{"_id":"65da2e261219ce3ba00ade15","slug":"fraud-in-sending-foriegn-deoria-news-c-208-1-sgkp1014-120027-2024-02-24","type":"story","status":"publish","title_hn":"Deoria News: ठगों ने 120 युवाओं को भेजा था मुंबई, फ्लाइट से पहले कैंसिल कर दिया टिकट","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Deoria News: ठगों ने 120 युवाओं को भेजा था मुंबई, फ्लाइट से पहले कैंसिल कर दिया टिकट
विज्ञापन
फोटो--
विदेश भेजने वालों के खिलाफ दर्ज किया गया केस
जांच में फ्राॅड निकल सकते हैं बैंक खाते
संवाद न्यूज एजेंसी
देवरिया। कोतवाली पुलिस ने शहर से पांच किमी दूरी पगरा में ट्रवेल्स एजेंसी चलाने वाले ठगों के खिलाफ केस दर्ज किया है। हालांकि, यह तस्दीक नहीं हो सका है कि उन्होंने जो नाम, पता चंगुल में फंसने वाले बेरोजगारों को बताया है, वह सही है या गलत। पुलिस ने मामले की जांच शुरू की है तो बड़े खुलासे होने की संभावना है। ठगों के गिरोह ने 120 लोगों को अलग-अलग समूह में वीजा और ग्रुप टिकट देकर मुंबई भेज दिया था। लेकिन, ओमान और आर्मेनिया की फ्लाइट से पहले ही टिकट निरस्त कर दिया। इससे सभी को वापस आना पड़ा। उसके बाद उसका शटर बंद हो गया और उसकी तलाश करना बड़ी चुनौती बन गई।
ठगों की युवाओं से बातचीत से अनुमान लगाया जा रहा है कि उन्होंने दो से तीन करोड़ रुपये की जालसाजी की है। उन्होंने अच्छा कार्यालय खोला और उसमें पांच युवतियों को नौकरी दी। विदेश भेजने के एप में विज्ञापन दिया और देवरिया, कुशीनगर, महराजगंज, आजमगढ़, मऊ के साथ बिहार के युवाओं को भी झांसे में ले लिया। ओमान भेजने के लिए 40 हजार रुपये और आर्मेनिया भेजने के लिए 70 हजार रुपये जमा कराए थे।
जब मुंबई से बेरोजगार वापस आए तो शटर बंद था। युवक- युवतियों सहित आठों अधिकारी-कर्मचारी गायब हो गए। जो लोग कार्यालय में पहुंचते थे, वहां मौजूद लोग उनसे बातचीत करते हुए बताते थे कि उन्होंने 15 से अधिक लोगों को भेज दिया था। अयोध्या का पता और आयुष शुक्ला नाम बताने वाले ठग का भौकाल ऐसा था कि लोग उसकी बातों में फंसते गए।
विज्ञापन
19 फरवरी को ठगे गए लोग थाने में पहुंचे तो उन्होंने बताया कि दास ओवरसीज टेस्ट सेंटर ने उनके साथ जालसाजी की है। सेंटर ने दास ओवरसीज फ्राॅड ग्रुप बनाया तो उसमें 119 लोग जुड़ गए हैं। इसमें सदस्यों की संख्या लगातार बढ़ रही है।
फ्राॅड हो सकते हैं बैंक
युवतियां लोगों को फोन करके रुपये ऑनलाइन खाते में जमा करने के लिए कहती थीं। इससे उन्हें भरोसा होता गया और चार बैंक खाते में रुपये जमा कराए। कुछ लोगों ने नकद भी जमा किया।
पुलिस को आशंका है कि ये बैंक खाते फ्राॅड हो सकते हैं। हो सकता है कि बैंक खाते में भेजी गई रकम दूसरे खातों में भेजकर निकाल ली गई हो।
इस मामले में इंस्पेक्टर वेद प्रकाश शर्मा ने बताया कि ठगी के मामले में केस दर्ज किया गया है। इसमें बैंक खातों की भी जांच की जा रही है।
टूरिस्ट वीजा पर कर लिया भरोसा
