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Deoria News: दिन में कोहरे की मार....रात में बादल बरसे
Sat, 06 Jan 2024 12:26 AM IST
गोरखपुर ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, देवरिया
संवाद न्यूज एजेंसी, देवरिया
Updated Sat, 06 Jan 2024 12:26 AM IST
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शुक्रवार की रात में मौसम ने लिया करवट रूक रूक कर हुई बारिश।
देवरिया। शहर में दिन में कोहरे का प्रकोप रहा तो रात में बादल बरसे। ठंड और गलन बढ़ने से लोग बेहाल हो गए।जन-जीवन अस्त-व्यस्त हो गया। शुक्रवार को पूरे दिन सूरज के दर्शन नहीं हुए। भोर से दोपहर 12 बजे तक इलाका कोहरे की चपेट में रहा। इसके बाद कोहरा कुछ हल्का हुआ लेकिन बादलों के चलते गलन बरकरार रही। शाम से पहले रिमझिम और उसके बाद रुक-रुक कर हुई बारिश से तापमान और गिर गया। मल्हना स्थित कृषि विज्ञान केंद्र के प्रभारी डॉ.मान्धाता सिंह ने बताया कि यह बारिश मौसमी सभी फसलों के लिए लिए लाभदायक है।
जिले में ठंड का प्रकोप जारी है। शुक्रवार को अधिकतम तापमान में दो डिग्री की कमी दर्ज की गई। अधिकतम तापमान 21 व न्यूनतम 14 डिग्री दर्ज किया गया। शाम होते-होते ठंड और बढ़ गई। कुछ देर में रिमझिम बारिश शुरू हो गई। रात करीब आठ बजे से बारिश तेज हो गई। इस बीच बाजार में आवाजाही कम हो गई, दुकानदार ग्राहकों का इंतजार करते नजर आए। ऑफिस से लौट रहे लोग भी परेशान हुए।
उधर, ठंड की वजह से सुबह में टहलने वालों की संख्या कम हो गई है। कक्षा आठवीं तक के स्कूलों के बंद होने से बच्चों को रहात है। वहीं, बुजुर्गों के स्वास्थ्य को लेकर घरों में विशेष सावधानी बरती जा रही है। इधर मेडिकल कॉलेज की ओपीडी में भी मौसम से प्रभावित बीमार लोगों की संख्या बढ़ी है।
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सभी चिह्नित जगहों पर नहीं जला अलाव
नगरपालिका ने अलाव के लिए शहर में 16 जगह चिह्नित की है। लेकिन शुक्रवार को रोडवेज, रेलवे स्टेशन परिसर सहित कुछ अन्य जगहों को छोड़कर अन्य स्थानों पर अलाव जलता नहीं नजर आया। मालगोदाम पर व रामेश्वर लाल तिराहे पर अलाव नहीं जलने से मजदूर परेशान दिखे।
मेडिकल कॉलेज परिसर में नहीं बना रैन बसेरा
महर्षि देवरहा बाबा मेडिकल कॉलेज में रोजाना दो हजार से अधिक मरीज आते हैं। उनके साथ तीमारदार भी होते हैं। वार्ड में भर्ती मरीजों के तीमारदार भी होते हैं। ठंड के मौसम में इनके लिए अब तक रैन बसेरा का इंतजाम नहीं किया गया है। अलावा की भी पर्याप्त व्यवस्था नहीं है। चार स्थानों पर अलाव की जरूरत महसूस की जा रही है, लेकिन ओपीडी कक्ष और प्रशासनिक भवन परिसर में अब तक अलाव नहीं जल रहा है। इमरजेंसी, एमसीएच विंग में कम मात्रा में लकड़ी गिराई जा रही है, जो जल्द ही समाप्त हो जा रही है। सीएमएस डॉ. एचके मिश्रा ने बताया कि रैन बसेरा के लिए स्थान चिह्नित कर लिया गया है। शौचालय शुरू कराने के लिए नगर पालिका को पत्र लिख गया है। नगर पालिका की ओर से दो ही जगह पर अलाव जलाया जा रहा है। चारों जगह पर्याप्त लकड़ी की व्यवस्था करने को कहा गया है।
ये ट्रेनें रहीं निरस्त, कई विलंब से पहुंचीं
छपरा इंटरसिटी एक्सप्रेस, जयनगर-अमृतसर शहीद एक्सप्रेस अप और डाउन, समस्तीपुर-अमृतसर जनसेवा एक्सप्रेस, छपरा-इंटरसिटी एक्सप्रेस, बापूधाम एक्सप्रेस, पाटलीपुत्र एक्सप्रेस, दादर एक्सप्रेस कोहरे के चलते निरस्त रहीं। उधर, आम्रपाली एक्सप्रेस, वैशाली एक्सप्रेस, बाघ एक्सप्रेस, गोरखपुर-पुणे एक्सप्रेस, गोदान एक्सप्रेस सहित कई अन्य ट्रेनें कई घंटे विलंब से चलीं। इससे यात्रियों को लंबा इंतजार करना पड़ा।
रबी की फसलों के अनुकूल है मौसम
भाटपाररानी। कृषि विज्ञान केंद्र मल्हना-भाटपाररानी के प्रभारी डॉक्टर मांधाता सिंह ने बताया कि कड़ाके की ठंड रबी की फसलों मुख्य रूप से गेहूं के लिए काफी अनुकूल साबित हो रही है। यद्यपि की कुछ तिलहन और दलहन फसलों के लिए यह मौसम हानिकारक है। फिर भी किसान दवा आदि का छिड़काव कर बचाव कर सकते हैं।
