{"_id":"669eb39103f2a2b07b0487e4","slug":"flood-water-reached-ramjanaki-road-near-kaparwar-rudrapur-and-paina-deoria-news-c-208-1-sgkp1013-130912-2024-07-23","type":"story","status":"publish","title_hn":"Deoria News: कपरवार-रुद्रपुर और पैना के निकट रामजानकी मार्ग तक पहुंचा बाढ़ का पानी","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Deoria News: कपरवार-रुद्रपुर और पैना के निकट रामजानकी मार्ग तक पहुंचा बाढ़ का पानी
विज्ञापन
बरहज सरयू तट पर फैला बाढ़ का पानी संवाद
-बरहज में खतरे के निशान 66.50 से 75 सेमी ऊपर बह रही सरयू
संवाद न्यूज एजेंसी
बरहज। नेपाल की ओर से दोबारा करीब 3.24 लाख क्यूसेक पानी छोड़ा गया है। इससे सरयू नदी में सैलाब उमड़ आया है। नदी का पानी महेन गांव के निकट कपरवार-रुद्रपुर और पैना के निकट रामजानकी मार्ग तक पहुंच गया है। तीन दिनों से जलस्तर में तेजी से हो रही वृद्धि के कारण तटवर्ती गांवों के लोगों में हड़कंप मचा है। सोमवार की शाम नदी खतरे के निशान 66.50 से 75 सेमी ऊपर 67.25 मीटर पर बहने लगी है।
कुछ दिनों पूर्व सरयू नदी खतरे के निशान 66.50 से 85 सेमी ऊपर 67.35 मीटर तक पहुंच वापस हो गई थी, जिससे लोगों ने राहत महसूस की थी, लेकिन सरयू में दोबारा उफान आने से नदी का जलस्तर 67.25 मीटर पर पहुंच गया है। अधिकारियों के अनुसार जलस्तर में अभी और इजाफा होने की संभावना है। सरयू में सैलाब उमड़ने के कारण राप्ती भी उफना गई है, जिससे बाढ़ का पानी पैना गांव के निकट रामजानकी मार्ग, जबकि महेन स्थित ईंट भट्ठा के समीप सड़क तक पहुंच गया है। नदी में आई बाढ़ से भदिला प्रथम गांव टापू बना हुआ है।
नदी का पानी खेतों आदि के रास्ते परसियां-विशुनपुर देवार के एक दर्जन मजरों का रुख कर लिया है। आई बाढ़ से चारों ओर पानी ही पानी हो गया है। सैकड़ों एकड़ कृषि भूमि जलमग्न हो गई है। वहीं नदी कुछ एक जगहों पर कटान भी कर रही है।
विज्ञापन
-- -- -- -
जलस्तर में निरंतर इजाफा होते देखा जा रहा है। 24 घंटे में नदी के जलस्तर में 25 सेमी की बढ़त दर्ज किया गया है। माॅनीटरिंग किया जा रहा है।
-अशोक द्विवेदी, सहायक अभियंता, बाढ़ खंड
विज्ञापन
संवाद न्यूज एजेंसी
बरहज। नेपाल की ओर से दोबारा करीब 3.24 लाख क्यूसेक पानी छोड़ा गया है। इससे सरयू नदी में सैलाब उमड़ आया है। नदी का पानी महेन गांव के निकट कपरवार-रुद्रपुर और पैना के निकट रामजानकी मार्ग तक पहुंच गया है। तीन दिनों से जलस्तर में तेजी से हो रही वृद्धि के कारण तटवर्ती गांवों के लोगों में हड़कंप मचा है। सोमवार की शाम नदी खतरे के निशान 66.50 से 75 सेमी ऊपर 67.25 मीटर पर बहने लगी है।
कुछ दिनों पूर्व सरयू नदी खतरे के निशान 66.50 से 85 सेमी ऊपर 67.35 मीटर तक पहुंच वापस हो गई थी, जिससे लोगों ने राहत महसूस की थी, लेकिन सरयू में दोबारा उफान आने से नदी का जलस्तर 67.25 मीटर पर पहुंच गया है। अधिकारियों के अनुसार जलस्तर में अभी और इजाफा होने की संभावना है। सरयू में सैलाब उमड़ने के कारण राप्ती भी उफना गई है, जिससे बाढ़ का पानी पैना गांव के निकट रामजानकी मार्ग, जबकि महेन स्थित ईंट भट्ठा के समीप सड़क तक पहुंच गया है। नदी में आई बाढ़ से भदिला प्रथम गांव टापू बना हुआ है।
विज्ञापन
नदी का पानी खेतों आदि के रास्ते परसियां-विशुनपुर देवार के एक दर्जन मजरों का रुख कर लिया है। आई बाढ़ से चारों ओर पानी ही पानी हो गया है। सैकड़ों एकड़ कृषि भूमि जलमग्न हो गई है। वहीं नदी कुछ एक जगहों पर कटान भी कर रही है।
विज्ञापन
जलस्तर में निरंतर इजाफा होते देखा जा रहा है। 24 घंटे में नदी के जलस्तर में 25 सेमी की बढ़त दर्ज किया गया है। माॅनीटरिंग किया जा रहा है।
-अशोक द्विवेदी, सहायक अभियंता, बाढ़ खंड