नियम के अनुसार, विदेश में कमाने के लिए इंप्लायमेंट वीजा होना चाहिए, लेकिन उसने झूठ बोलकर टूरिस्ट वीजा से विदेश भेजने का झांसा दिया था। उसने बताया कि आर्मेनिया के लिए टूरिस्ट वीजा ही मिलता है। वहां जाने के बाद टूरिस्ट वीजा को इंप्लायमेंट वीजा दे दिया जाएगा।
पासपोर्ट भी लेकर फरार
युवाओं का कहना है कि उन्होंने रुपये के साथ ही पोसपोर्ट भी जमा किया है। इस मामले में उन्हें उम्मीद है कि कार्यालय खुलेगा तो पासपोर्ट मिल जाना चाहिए। यदि पासपोर्ट गायब हुआ तो नए सिरे से प्रक्रिया अपनाने के बाद पासपोर्ट की प्रति प्राप्त होगी। पुलिस आरोपियों को गिरफ्तार करेगी तो कार्यालय खोले जाने की प्रक्रिया शुरू होगी।
स्पीकअप
कंम्प्यूटर ऑपरेटर के पद पर काम करने के लिए ओमान जाना था। सुनार से कर्ज लेकर 40 हजार रुपये दिए थे। इसमें 29 हजार ऑनलाइन व 11 हजार नकद जनवरी माह में दिया था। पिताजी बंटाई पर खेती-किसानी करते हैं। इसी से परिवार का गुजर-बसर होता है। घर की आर्थिक स्थिति को देखते हुए स्नातक के बाद ही विदेश जाने की तैयारी कर रहे थे। बताया गया था कि आठ घंटे की 35 से 40 हजार रुपये सेलरी मिलेगी। पैसा डूबने के बाद से ही रातों की नींद गायब हो गई है।
-सत्यप्रकाश, बैरोना
ब्याज पर कर्ज लेकर व मां के गहने बंधक रखकर 70 हजार रुपये का इंतजाम आर्मेनिया जाने के लिए किया था। 20 दिन पहले सारा पैसा दे दिया था। संचालक ने पहले भी 15 लोगों को विदेश भेजा था। इसी से विश्वास ज्यादा बन गया था। 20 से 25 लोगों का ग्रुप टिकट दिया गया था। कुछ लोगों का तो पासपोर्ट भी लेकर आरोपी फरार हो गए हैं। पुलिस मामले की गंभीरता से जांच करे तो आरोपियों को पकड़ा जा सकता है। पैसे जाने का गम मन को बेचैन बनाए हुए है।
-ओमप्रकाश गौतम, भीखमपुरा
आर्मेनिया में स्टोर कीपर की नौकरी करने के लिए 70 हजार रुपये की व्यवस्था चचेरे बड़े भाई व रिश्तेदारों से तथा कुछ ब्याज पर लेकर की थी। जनवरी माह में ही दो बार में पैसे जमा कर दिए थे। 22 फरवरी को टिकट था, मुंबई जाने के पहले ही फ्राॅड का पता चला तो पैरों तले जमीन खिसक गई। इसके बाद कोतवाली पुलिस को तहरीर दी गई। हालांकि, अभी तक आरोपियों के नहीं पकड़े जाने से पैसे के डूबने की आशंका में सब कुछ समाप्त होता दिख रहा है।
-भीम कुशवाहा, भटनी
संचालक के यहां तैनात लड़कियों के बार-बार फोन आने के बाद आमेर्निया जाने के लिए किसी तरह 70 हजार रुपये का प्रबंध किया था। अलग-अलग समूह में 120 लोगों को मुंबई भेजा गया। लोग टिकट कराकर गए भी। वहां एयरपोर्ट से बैरंग आना पड़ा। एयरपोर्ट पर जाने के बाद जब पता चला कि टिकट कैंसिल हो गया है तो एक युवक को इतना धक्का लगा कि वह वहीं बेहोश हो गया। सबको अपने पैसे की चिंता सता रही है। समझ में नहीं आ रहा है कि अब क्या किया जाए।
अश्विनी सिंह, जगदीशपुर थाना विजयीपुर बिहार
कोट
विदेश भेजने के नाम पर ठगी के मामले में केस दर्ज करके मामले की विवेचना की जा रही है। इस मामले में आरोपियों की तलाश की जा रही है। बैंक सहित अन्य विवरण की जांच की जा रही है। इस मामले में जो भी दोषी साबित होगा, उसके खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाएगी।
-संकल्प शर्मा, पुलिस अधीक्षक
विज्ञापन
विदेश भेजने वालों के खिलाफ दर्ज किया गया केस
जांच में फ्राॅड निकल सकते हैं बैंक खाते
संवाद न्यूज एजेंसी
देवरिया। कोतवाली पुलिस ने शहर से पांच किमी दूरी पगरा में ट्रवेल्स एजेंसी चलाने वाले ठगों के खिलाफ केस दर्ज किया है। हालांकि, यह तस्दीक नहीं हो सका है कि उन्होंने जो नाम, पता चंगुल में फंसने वाले बेरोजगारों को बताया है, वह सही है या गलत। पुलिस ने मामले की जांच शुरू की है तो बड़े खुलासे होने की संभावना है। ठगों के गिरोह ने 120 लोगों को अलग-अलग समूह में वीजा और ग्रुप टिकट देकर मुंबई भेज दिया था। लेकिन, ओमान और आर्मेनिया की फ्लाइट से पहले ही टिकट निरस्त कर दिया। इससे सभी को वापस आना पड़ा। उसके बाद उसका शटर बंद हो गया और उसकी तलाश करना बड़ी चुनौती बन गई।
ठगों की युवाओं से बातचीत से अनुमान लगाया जा रहा है कि उन्होंने दो से तीन करोड़ रुपये की जालसाजी की है। उन्होंने अच्छा कार्यालय खोला और उसमें पांच युवतियों को नौकरी दी। विदेश भेजने के एप में विज्ञापन दिया और देवरिया, कुशीनगर, महराजगंज, आजमगढ़, मऊ के साथ बिहार के युवाओं को भी झांसे में ले लिया। ओमान भेजने के लिए 40 हजार रुपये और आर्मेनिया भेजने के लिए 70 हजार रुपये जमा कराए थे।
विज्ञापन
जब मुंबई से बेरोजगार वापस आए तो शटर बंद था। युवक- युवतियों सहित आठों अधिकारी-कर्मचारी गायब हो गए। जो लोग कार्यालय में पहुंचते थे, वहां मौजूद लोग उनसे बातचीत करते हुए बताते थे कि उन्होंने 15 से अधिक लोगों को भेज दिया था। अयोध्या का पता और आयुष शुक्ला नाम बताने वाले ठग का भौकाल ऐसा था कि लोग उसकी बातों में फंसते गए।
विज्ञापन
19 फरवरी को ठगे गए लोग थाने में पहुंचे तो उन्होंने बताया कि दास ओवरसीज टेस्ट सेंटर ने उनके साथ जालसाजी की है। सेंटर ने दास ओवरसीज फ्राॅड ग्रुप बनाया तो उसमें 119 लोग जुड़ गए हैं। इसमें सदस्यों की संख्या लगातार बढ़ रही है।
फ्राॅड हो सकते हैं बैंक
युवतियां लोगों को फोन करके रुपये ऑनलाइन खाते में जमा करने के लिए कहती थीं। इससे उन्हें भरोसा होता गया और चार बैंक खाते में रुपये जमा कराए। कुछ लोगों ने नकद भी जमा किया।
पुलिस को आशंका है कि ये बैंक खाते फ्राॅड हो सकते हैं। हो सकता है कि बैंक खाते में भेजी गई रकम दूसरे खातों में भेजकर निकाल ली गई हो।
इस मामले में इंस्पेक्टर वेद प्रकाश शर्मा ने बताया कि ठगी के मामले में केस दर्ज किया गया है। इसमें बैंक खातों की भी जांच की जा रही है।
टूरिस्ट वीजा पर कर लिया भरोसा
नियम के अनुसार, विदेश में कमाने के लिए इंप्लायमेंट वीजा होना चाहिए, लेकिन उसने झूठ बोलकर टूरिस्ट वीजा से विदेश भेजने का झांसा दिया था। उसने बताया कि आर्मेनिया के लिए टूरिस्ट वीजा ही मिलता है। वहां जाने के बाद टूरिस्ट वीजा को इंप्लायमेंट वीजा दे दिया जाएगा।
