{"_id":"64fa215442006dbffe0be825","slug":"government-is-conducting-nia-raids-to-suppress-farmers-movement-deoria-news-c-208-1-sgkp1008-6389-2023-09-08","type":"story","status":"publish","title_hn":"Deoria News: किसान आंदोलन को दबाने के लिए के लिए एनआईए के छापे डलवा रही सरकार","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Deoria News: किसान आंदोलन को दबाने के लिए के लिए एनआईए के छापे डलवा रही सरकार
Fri, 08 Sep 2023 12:45 AM IST
गोरखपुर ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, देवरिया
संवाद न्यूज एजेंसी, देवरिया
Updated Fri, 08 Sep 2023 12:45 AM IST
विज्ञापन
देवरिया। जनवादी पार्टी सोशलिस्ट के राष्ट्रीय अध्यक्ष संजय सिंह चौहान ने कहा कि किसान आंदोलन को खत्म करने की साजिश के तहत सरकार इससे जुड़े लोगों के यहां एनआईए से छापे की कार्रवाई करा रही है। इस कार्रवाई से भाजपा के पूंजीवाद व फासीवाद को मजबूती मिल रही है। सरकार नहीं चाहती कि उसके कार्यकाल में कहीं कोई दूसरा किसान आंदोलन खड़ा हो। वह बृहस्पतिवार को सिचाई डाक बंगले में आयोजित पत्रकार वार्ता को संबोधित कर रहे थे।
उन्होंने कहा कि संयुक्त किसान मोर्चा के तहत किसान आंदोलन से जुड़े राजेश चौहान पूर्वांचल के संयोजक हैं। आजमगढ़ में प्रस्तावित एयरपोर्ट को बनाने के लिए इसके जद में 40 गांवों के किसानों की भूमि व कुछ भवन स्वामियों के मकान आ रहे हैं। जिन्हें उजाड़ने की तैयारी कर ली गई है। पांच सितंबर को इस संबंध में वहां एक जनांदोलन भी होना था। इस संबंध में बड़े नेता जुटने वाले थे। उसी दिन सुबह में देवरिया निवासी राजेश चौहान एवं उनके पिता डॉ. रामनाथ चौहान के घर एनआईए की छापेमारी दोनों के नक्सली आंदोलन से जुड़ा होने की बात कह कराई जाती है। आंदोलन को दबाने की नियत से प्रदेश के कई जगहों पर संगठन से जुड़े लोगों के यहां हुई यह कार्रवाई तरह राजनीति से प्रेरित और किसान आंदोलन को कमजोर करने की कड़ी में की गई है।
विज्ञापन
उन्होंने कहा कि संयुक्त किसान मोर्चा के तहत किसान आंदोलन से जुड़े राजेश चौहान पूर्वांचल के संयोजक हैं। आजमगढ़ में प्रस्तावित एयरपोर्ट को बनाने के लिए इसके जद में 40 गांवों के किसानों की भूमि व कुछ भवन स्वामियों के मकान आ रहे हैं। जिन्हें उजाड़ने की तैयारी कर ली गई है। पांच सितंबर को इस संबंध में वहां एक जनांदोलन भी होना था। इस संबंध में बड़े नेता जुटने वाले थे। उसी दिन सुबह में देवरिया निवासी राजेश चौहान एवं उनके पिता डॉ. रामनाथ चौहान के घर एनआईए की छापेमारी दोनों के नक्सली आंदोलन से जुड़ा होने की बात कह कराई जाती है। आंदोलन को दबाने की नियत से प्रदेश के कई जगहों पर संगठन से जुड़े लोगों के यहां हुई यह कार्रवाई तरह राजनीति से प्रेरित और किसान आंदोलन को कमजोर करने की कड़ी में की गई है।
विज्ञापन