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स्टीमर से हो रही पशुओं की तस्करी
देवरिया
Updated Sat, 08 Oct 2016 11:15 PM IST
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स्टीमर के जरिए पशुओं की तस्करी हो रही है।
- फोटो : अमर उजाला
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अमर उजाला ब्यूरो
मेहरौनाघाट/ देवरिया
पुलिस की सख्ती से पशु तस्करों ने तरीका बदल दिया है। घाघरा नदी मार्ग से स्टीमर के जरिए पशुओं की तस्करी हो रही है। शनिवार को नदी में अचानक स्टीमर खराब होने से लोगों को इसकी जानकारी हुई। मौके पर पहुंची पुलिस ने घेराबंदी की लेकिन सफलता नहीं मिली।
लार पुलिस की मेहरौना बॉर्डर पर सक्रियता बढ़ी तो तस्करों ने तस्करी का तरीका बदल दिया। बरहज के परसिया देवार गांव में स्टीमर पर गोवंशीय पशुओं को लादकर घाघरा नदी के रास्ते बिहार भेजा जा रहा है। गुठनी के ग्यासपुर घाट पर पशुओं को स्टीमर से उतारकर ट्रक के जरिए बंगाल पहुंचा दिया जाता है। शनिवार सुबह करीब छह बजे गोवंशीय पशुओं से भरी स्टीमर लार थाना क्षेत्र के तकिया धरहरा गांव के समीप बीच नदी में खराब हो गई।
दो घंटे तक स्टीमर नदी में खड़ी रही। शौच के लिए नदी की तरफ गए लोगों की नजर पड़ी तो लोगों ने सूचना पुलिस को दी। अचानक स्टीमर ठीक हो गई और तस्कर नदी के रास्ते बिहार चले गए। सूचना पर लार और बलिया जिले के उभांव थाने की पुलिस पहुंची।
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तटवर्ती गांव के लोगों की मानें तो चार बजे भोर में स्टीमर पर लादकर पशुओं को प्रत्येक दिन तस्कर ले जाते हैं। इस मामले में एसओ अंशुमान यदुवंशी ने बताया कि तस्करी की सूचना पर पुलिस गई थी। घेराबंदी भी की लेकिन तस्करों का पता नहीं चला।
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मेहरौनाघाट/ देवरिया
पुलिस की सख्ती से पशु तस्करों ने तरीका बदल दिया है। घाघरा नदी मार्ग से स्टीमर के जरिए पशुओं की तस्करी हो रही है। शनिवार को नदी में अचानक स्टीमर खराब होने से लोगों को इसकी जानकारी हुई। मौके पर पहुंची पुलिस ने घेराबंदी की लेकिन सफलता नहीं मिली।
लार पुलिस की मेहरौना बॉर्डर पर सक्रियता बढ़ी तो तस्करों ने तस्करी का तरीका बदल दिया। बरहज के परसिया देवार गांव में स्टीमर पर गोवंशीय पशुओं को लादकर घाघरा नदी के रास्ते बिहार भेजा जा रहा है। गुठनी के ग्यासपुर घाट पर पशुओं को स्टीमर से उतारकर ट्रक के जरिए बंगाल पहुंचा दिया जाता है। शनिवार सुबह करीब छह बजे गोवंशीय पशुओं से भरी स्टीमर लार थाना क्षेत्र के तकिया धरहरा गांव के समीप बीच नदी में खराब हो गई।
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दो घंटे तक स्टीमर नदी में खड़ी रही। शौच के लिए नदी की तरफ गए लोगों की नजर पड़ी तो लोगों ने सूचना पुलिस को दी। अचानक स्टीमर ठीक हो गई और तस्कर नदी के रास्ते बिहार चले गए। सूचना पर लार और बलिया जिले के उभांव थाने की पुलिस पहुंची।
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तटवर्ती गांव के लोगों की मानें तो चार बजे भोर में स्टीमर पर लादकर पशुओं को प्रत्येक दिन तस्कर ले जाते हैं। इस मामले में एसओ अंशुमान यदुवंशी ने बताया कि तस्करी की सूचना पर पुलिस गई थी। घेराबंदी भी की लेकिन तस्करों का पता नहीं चला।