फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Deoria News ›   Government Ayurvedic Hospital waiting for the arrival of doctors, patients upset

Deoria News: राजकीय आयुर्वेदिक अस्पताल डॉक्टरों के आने की देख रहे राह, मरीज परेशान

Sun, 16 Jul 2023 11:56 PM IST
Gorakhpur Bureau गोरखपुर ब्यूरो
Updated Sun, 16 Jul 2023 11:56 PM IST
विज्ञापन
Government Ayurvedic Hospital waiting for the arrival of doctors, patients upset
डॉक्टर के न होने से मरीजों का नहीं हो पा रहा समुचित उपचार
विज्ञापन


संवाद न्यूज एजेंसी
देवरिया। जनपद में शहर से लेकर ग्रामीण इलाकों में स्थापित आयुर्वेदिक अस्पतालों में डॉक्टरों की कमी है। स्वीकृत पद की तुलना में मात्र 25 से ही किसी तरह काम चलाया जा रहा है, जिससे मरीजों को उपचार में दिक्कत होती है।
आयुर्वेद चिकित्सा को बढ़ावा देने पर सरकार का जोर है। पर जिले में डॉक्टरों की कमी से उपचार पर असर पड़ रहा है। इस पद्धति से असाध्य सहित अन्य बीमारियों के इलाज के लिए शहर से लेकर ग्रामीणांचल में 42 राजकीय आयुर्वेदिक अस्पताल स्थापित किए गए हैं। इसमें डॉक्टरों के 43 पद हैं। 31 डॉक्टर थे, लेकिन छह डॉक्टरों के स्थानांतरण हो गया है, इनके स्थान पर एक भी चिकित्सक नहीं आए हैं। पहले से डॉक्टरों की कमी थी। इससे समस्या बढ़ गई है। अब मात्र 25 बचे हैं। ऐसे में जिले के 18 अस्पताल पर डॉक्टर की तैनाती नहीं है। ये अस्पताल फार्मासिस्ट के भरोसे चल रहे हैं। क्षेत्र के लोग अस्पताल पर पहुंचते हैं, जहां डॉक्टर के न रहने पर समुचित इलाज नहीं हो पाता है। उन्हें डॉक्टर से दिखाने के लिए दूरी तय कर दूसरे अस्पताल जाना पड़ता है, जिससे लोगों को परेशानी का सामना करना पड़ रहा है।
विज्ञापन

---------------
इन अस्पतालों पर नहीं हैं डॉक्टर
जनपद के 18 अस्पतालों में डॉक्टर की कुर्सी खाली है। इसमें राजकीय आयुर्वेदिक चिकित्सालय लार रोड, रामपुर प्रतापपुर, खेमादेई, मझौलीराज, मदनचक, रायबारी, भाटपाररानी, मगहरा, श्रीनगर, कपरवार, गौनरिया, रामचक, मछैला, सदर प्रधान, जगदीशपुर, पचोहिया, पिपराधन्नी, बैरौना अस्पताल शामिल है।
विज्ञापन
विज्ञापन

--------------
- आयुर्वेदिक अस्पताल में इलाज कराने पहुंचने पर पता चला कि डॉक्टर नहीं थे। इसके कारण वहां से लौटना पड़ा। दूसरे अस्पताल में डॉक्टर को बता कर जोड़ के दर्द का इलाज कराया।
राम बहादुर तिवारी, चतुरी
----------
- अस्पताल में काफी दिनों से डॉक्टर की तैनाती है। फार्मासिस्ट ही मरीजों का इलाज करते हैं। काफी दिनों से पेट से परेशान था, लेकिन डॉक्टर के न रहने पर दूसरी जगह दिखाया।

अनिल मौर्य, पिपराखेम करन
---------------

आयुर्वेदिक अस्पतालों में डॉक्टर की कमी है। इस संबंध में शासन को सूचना दी गई है। चार अस्पतालों में संविदा के डॉक्टर हैं, जिन जगहों पर डॉक्टर नहीं हैं। वहां कार्य व्यवस्था के तहत फार्मासिस्टों से काम चलाया जा रहा है।

डॉ. डीके चौरसिया, क्षेत्रीय आयुर्वेदिक एवं यूनानी अधिकारी
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed