फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Deoria News ›   Forget about giving bike to children at the age of giving bicycle.Forget about giving bike to children at the age of giving bicycle.

Deoria News: साइकिल देने की उम्र में लाडलों को बाइक थमाना भूल

Sat, 06 Jan 2024 12:23 AM IST
गोरखपुर ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, देवरिया
संवाद न्यूज एजेंसी, देवरिया Updated Sat, 06 Jan 2024 12:23 AM IST
विज्ञापन
Forget about giving bike to children at the age of giving bicycle.Forget about giving bike to children at the age of giving bicycle.
सलेमपुर। लाडलों को साइकिल देने की उम्र में बाइक या स्कूटी थमा देना बड़ी भूल है, यह अभिभावकों ने भी माना है। दरअसल शासन ने मोटर व्हीकल एक्ट को सख्ती से लागू करते हुए नाबालिगों के बाइक या चार पहिया वाहन चलाने पर रोक लगा दी है। अगर नाबालिगों ने वाहन चलाया तो अभिभावकों को जेल भी जाना पड़ जाएगा। जुर्माने का भी प्रावधान है। ऐसे में स्कूल अभिभावकों से तालमेल बनाकर जागरुकता अभियान चलाने में जुट गए हैं।
विज्ञापन

शुक्रवार को बापू इंटर कॉलेज में प्रार्थना के दौरान एनाउंस कर बताया गया कि जिस छात्र के पास ड्राइविंग लाइसेंस न हो वह कतई बाइक लेकर कॉलेज न आए। अगर वह बिना ड्राइविंग लाइसेंस के बाइक चलाते पकड़े गए तो उसका नाम स्कूल से काट दिया जाएगा। उधर सेंट जेवियर्स स्कूल, आरएल एकेडमी सीनियर सेकेंडरी स्कूल, सेंट पॉल पब्लिक स्कूल, जीएम एकेडमी, स्कॉलर्स पब्लिक स्कूल, सेंट्रल पब्लिक स्कूल, नवजीवन पब्लिक स्कूल, सेंट जॉन पब्लिक स्कूल नवलपुर इस मामले में जागरुकता अभियान चलाने में जुट गए हैं। स्कूल संचालक अभिभावकों के साथ बैठक कर बिना ड्राइविंग लाइसेंस के छात्रों को बाइक या स्कूटी न देने की सलाह दे रहे हैं। वहीं अभिभावक कानून को अपने हित में बताते हुए इसका पालन कराने की हामी भर रहे हैं।
विज्ञापन


बोले विद्यालय के प्रधानाचार्य
बिना ड्राइविंग लाइसेंस के विद्यालय कैम्पस में बाइक या स्कूटी से आने पर पूर्णतया प्रतिबंध लगा दिया गया है। इसके बावजूद जो छात्र नियमों का उल्लंघन करता मिला। उसके खिलाफ विद्यालय प्रबंधन के तरफ से कार्रवाई की जाएगी। , कैप्टन संतोष चौरसिया, प्रधानाचार्य, बापू इंटर कॉलेज सलेमपुर
विज्ञापन
विज्ञापन

मैंने एक साल पहले बिना ड्राइविंग लाइसेंस के स्कूल में बाइक व स्कूटी लाने या चलाने इस पर प्रतिबंध लगा दिया था। लेकिन कुछ बच्चे नियमों को दरकिनार कर स्कूल कैंपस के बाहर बाइक खड़ा कर रहे हैं। इस नियम को अब सख्ती से पालन कराया जाएगा।
-वीके शुक्ला, प्रधानाचार्य, सेंट जेवियर्स स्कूल सलेमपुर

क्या कहते हैं अभिभावक
लोगों ने नाबालिगों को वाहन नहीं बल्कि मौत के हथियार दे रखे हैं। जिसकी वजह से हादसों में नाबालिगों की मौत ज्यादा होती है। क्योंकि किशोर ही स्टंटबाजी करते हैं। साइकिल की उम्र बाइक देना सबसे बड़ी गलती है।
- शालिनी पांडेय, अभिभावक

नाबालिग बच्चों के हाथ में वाहन देना किसी भी दृष्टि से उचित नहीं है। उनको न तो वाहनों की स्पीड पर कंट्रोल होता है और न ही रोड सेंस होती है। हम चाहते हैं कि सरकार नए कानून का सख्ती से पालन कराए।

- नीलम यादव , अभिभावक

यह कानून बच्चों ही नहीं माता-पिता के लिए भी राहत भरा है। बशर्ते इस कानून का पालन सरकार बहुत सख्ती से कराए। कुछ अभिभावक अब भी नाबालिगों को वाहन थमा रहे हैं, जिसका परिणाम बहुत सुखद नहीं है।
- आशा गुप्ता , अभिभावक
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed