{"_id":"689ce14db554afac5800df55","slug":"flood-feared-due-to-rising-water-levels-in-chhoti-gandak-deoria-news-c-208-1-sgkp1007-160783-2025-08-14","type":"story","status":"publish","title_hn":"Deoria News: छोटी गंडक में जलस्तर बढ़ने से बाढ़ की आशंका","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Deoria News: छोटी गंडक में जलस्तर बढ़ने से बाढ़ की आशंका
Thu, 14 Aug 2025 12:32 AM IST
गोरखपुर ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, देवरिया
संवाद न्यूज एजेंसी, देवरिया
Updated Thu, 14 Aug 2025 12:32 AM IST
विज्ञापन
छोटी गंडक नदी का बढ़ता हुआ जलस्तर
संवाद न्यूज एजेंसी
भाटपाररानी। तहसील क्षेत्र से होकर बहने वाली छोटी गंडक नदी के जलस्तर में लगातार वृद्धि से तटवर्ती गांवों में बाढ़ की आशंका गहराने लगी है। ग्रामीणों का कहना है कि वर्षों से तटबंधों की मरम्मत न होने के कारण वे जर्जर हो चुके हैं। हालांकि नदी का जलस्तर अभी खतरे के निशान से नीचे है, मगर जलस्तर में बढ़ोतरी ने लोगों की चिंता बढ़ा दी है।
प्रभावित होने की आशंका वाले गांवों में बनकटा शंभू, मालीबारी, खैराट, बड़कागांव, मठदनउर, भवनटोला, बनकटा मिश्र, जिरासो, मलह चक, मदन चक, चनूकी, दिस्तौली, करमुआ और खरवानिया शामिल हैं।
बनकटा शंभू के ग्राम प्रधान राधा यादव, मालीबारी के दीपक जायसवाल, बड़कागांव के रविंद्र यादव और बनकटा मिश्रा के कामेश वर्मा ने बताया कि तटबंधों की स्थिति बेहद कमजोर है। बाढ़ आने पर इनके टूटने से गांवों में भारी तबाही मच सकती है। ग्रामीणों ने प्रशासन से तटबंधों की त्वरित मरम्मत की मांग की है। एसडीएम रत्नेश तिवारी ने बताया कि तटवर्ती गांवों के लेखपालों को नदी की निगरानी के लिए लगाया गया है। फिलहाल बाढ़ का तत्काल कोई खतरा नहीं है, लेकिन स्थिति पर लगातार नजर रखी जा रही है।
विज्ञापन
विज्ञापन
संवाद न्यूज एजेंसी
भाटपाररानी। तहसील क्षेत्र से होकर बहने वाली छोटी गंडक नदी के जलस्तर में लगातार वृद्धि से तटवर्ती गांवों में बाढ़ की आशंका गहराने लगी है। ग्रामीणों का कहना है कि वर्षों से तटबंधों की मरम्मत न होने के कारण वे जर्जर हो चुके हैं। हालांकि नदी का जलस्तर अभी खतरे के निशान से नीचे है, मगर जलस्तर में बढ़ोतरी ने लोगों की चिंता बढ़ा दी है।
प्रभावित होने की आशंका वाले गांवों में बनकटा शंभू, मालीबारी, खैराट, बड़कागांव, मठदनउर, भवनटोला, बनकटा मिश्र, जिरासो, मलह चक, मदन चक, चनूकी, दिस्तौली, करमुआ और खरवानिया शामिल हैं।
विज्ञापन
बनकटा शंभू के ग्राम प्रधान राधा यादव, मालीबारी के दीपक जायसवाल, बड़कागांव के रविंद्र यादव और बनकटा मिश्रा के कामेश वर्मा ने बताया कि तटबंधों की स्थिति बेहद कमजोर है। बाढ़ आने पर इनके टूटने से गांवों में भारी तबाही मच सकती है। ग्रामीणों ने प्रशासन से तटबंधों की त्वरित मरम्मत की मांग की है। एसडीएम रत्नेश तिवारी ने बताया कि तटवर्ती गांवों के लेखपालों को नदी की निगरानी के लिए लगाया गया है। फिलहाल बाढ़ का तत्काल कोई खतरा नहीं है, लेकिन स्थिति पर लगातार नजर रखी जा रही है।
विज्ञापन