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लोक माधुरी पुस्तक का विमोचन हुआ
ब्यूरो/अमर उजाला देवरिया
Updated Mon, 11 Jul 2016 12:28 AM IST
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पुस्तक का विमोचन
- फोटो : अमर उजाला
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जिला पंचायत सभागार में जिलाधिकारी अनिता श्रीवास्तव ने सौदागर सिंह की पुस्तक लोक माधुुरी का विमोचन किया। डीएम ने भोजपुरी को अगाध प्रेम की भाषा बताया।
विमोचन कार्यक्रम को संबोधित करते हुए जिलाधिकारी अनिता श्रीवास्तव ने कहा कि भोजभुरी भाषा में मिठास होता है। भोजुपरी भाषा में प्रकाशित इस पुस्तक में लोक संस्कृतियों और लोक रंगों का सम्मिश्रण मिलेगा। सामाजिक सरोकारों से लेकर क्षेत्रीय लोक परंपराओं को शामिल कर इस पुस्तक की रचना की गई है। इसमें सभी कृतियां छंदवद्ध और रागयुक्त हैं। विशिष्ट अतिथि डॉ. रवींद्र श्रीवास्तव जुगानी भाई ने कहा कि इस पुस्तक में इस जिले की विशेषताओं को जोड़ते हुए यहां की विशिष्टताओं को गिनाया गया है। डॉ. दिवाकर प्रसाद तिवारी ने कहा कि इस पुस्तक में लोक परंपराओं और भोजुपरी के इतिहास पर प्रकाश डाला गया है। डॉ. प्रेमशीला शुक्ला ने इस पुस्तक की विशेषताओं को गिनाया। समारोह की अध्यक्षता कर रहे डॉ. अरुणेश नीरन ने कहा कि यह भोजपुरी के लिए विशेष उपलब्धि है। सौदागर सिंह की यह रचना उत्कृष्ट, जनोपयोगी और प्रेरणादायी है। इससे पूर्व कार्यक्रम की शुरूआत मुख्य अतिथि और अन्य अतिथियों ने दीप प्रज्वलित कर किया। पुस्तक के रचयिता सौदागर सिंह ने इस पुस्तक की रचना के बारे में बताया। इस अवसर पर सुमन दुबे, रवींद्र प्रताप, इंद्र कुमार दीक्षित, डॉ. मिथिलेश सिंह, संजय श्रीवास्तव, बीएन सिंह, रवींद्र मोहन त्रिपाठी आदि मौजूद रहे। कार्यक्रम का संचालन कैप्टन वीरेंद्र सिंह ने किया।
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विमोचन कार्यक्रम को संबोधित करते हुए जिलाधिकारी अनिता श्रीवास्तव ने कहा कि भोजभुरी भाषा में मिठास होता है। भोजुपरी भाषा में प्रकाशित इस पुस्तक में लोक संस्कृतियों और लोक रंगों का सम्मिश्रण मिलेगा। सामाजिक सरोकारों से लेकर क्षेत्रीय लोक परंपराओं को शामिल कर इस पुस्तक की रचना की गई है। इसमें सभी कृतियां छंदवद्ध और रागयुक्त हैं। विशिष्ट अतिथि डॉ. रवींद्र श्रीवास्तव जुगानी भाई ने कहा कि इस पुस्तक में इस जिले की विशेषताओं को जोड़ते हुए यहां की विशिष्टताओं को गिनाया गया है। डॉ. दिवाकर प्रसाद तिवारी ने कहा कि इस पुस्तक में लोक परंपराओं और भोजुपरी के इतिहास पर प्रकाश डाला गया है। डॉ. प्रेमशीला शुक्ला ने इस पुस्तक की विशेषताओं को गिनाया। समारोह की अध्यक्षता कर रहे डॉ. अरुणेश नीरन ने कहा कि यह भोजपुरी के लिए विशेष उपलब्धि है। सौदागर सिंह की यह रचना उत्कृष्ट, जनोपयोगी और प्रेरणादायी है। इससे पूर्व कार्यक्रम की शुरूआत मुख्य अतिथि और अन्य अतिथियों ने दीप प्रज्वलित कर किया। पुस्तक के रचयिता सौदागर सिंह ने इस पुस्तक की रचना के बारे में बताया। इस अवसर पर सुमन दुबे, रवींद्र प्रताप, इंद्र कुमार दीक्षित, डॉ. मिथिलेश सिंह, संजय श्रीवास्तव, बीएन सिंह, रवींद्र मोहन त्रिपाठी आदि मौजूद रहे। कार्यक्रम का संचालन कैप्टन वीरेंद्र सिंह ने किया।
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