{"_id":"5f72257e8ebc3e9b7d3fd9b7","slug":"heart-pasient-careful-corona-deoria-news-gkp367315939","type":"story","status":"publish","title_hn":"हृदय रोगी कोरोना से रहें सावधान, स्वास्थ्य का रखें ध्यान","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
हृदय रोगी कोरोना से रहें सावधान, स्वास्थ्य का रखें ध्यान
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
हृदय रोगी कोरोना से रहें सावधान, स्वास्थ्य का रखें ध्यान
देवरिया। हृदय रोग के मरीजों पर कोरोना वायरस सीधा असर डालता है। यह धड़कन की गति को अनियमित करने के साथ ही मांसपेेशियों को कमजोर करता है। इससे शरीर जो रक्त हृदय में भेजता है, वह पर्याप्त नहीं होता। सही तरीके से देखभाल नहीं होने एवं चिकित्सक की सलाह पर ध्यान नहीं देने पर मरीज के लिए यह जानलेवा भी हो सकता है।
इस समय पूरा देश कोरोना वायरस के संक्रमण से जूझ रहा है। मरीजों की संख्या अभी भी बढ़ ही रही है। ऐसे में चिकित्सकों की सलाह ही इससे बचने के प्रमुख हथियार माने जा रहे हैं। कोरोना वायरस सबसे ज्यादा असर सांस, फेफड़े व हृदय के रोगियों पर ही कर रहा है। जिला अस्पताल के पूर्व चिकित्सक और हृदय रोग विशेषज्ञ डॉ. उमाकांत पांडेय ने बताया कि कोरोना वायरस का संक्रमण सीधे मांसपेशियों पर असर डालता है। यह धड़कन की गति को अनियमित करने के साथ ही मांसपेेशियों को कमजोर कर देता है। इससे हृदय अपना काम सुचारु रूप से नहीं कर पाता। इस हालत में शरीर जो रक्त हृदय को भेजता है, वह पर्याप्त नहीं होता और हृदय रोगी को परेशानियों का सामना करना पड़ता है।
कोरोना से प्रभावित रहे मरीज को नहीं करना चाहिए अधिक श्रम
कार्डियोलाजिस्ट डॉ. शैलेंद्र कुमार ने सोमवार को बताया कि हृदय रोग से संबंधित जो भी मरीज कोरोना पॉजिटिव हो चुके हैं, बाद में निगेटिव रिपोर्ट आने केे बाद उन्हें विशेष सावधानी बरतनी चाहिए। देखने में आ रहा है कि ठीक हो जाने के बाद भी एक से डेढ़ माह तक हृदय रोगी के ऊपर कोरोना का प्रभाव रहता है। उसे हमेशा थकान महसूस हो रही है। इस स्थिति को कोस्ट कोविड सिंड्रोम कहते हैं। ऐसे रोगियों के लिए सर्वाधिक जरूरी है कि वह अधिक से अधिक आराम करे। अत्यधिक श्रम वाला काम न करें। छह से सात घंटे की नींद प्रतिदिन अवश्य लें। चिकित्सकों की सलाह पर ही जरूरी पोषक तत्व एवं दवाओं का प्रयोग करें तो उसे लाभ होगा।
विज्ञापन
विज्ञापन
देवरिया। हृदय रोग के मरीजों पर कोरोना वायरस सीधा असर डालता है। यह धड़कन की गति को अनियमित करने के साथ ही मांसपेेशियों को कमजोर करता है। इससे शरीर जो रक्त हृदय में भेजता है, वह पर्याप्त नहीं होता। सही तरीके से देखभाल नहीं होने एवं चिकित्सक की सलाह पर ध्यान नहीं देने पर मरीज के लिए यह जानलेवा भी हो सकता है।
इस समय पूरा देश कोरोना वायरस के संक्रमण से जूझ रहा है। मरीजों की संख्या अभी भी बढ़ ही रही है। ऐसे में चिकित्सकों की सलाह ही इससे बचने के प्रमुख हथियार माने जा रहे हैं। कोरोना वायरस सबसे ज्यादा असर सांस, फेफड़े व हृदय के रोगियों पर ही कर रहा है। जिला अस्पताल के पूर्व चिकित्सक और हृदय रोग विशेषज्ञ डॉ. उमाकांत पांडेय ने बताया कि कोरोना वायरस का संक्रमण सीधे मांसपेशियों पर असर डालता है। यह धड़कन की गति को अनियमित करने के साथ ही मांसपेेशियों को कमजोर कर देता है। इससे हृदय अपना काम सुचारु रूप से नहीं कर पाता। इस हालत में शरीर जो रक्त हृदय को भेजता है, वह पर्याप्त नहीं होता और हृदय रोगी को परेशानियों का सामना करना पड़ता है।
विज्ञापन
कोरोना से प्रभावित रहे मरीज को नहीं करना चाहिए अधिक श्रम
कार्डियोलाजिस्ट डॉ. शैलेंद्र कुमार ने सोमवार को बताया कि हृदय रोग से संबंधित जो भी मरीज कोरोना पॉजिटिव हो चुके हैं, बाद में निगेटिव रिपोर्ट आने केे बाद उन्हें विशेष सावधानी बरतनी चाहिए। देखने में आ रहा है कि ठीक हो जाने के बाद भी एक से डेढ़ माह तक हृदय रोगी के ऊपर कोरोना का प्रभाव रहता है। उसे हमेशा थकान महसूस हो रही है। इस स्थिति को कोस्ट कोविड सिंड्रोम कहते हैं। ऐसे रोगियों के लिए सर्वाधिक जरूरी है कि वह अधिक से अधिक आराम करे। अत्यधिक श्रम वाला काम न करें। छह से सात घंटे की नींद प्रतिदिन अवश्य लें। चिकित्सकों की सलाह पर ही जरूरी पोषक तत्व एवं दवाओं का प्रयोग करें तो उसे लाभ होगा।
विज्ञापन