{"_id":"5d3ddbb48ebc3e6cb025c690","slug":"good-job-salempur-news-gkp3156409199","type":"story","status":"publish","title_hn":"युवाओं ने किया ओवरब्रिज को गड्ढामुक्त","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
युवाओं ने किया ओवरब्रिज को गड्ढामुक्त
विज्ञापन
ओवरब्रिज पर बने जानलेवा गड्ढ़े को ठीक करते युवा
- फोटो : SALEMPUR
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
इनसे सीखें हम तो समस्याएं कैसे न होंगी कम
समाधान के लिए खुद की पहल, जिम्मेदारों को दिखाया आईना
देवरिया। चाहते तो वह भी समस्या के समाधान के लिए दूसरों का इंतजार कर सकते थे। दूसरों की तरह सरकारी तंत्र के जागने तक हाथ पर हाथ धरे बैठे रहते। मगर तब तक पता नहीं क्या होता। लिहाजा, उन्होंने खुद पहल की। न सिर्फ अपनी समस्या दूर की बल्कि दूसरों को भी आईना दिखाया। शासन-प्रशासन के प्रतिनिधियों को बताया कि ओहदेदार होने के बाद भी जिसे आप नहीं कर पा रहे, उसे हमने कर दिखाया। रविवार को जिले के अलग-अलग हिस्सों से दो ऐसी ही तस्वीरें सामने आईं। एक तरफ युवाओं की टीम ने महीनों से हादसों का सबब बने रहे ओवरब्रिज के गड्ढों को अपने प्रयासों से भर दिया तो दूसरी ओर अरसे से जाम नालियों की सफाई कर जलनिकासी समस्या का समाधान निकाला। युवाओं की इस कवायदों की हर तरफ चर्चा रही।
फोटो
तस्वीर-एक
युवाओं की पहल ने ओवरब्रिज को बनाया गड्ढामुक्त
आपस में चंदा जुटाकर सीमेंट, बालू व गिट्टी से किया मरम्मत
सलेमपुर। पिछले एक महीने से जनप्रतिनिधियों व मुख्यमंत्री पोर्टल पर शिकायत के बावजूद सलेमपुर ओवरब्रिज पर बने जानलेवा गड्ढों की मरम्मत नहीं हो सकी। आएदिन लोग वहां हादसे के शिकार होते हैं। उत्साही युवाओं की टीम पहल ने इन जानलेवा गड्ढों को भरने की पहल की। आपस में चंदा जुटाया। सीमेंट, बालू और गिट्टी मंगाई। फिर खुद फावड़ा-कुदाल लेकर मरम्मत में जुट गए। दो घंटे की मेहनत से ही गड्ढे भर गए। पहल टीम के सदस्य राजीव मिश्र, सतीश पांडेय गुडलक, आसिफ सिद्दीकी, अमन मिश्र, शहंशाह आलम, जुगनू सिंह, आदित्य दुबे, पंकज जायसवाल, अभिनंदन यादव, अखिलेश्वर तिवारी, लडव वर्मा, दीपक मिश्रा, धर्मेंद्र यादव, चंदन सोनी, विश्वनाथ सिंह, उपकार सिंह, रोशन पांडेय, पवन मिश्र आदि ने बताया कि हम पिछले एक माह से जनप्रतिनिधियों से अपील कर रहे थे, मगर हर बार उनकी उदासीनता ही नजर आई। यह उन्हें आईना दिखाने की कोशिश है। उन्हें अपने दायित्वों का अहसास न हुआ तो आंदोलन को मजबूर होना पड़ेगा।
फोटो समाचार...
तस्वीर-दो
प्रधान ने नहीं सुनी पीड़ा तो युवाओं ने खुद उठाया बीड़ा
खुखुंदू गांव के दक्षिण टोले में लंबे समय से जाम नाली से हो रहा था जलजमाव
खुखुंदू। स्थानीय गांव के दक्षिण टोले में नाली जाम होने से सड़क पर लंबे समय से पानी जमा हो गया था। आवागमन में दिक्कत और संक्रमण फैलने के भय से सहमे लोगों ने कई बार प्रधान का दरवाजा खटखटाया। सुनवाई नहीं हुई तो रविवार सुबह एकजुट होकर स्वयं सफाई का बीड़ा उठा लिया। पंपिंग सेट के माध्यम से पानी हटाकर नाली सफाई में गांव वाले पूरी शिद्दत से भिड़ गए। फिर क्या था, चंद घंटे में ही नाली भी साफ हो गई और समस्या भी दूर हुई। नाली की सफाई के बाद ही सभी ने भोजन किया। सफाई कार्य में गांव के संजय यादव, धीरेंद्र यादव, मुक्ति गोड़, उमेश यादव, गोविंद, राहुल, रवि की सक्रिय भागीदारी रही। उधर, इस बाबत प्रधान कृष्णावती देवी का कहना था कि बड़ा गांव होने और एक ही सफाईकर्मी की तैनाती होने से यह दिक्कत हो रही है। दूसरी जगह की एक महिला सफाईकर्मी को अतिरिक्त यहां की जिम्मेदारी दी गई है तो वह महिला होने के चलते हर जगह नहीं पहुंच पाती। सफाई कर्मी बढ़ाने के लिए प्रार्थना पत्र दिया है। ग्रामीणों ने सराहनीय कार्य किया है। पति भी मौके पर पहुंचे थे।
