गया। इसमें सभी अपात्र बताये जा रहे हैं।
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दागी राजस्वकर्मियों द्वारा किए गए खेल का भंडाफोड़ होने पर एक बार फिर विभाग पर सवाल खड़े होने लगे हैं। हालांकि, दो माह पूर्व लेखपाल शमशुल हक का रिश्वत लेते हुए का एक वीडियो वायरल हुआ था।
इस पर एसडीएम विपिन कुमार द्विवेदी ने उन्हें निलंबित कर दिया था। बताया जा रहा है कि प्रकरण में एक बार फिर शमशुल का नाम आने पर तहसील प्रशासन उन पर बड़ी कार्रवाई करने की तैयारी में है। एसडीएम विपिन कुमार द्विवेदी ने बताया कि जांच चल रही है। जल्द ही परिणाम सामने आ जाएगा।
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बरहज। भलुअनी क्षेत्र के बहोर धनौती गांव में वर्ष 2019 में राजस्व अधिकारियों और कर्मचारियों द्वारा 34 लोगों को सरकारी जमीन का पट्टा किए जाने का मामला सामने आया है। प्रकरण की जानकारी होने पर डीएम दिव्या मित्तल ने पट्टे निरस्त करते हुए रिपोर्ट मांगी है।
मामले में प्रभारी कानूनगो रहे निलंबित लेखपाल शमशुल हक की कुंडली भी तैयार की जा रही है। इन पर बड़ी कार्रवाई की कवायद की जा रही है। बताया जा रहा है कि अन्य दागी राजस्वकर्मियों के अलावा फर्जी तरीके से पट्टा कराने वालों पर भी कार्रवाई की प्रक्रिया शुरू कर दी गई है।
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मुख्यमंत्री आदित्यनाथ योगी के पुरोहित रामानुज तिवारी के गांव बहोर धनौती गांव में 2019 में एसडीएम रामविलास राम के कार्यकाल में तत्कालीन तहसीलदार योगेंद्र प्रसाद, लेखपाल गिरधारी लाल और प्रभारी कानूनगो रहे निलंबित लेखपाल शमशुल हक द्वारा सरकारी जमीन के पट्टे की प्रक्रिया पूर्ण करते हुए 34 लोगों का नाम दर्ज कर दिया गया। इसमें सभी अपात्र बताये जा रहे हैं।
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दागी राजस्वकर्मियों द्वारा किए गए खेल का भंडाफोड़ होने पर एक बार फिर विभाग पर सवाल खड़े होने लगे हैं। हालांकि, दो माह पूर्व लेखपाल शमशुल हक का रिश्वत लेते हुए का एक वीडियो वायरल हुआ था।
इस पर एसडीएम विपिन कुमार द्विवेदी ने उन्हें निलंबित कर दिया था। बताया जा रहा है कि प्रकरण में एक बार फिर शमशुल का नाम आने पर तहसील प्रशासन उन पर बड़ी कार्रवाई करने की तैयारी में है। एसडीएम विपिन कुमार द्विवेदी ने बताया कि जांच चल रही है। जल्द ही परिणाम सामने आ जाएगा।