पासपोर्ट भी लेकर फरार
युवाओं का कहना है कि उन्होंने रुपये के साथ ही पोसपोर्ट भी जमा किया है। इस मामले में उन्हें उम्मीद है कि कार्यालय खुलेगा तो पासपोर्ट मिल जाना चाहिए। यदि पासपोर्ट गायब हुआ तो नए सिरे से प्रक्रिया अपनाने के बाद पासपोर्ट की प्रति प्राप्त होगी। पुलिस आरोपियों को गिरफ्तार करेगी तो कार्यालय खोले जाने की प्रक्रिया शुरू होगी।
स्पीकअप
कंम्प्यूटर ऑपरेटर के पद पर काम करने के लिए ओमान जाना था। सुनार से कर्ज लेकर 40 हजार रुपये दिए थे। इसमें 29 हजार ऑनलाइन व 11 हजार नकद जनवरी माह में दिया था। पिताजी बंटाई पर खेती-किसानी करते हैं। इसी से परिवार का गुजर-बसर होता है। घर की आर्थिक स्थिति को देखते हुए स्नातक के बाद ही विदेश जाने की तैयारी कर रहे थे। बताया गया था कि आठ घंटे की 35 से 40 हजार रुपये सेलरी मिलेगी। पैसा डूबने के बाद से ही रातों की नींद गायब हो गई है।
-सत्यप्रकाश, बैरोना
ब्याज पर कर्ज लेकर व मां के गहने बंधक रखकर 70 हजार रुपये का इंतजाम आर्मेनिया जाने के लिए किया था। 20 दिन पहले सारा पैसा दे दिया था। संचालक ने पहले भी 15 लोगों को विदेश भेजा था। इसी से विश्वास ज्यादा बन गया था। 20 से 25 लोगों का ग्रुप टिकट दिया गया था। कुछ लोगों का तो पासपोर्ट भी लेकर आरोपी फरार हो गए हैं। पुलिस मामले की गंभीरता से जांच करे तो आरोपियों को पकड़ा जा सकता है। पैसे जाने का गम मन को बेचैन बनाए हुए है।
-ओमप्रकाश गौतम, भीखमपुरा
आर्मेनिया में स्टोर कीपर की नौकरी करने के लिए 70 हजार रुपये की व्यवस्था चचेरे बड़े भाई व रिश्तेदारों से तथा कुछ ब्याज पर लेकर की थी। जनवरी माह में ही दो बार में पैसे जमा कर दिए थे। 22 फरवरी को टिकट था, मुंबई जाने के पहले ही फ्राॅड का पता चला तो पैरों तले जमीन खिसक गई। इसके बाद कोतवाली पुलिस को तहरीर दी गई। हालांकि, अभी तक आरोपियों के नहीं पकड़े जाने से पैसे के डूबने की आशंका में सब कुछ समाप्त होता दिख रहा है।
-भीम कुशवाहा, भटनी
संचालक के यहां तैनात लड़कियों के बार-बार फोन आने के बाद आमेर्निया जाने के लिए किसी तरह 70 हजार रुपये का प्रबंध किया था। अलग-अलग समूह में 120 लोगों को मुंबई भेजा गया। लोग टिकट कराकर गए भी। वहां एयरपोर्ट से बैरंग आना पड़ा। एयरपोर्ट पर जाने के बाद जब पता चला कि टिकट कैंसिल हो गया है तो एक युवक को इतना धक्का लगा कि वह वहीं बेहोश हो गया। सबको अपने पैसे की चिंता सता रही है। समझ में नहीं आ रहा है कि अब क्या किया जाए।
अश्विनी सिंह, जगदीशपुर थाना विजयीपुर बिहार
कोट
विदेश भेजने के नाम पर ठगी के मामले में केस दर्ज करके मामले की विवेचना की जा रही है। इस मामले में आरोपियों की तलाश की जा रही है। बैंक सहित अन्य विवरण की जांच की जा रही है। इस मामले में जो भी दोषी साबित होगा, उसके खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाएगी।
-संकल्प शर्मा, पुलिस अधीक्षक