ठंड के चलते रोडवेज बसों में यात्री कम निकल रहे हैं। इससे आय प्रभावित हो रही है। शुक्रवार को 129 अनुबंधित बसों में 125 का संचालन किया गया। कुछ बसेंं कर्मचारियों के नहीं आने तो कुछ खराब होने के चलते नहीं चलींं। -राकेश पति त्रिपाठी, वरिष्ठ केंद्र प्रभारी देवरिया डिपो
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जिले में ठंड का प्रकोप जारी है। शुक्रवार को अधिकतम तापमान में दो डिग्री की कमी दर्ज की गई। अधिकतम तापमान 21 व न्यूनतम 14 डिग्री दर्ज किया गया। शाम होते-होते ठंड और बढ़ गई। कुछ देर में रिमझिम बारिश शुरू हो गई। रात करीब आठ बजे से बारिश तेज हो गई। इस बीच बाजार में आवाजाही कम हो गई, दुकानदार ग्राहकों का इंतजार करते नजर आए। ऑफिस से लौट रहे लोग भी परेशान हुए।
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उधर, ठंड की वजह से सुबह में टहलने वालों की संख्या कम हो गई है। कक्षा आठवीं तक के स्कूलों के बंद होने से बच्चों को रहात है। वहीं, बुजुर्गों के स्वास्थ्य को लेकर घरों में विशेष सावधानी बरती जा रही है। इधर मेडिकल कॉलेज की ओपीडी में भी मौसम से प्रभावित बीमार लोगों की संख्या बढ़ी है।
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सभी चिह्नित जगहों पर नहीं जला अलाव
नगरपालिका ने अलाव के लिए शहर में 16 जगह चिह्नित की है। लेकिन शुक्रवार को रोडवेज, रेलवे स्टेशन परिसर सहित कुछ अन्य जगहों को छोड़कर अन्य स्थानों पर अलाव जलता नहीं नजर आया। मालगोदाम पर व रामेश्वर लाल तिराहे पर अलाव नहीं जलने से मजदूर परेशान दिखे।
मेडिकल कॉलेज परिसर में नहीं बना रैन बसेरा
महर्षि देवरहा बाबा मेडिकल कॉलेज में रोजाना दो हजार से अधिक मरीज आते हैं। उनके साथ तीमारदार भी होते हैं। वार्ड में भर्ती मरीजों के तीमारदार भी होते हैं। ठंड के मौसम में इनके लिए अब तक रैन बसेरा का इंतजाम नहीं किया गया है। अलावा की भी पर्याप्त व्यवस्था नहीं है। चार स्थानों पर अलाव की जरूरत महसूस की जा रही है, लेकिन ओपीडी कक्ष और प्रशासनिक भवन परिसर में अब तक अलाव नहीं जल रहा है। इमरजेंसी, एमसीएच विंग में कम मात्रा में लकड़ी गिराई जा रही है, जो जल्द ही समाप्त हो जा रही है। सीएमएस डॉ. एचके मिश्रा ने बताया कि रैन बसेरा के लिए स्थान चिह्नित कर लिया गया है। शौचालय शुरू कराने के लिए नगर पालिका को पत्र लिख गया है। नगर पालिका की ओर से दो ही जगह पर अलाव जलाया जा रहा है। चारों जगह पर्याप्त लकड़ी की व्यवस्था करने को कहा गया है।
ये ट्रेनें रहीं निरस्त, कई विलंब से पहुंचीं
छपरा इंटरसिटी एक्सप्रेस, जयनगर-अमृतसर शहीद एक्सप्रेस अप और डाउन, समस्तीपुर-अमृतसर जनसेवा एक्सप्रेस, छपरा-इंटरसिटी एक्सप्रेस, बापूधाम एक्सप्रेस, पाटलीपुत्र एक्सप्रेस, दादर एक्सप्रेस कोहरे के चलते निरस्त रहीं। उधर, आम्रपाली एक्सप्रेस, वैशाली एक्सप्रेस, बाघ एक्सप्रेस, गोरखपुर-पुणे एक्सप्रेस, गोदान एक्सप्रेस सहित कई अन्य ट्रेनें कई घंटे विलंब से चलीं। इससे यात्रियों को लंबा इंतजार करना पड़ा।
रबी की फसलों के अनुकूल है मौसम
भाटपाररानी। कृषि विज्ञान केंद्र मल्हना-भाटपाररानी के प्रभारी डॉक्टर मांधाता सिंह ने बताया कि कड़ाके की ठंड रबी की फसलों मुख्य रूप से गेहूं के लिए काफी अनुकूल साबित हो रही है। यद्यपि की कुछ तिलहन और दलहन फसलों के लिए यह मौसम हानिकारक है। फिर भी किसान दवा आदि का छिड़काव कर बचाव कर सकते हैं।
ठंड के चलते रोडवेज बसों में यात्री कम निकल रहे हैं। इससे आय प्रभावित हो रही है। शुक्रवार को 129 अनुबंधित बसों में 125 का संचालन किया गया। कुछ बसेंं कर्मचारियों के नहीं आने तो कुछ खराब होने के चलते नहीं चलींं। -राकेश पति त्रिपाठी, वरिष्ठ केंद्र प्रभारी देवरिया डिपो