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Deoria News: स्कूल के नाम से होगा गैस कनेक्शन, बुकिंग की समय सीमा होगी खत्म
Wed, 06 May 2026 12:04 AM IST
गोरखपुर ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, देवरिया
संवाद न्यूज एजेंसी, देवरिया
Updated Wed, 06 May 2026 12:04 AM IST
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देवरिया। स्कूलों में अब रसोई गैस सिलिंडर की बुकिंग के लिए 25 और 45 दिन की बाध्यता समाप्त हो जाएगी। बस कनेक्शन स्कूल के नाम से कराना होगा।
इसके लिए बेसिक शिक्षा विभाग की तरफ से स्कूलों को पत्र भी जारी हो गया है। इस नई व्यवस्था के लागू होने के बाद रसोई गैस सिलिंडर के लिए परेशान स्कूलों के हेडमास्टर को राहत मिलेगी।
जिले में दो लाख से अधिक बच्चों को रोजाना स्कूलों में मध्याह्न भोजना मिलता है। भोजन पकाने के लिए 2375 रसोई गैस सिलिंडर के कनेक्शन लिए गए हैं। इनमें से आधे से ज्यादा कनेक्शन स्कूलों के हेडमास्टर, शिक्षा मित्र या ग्राम प्रधान के नाम पर हैं।
जब रसोई गैस सिलिंडर की पर्याप्त उपलब्धता थी, तब तो किसी प्रकार की दिक्कत नहीं थी, मगर अमेरिका-इरान युद्ध के चलते जैसे ही सिलिंडर के लिए दिक्कत हुई, सबसे पहले स्कूलों के सामने ही संकट आ गया।
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दरअसल, बेसिक शिक्षा परिषद से संचालित या स्थायी मान्यता प्राप्त अधिकतर विद्यालय ग्रामीण क्षेत्र में हैं। नए नियमानुसार उन्हें 45 दिन के बाद ही दूसरा सिलिंडर मिलना है। यदि किसी विद्यालय पर 60-70 छात्र नियमित आ रहे हैं तो वहां भी 15 दिन में सिलिंडर खत्म हो जाता है, जबकि बुकिंग होनी है 45 दिन बाद। इसके बाद सिलिंडर आपूर्ति में समय लग रहा है।
ऐसे में तमाम स्कूलाें में सिलिंडर खत्म होने पर लकड़ी के चूल्हे पर मध्याह्न भोजन बनाना पड़ रहा है। इधर बारिश के बाद लकड़ी मिलने में भी दिक्कत आई है। मई में तो फिर भी काम चल जाएगा, लेकिन जुलाई से सितंबर के बीच बरसात में लकड़ी पर खाना बनवाना और कठिन काम है।
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इसके लिए बेसिक शिक्षा विभाग की तरफ से स्कूलों को पत्र भी जारी हो गया है। इस नई व्यवस्था के लागू होने के बाद रसोई गैस सिलिंडर के लिए परेशान स्कूलों के हेडमास्टर को राहत मिलेगी।
जिले में दो लाख से अधिक बच्चों को रोजाना स्कूलों में मध्याह्न भोजना मिलता है। भोजन पकाने के लिए 2375 रसोई गैस सिलिंडर के कनेक्शन लिए गए हैं। इनमें से आधे से ज्यादा कनेक्शन स्कूलों के हेडमास्टर, शिक्षा मित्र या ग्राम प्रधान के नाम पर हैं।
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जब रसोई गैस सिलिंडर की पर्याप्त उपलब्धता थी, तब तो किसी प्रकार की दिक्कत नहीं थी, मगर अमेरिका-इरान युद्ध के चलते जैसे ही सिलिंडर के लिए दिक्कत हुई, सबसे पहले स्कूलों के सामने ही संकट आ गया।
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दरअसल, बेसिक शिक्षा परिषद से संचालित या स्थायी मान्यता प्राप्त अधिकतर विद्यालय ग्रामीण क्षेत्र में हैं। नए नियमानुसार उन्हें 45 दिन के बाद ही दूसरा सिलिंडर मिलना है। यदि किसी विद्यालय पर 60-70 छात्र नियमित आ रहे हैं तो वहां भी 15 दिन में सिलिंडर खत्म हो जाता है, जबकि बुकिंग होनी है 45 दिन बाद। इसके बाद सिलिंडर आपूर्ति में समय लग रहा है।
ऐसे में तमाम स्कूलाें में सिलिंडर खत्म होने पर लकड़ी के चूल्हे पर मध्याह्न भोजन बनाना पड़ रहा है। इधर बारिश के बाद लकड़ी मिलने में भी दिक्कत आई है। मई में तो फिर भी काम चल जाएगा, लेकिन जुलाई से सितंबर के बीच बरसात में लकड़ी पर खाना बनवाना और कठिन काम है।