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Deoria News: आग से बचाव का कार्य पूरा नए पीआईसीयू का इंतजार
Wed, 29 Jan 2025 11:57 PM IST
गोरखपुर ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, देवरिया
संवाद न्यूज एजेंसी, देवरिया
Updated Wed, 29 Jan 2025 11:57 PM IST
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देवरिया। मेडिकल कॉलेज में नया पीआईसीयू में आग से बचाव का कार्य पूरा कर लिया गया है। इसकी टेस्टिंग कर ली गई है, लेकिन कुछ कार्य होने हैं। उसके लिए कवायद की जा रही है। इसके करीब तीन माह के अंदर शुरू हो जाने की उम्मीद है।
इसके चालू होने से बेड की संख्या दोगुनी हो जाएगी, जिससे अधिक बच्चों को भर्ती कर इलाज करने में आसानी होगी, वहीं तीमारदारों को परेशान नहीं होना पड़ेगा। यहां पीआईसीयू के अलावा एचडीयू व आईसीयू भी होगा। महर्षि देवरहा बाबा मेडिकल कॉलेज में गंभीर बच्चों के इलाज के लिए पंद्रह बेड के पीआईसीयू की सुविधा है, लेकिन संक्रामक बीमारी फैलने के समय मरीयों की संख्या अधिक हो जाती है, जिससे बेड कम पड़ जाते हैं। एक बेड पर दो से तीन बच्चों को भर्ती कर इलाज किया जाता है, जिससे मरीजों के साथ तीमारदारों को परेशानी होती है, वहीं डॉक्टर और स्टाफ नर्स को इलाज में भी दिक्कत होती है। बेड के अभाव में कुछ मरीज को वापस होना पड़ता है। पीआईसीयू में बेड की किल्लत को देखते हुए 42 बेड का नया पीआईसीयू तैयार किया गया है। यह अत्याधुनिक उपकरणों से लैस होगा, जिससे बच्चों के इलाज में सुविधा होगी। यह दिसंबर माह में हैंडओवर हो गया, लेकिन कुछ कमियां थीं, जिसे दूर करने की कवायद शुरू कर दी गई है।
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इसके चालू होने से बेड की संख्या दोगुनी हो जाएगी, जिससे अधिक बच्चों को भर्ती कर इलाज करने में आसानी होगी, वहीं तीमारदारों को परेशान नहीं होना पड़ेगा। यहां पीआईसीयू के अलावा एचडीयू व आईसीयू भी होगा। महर्षि देवरहा बाबा मेडिकल कॉलेज में गंभीर बच्चों के इलाज के लिए पंद्रह बेड के पीआईसीयू की सुविधा है, लेकिन संक्रामक बीमारी फैलने के समय मरीयों की संख्या अधिक हो जाती है, जिससे बेड कम पड़ जाते हैं। एक बेड पर दो से तीन बच्चों को भर्ती कर इलाज किया जाता है, जिससे मरीजों के साथ तीमारदारों को परेशानी होती है, वहीं डॉक्टर और स्टाफ नर्स को इलाज में भी दिक्कत होती है। बेड के अभाव में कुछ मरीज को वापस होना पड़ता है। पीआईसीयू में बेड की किल्लत को देखते हुए 42 बेड का नया पीआईसीयू तैयार किया गया है। यह अत्याधुनिक उपकरणों से लैस होगा, जिससे बच्चों के इलाज में सुविधा होगी। यह दिसंबर माह में हैंडओवर हो गया, लेकिन कुछ कमियां थीं, जिसे दूर करने की कवायद शुरू कर दी गई है।
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