विज्ञापन
विज्ञापन
समाधान के लिए खुद की पहल, जिम्मेदारों को दिखाया आईना
देवरिया। चाहते तो वह भी समस्या के समाधान के लिए दूसरों का इंतजार कर सकते थे। दूसरों की तरह सरकारी तंत्र के जागने तक हाथ पर हाथ धरे बैठे रहते। मगर तब तक पता नहीं क्या होता। लिहाजा, उन्होंने खुद पहल की। न सिर्फ अपनी समस्या दूर की बल्कि दूसरों को भी आईना दिखाया। शासन-प्रशासन के प्रतिनिधियों को बताया कि ओहदेदार होने के बाद भी जिसे आप नहीं कर पा रहे, उसे हमने कर दिखाया। रविवार को जिले के अलग-अलग हिस्सों से दो ऐसी ही तस्वीरें सामने आईं। एक तरफ युवाओं की टीम ने महीनों से हादसों का सबब बने रहे ओवरब्रिज के गड्ढों को अपने प्रयासों से भर दिया तो दूसरी ओर अरसे से जाम नालियों की सफाई कर जलनिकासी समस्या का समाधान निकाला। युवाओं की इस कवायदों की हर तरफ चर्चा रही।
फोटो
तस्वीर-एक
युवाओं की पहल ने ओवरब्रिज को बनाया गड्ढामुक्त
आपस में चंदा जुटाकर सीमेंट, बालू व गिट्टी से किया मरम्मत
सलेमपुर। पिछले एक महीने से जनप्रतिनिधियों व मुख्यमंत्री पोर्टल पर शिकायत के बावजूद सलेमपुर ओवरब्रिज पर बने जानलेवा गड्ढों की मरम्मत नहीं हो सकी। आएदिन लोग वहां हादसे के शिकार होते हैं। उत्साही युवाओं की टीम पहल ने इन जानलेवा गड्ढों को भरने की पहल की। आपस में चंदा जुटाया। सीमेंट, बालू और गिट्टी मंगाई। फिर खुद फावड़ा-कुदाल लेकर मरम्मत में जुट गए। दो घंटे की मेहनत से ही गड्ढे भर गए। पहल टीम के सदस्य राजीव मिश्र, सतीश पांडेय गुडलक, आसिफ सिद्दीकी, अमन मिश्र, शहंशाह आलम, जुगनू सिंह, आदित्य दुबे, पंकज जायसवाल, अभिनंदन यादव, अखिलेश्वर तिवारी, लडव वर्मा, दीपक मिश्रा, धर्मेंद्र यादव, चंदन सोनी, विश्वनाथ सिंह, उपकार सिंह, रोशन पांडेय, पवन मिश्र आदि ने बताया कि हम पिछले एक माह से जनप्रतिनिधियों से अपील कर रहे थे, मगर हर बार उनकी उदासीनता ही नजर आई। यह उन्हें आईना दिखाने की कोशिश है। उन्हें अपने दायित्वों का अहसास न हुआ तो आंदोलन को मजबूर होना पड़ेगा।
विज्ञापन
फोटो समाचार...
तस्वीर-दो
प्रधान ने नहीं सुनी पीड़ा तो युवाओं ने खुद उठाया बीड़ा
खुखुंदू गांव के दक्षिण टोले में लंबे समय से जाम नाली से हो रहा था जलजमाव
खुखुंदू। स्थानीय गांव के दक्षिण टोले में नाली जाम होने से सड़क पर लंबे समय से पानी जमा हो गया था। आवागमन में दिक्कत और संक्रमण फैलने के भय से सहमे लोगों ने कई बार प्रधान का दरवाजा खटखटाया। सुनवाई नहीं हुई तो रविवार सुबह एकजुट होकर स्वयं सफाई का बीड़ा उठा लिया। पंपिंग सेट के माध्यम से पानी हटाकर नाली सफाई में गांव वाले पूरी शिद्दत से भिड़ गए। फिर क्या था, चंद घंटे में ही नाली भी साफ हो गई और समस्या भी दूर हुई। नाली की सफाई के बाद ही सभी ने भोजन किया। सफाई कार्य में गांव के संजय यादव, धीरेंद्र यादव, मुक्ति गोड़, उमेश यादव, गोविंद, राहुल, रवि की सक्रिय भागीदारी रही। उधर, इस बाबत प्रधान कृष्णावती देवी का कहना था कि बड़ा गांव होने और एक ही सफाईकर्मी की तैनाती होने से यह दिक्कत हो रही है। दूसरी जगह की एक महिला सफाईकर्मी को अतिरिक्त यहां की जिम्मेदारी दी गई है तो वह महिला होने के चलते हर जगह नहीं पहुंच पाती। सफाई कर्मी बढ़ाने के लिए प्रार्थना पत्र दिया है। ग्रामीणों ने सराहनीय कार्य किया है। पति भी मौके पर पहुंचे थे।
विज्ञापन