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Deoria News: लार के मझवलिया व कुंडावल हरी में लगी आग, बीस झोपड़ियां जलीं
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लार के मझवलिया नम्बर दो में लगी आग
32 बकरियां, 14 मुर्गे, 10 बत्तखें व एक भैंस के पड़वा की जलकर मौत
दो घंटे से अधिक समय तक आग ने मचाया तांडव, ग्रामीणों व फायर ब्रिगेड की मदद से आग पर पाया गया काबू
संवाद न्यूज एजेंसी
सलेमपुर। लार थाना क्षेत्र के मझवलिया नंबर दो व कुंडावल हरी गांव में बृहस्पतिवार को चूल्हे की चिंगारी से आग लग गई। जिसमें मझवलिया नंबर दो में चार रिहायशी झोपड़ी व उसमें रखे घरेलू सामान सहित 32 बकरियां, 14 मुर्गे, 10 बत्तखें व एक भैंस का पड़वा की जलकर मौत हो गई। उधर कुंडावल हरी गांव में 16 झोपड़ी सहित खाने पीने का सामान जलकर राख हो गया। आगलगी की घटना पर जुटे ग्रामीणों और फायर ब्रिगेड के कर्मियों की कड़ी मशक्कत के बाद आग पर काबू पाया गया।
जानकारी के मुताबिक मझवलिया नंबर दो में सुबह निजामुदीन के घर की महिलाएं चूल्हे पर भोजन बना रही थी। हवा की वजह से चूल्हे से निकली चिंगारी से झोपड़ी में आग लग गई। अभी लोग कुछ समझते तब तक आग की लपटें हवाओं के साथ बगल के सन्नू, काजू, जलालुदीन, की झोपड़ी तक पहुंच गई। देखते ही देख आग ने उग्र रूप ले लिया। आग पर काबू पाने के लिए ग्रामीणों ने काफी प्रयास किया, लेकिन पछुआ हवा की तेज लपटों के सामने विवश नजर आए। कुछ देर बाद पहुंची फायर ब्रिगेड की टीम के सहयोग से आग पर काबू पाया गया। पीड़ितों के मुताबिक कुल 32 बकरियां, 14 मुर्गे, 10 बत्तखें व एक भैंस का पड़वा सहित खाने पीने की वस्तुएं जल गईं। उधर, कुंडावल हरी गांव में परोरा राजभर के घर की महिलाएं झोपड़ी में चूल्हे पर खाना बना रही थीं। तभी चूल्हे की चिंगारी से निकली आग ने झोपड़ी में पकड़ लिया। इसे बुझाने का परिजनों ने प्रयास किया। लेकिन पछुआ हवा से पड़ोस के सुकई, सुरेश पुत्र मोतीलाल, जयश्री पुत्र महाराज, मंगरी पत्नी लाल साहब, नंदलाल पुत्र सुरेश, विंध्याचल पुत्र राम वृक्ष, राजू राजभर पुत्र गौरी, राजू हजाम पुत्र गोपाल, देवेंद्र राजभर पुत्र कैलाश, दरोगा पुत्र श्याम लाल, मिश्री पुत्र महाराज, बीरबल पुत्र श्रीकिसून, लीलावती पत्नी लालचंद, नरमा यादव पुत्र सरदार, सिपाही पुत्र श्यामलाल और बलवंत की झोपड़ियां जलकर राख हो गईं। ग्रामीणों के सहयोग से आग पर काबू पाया गया। जानकारी पर पहुंचे हलका लेखपाल ने क्षतिपूर्ति का आकलन कर रिपोर्ट तहसील प्रशासन को भेज दिया। तहसीलदार मिश्रीलाल ने बताया कि कुंडावल हरी और मझवलिया नंबर दो में आग लगी थी। इसमें बीस झोपड़ियां जली हैं। क्षतिपूर्ति का आकलन कराया गया है। इसकी रिपोर्ट भेजी जाएगी।
.....
इंसेट-
आसमान तले गुजारेंगे रात
मझवलिया नंबर दो में लगी आग से निजामुदीन, सन्नू ,काजू,जलालुदीन की रिहायशी झोपड़ियां जल कर राख हो गईं। निजामुदीन के मुताबिक इसी में सभी लोग परिवार के साथ रहते थे। खाने पीने की वस्तुएं भी रखी गई थी। जो आग की आगोश में आ गई। अब इन परिवारों के सदस्य कहां रहेंगे। इसकी चिंता इन्हें सता रही है।मजबूर होकर इन्हें रात आसमान तले गुजारनी पड़ेगी।
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दो घंटे से अधिक समय तक आग ने मचाया तांडव, ग्रामीणों व फायर ब्रिगेड की मदद से आग पर पाया गया काबू
संवाद न्यूज एजेंसी
सलेमपुर। लार थाना क्षेत्र के मझवलिया नंबर दो व कुंडावल हरी गांव में बृहस्पतिवार को चूल्हे की चिंगारी से आग लग गई। जिसमें मझवलिया नंबर दो में चार रिहायशी झोपड़ी व उसमें रखे घरेलू सामान सहित 32 बकरियां, 14 मुर्गे, 10 बत्तखें व एक भैंस का पड़वा की जलकर मौत हो गई। उधर कुंडावल हरी गांव में 16 झोपड़ी सहित खाने पीने का सामान जलकर राख हो गया। आगलगी की घटना पर जुटे ग्रामीणों और फायर ब्रिगेड के कर्मियों की कड़ी मशक्कत के बाद आग पर काबू पाया गया।
जानकारी के मुताबिक मझवलिया नंबर दो में सुबह निजामुदीन के घर की महिलाएं चूल्हे पर भोजन बना रही थी। हवा की वजह से चूल्हे से निकली चिंगारी से झोपड़ी में आग लग गई। अभी लोग कुछ समझते तब तक आग की लपटें हवाओं के साथ बगल के सन्नू, काजू, जलालुदीन, की झोपड़ी तक पहुंच गई। देखते ही देख आग ने उग्र रूप ले लिया। आग पर काबू पाने के लिए ग्रामीणों ने काफी प्रयास किया, लेकिन पछुआ हवा की तेज लपटों के सामने विवश नजर आए। कुछ देर बाद पहुंची फायर ब्रिगेड की टीम के सहयोग से आग पर काबू पाया गया। पीड़ितों के मुताबिक कुल 32 बकरियां, 14 मुर्गे, 10 बत्तखें व एक भैंस का पड़वा सहित खाने पीने की वस्तुएं जल गईं। उधर, कुंडावल हरी गांव में परोरा राजभर के घर की महिलाएं झोपड़ी में चूल्हे पर खाना बना रही थीं। तभी चूल्हे की चिंगारी से निकली आग ने झोपड़ी में पकड़ लिया। इसे बुझाने का परिजनों ने प्रयास किया। लेकिन पछुआ हवा से पड़ोस के सुकई, सुरेश पुत्र मोतीलाल, जयश्री पुत्र महाराज, मंगरी पत्नी लाल साहब, नंदलाल पुत्र सुरेश, विंध्याचल पुत्र राम वृक्ष, राजू राजभर पुत्र गौरी, राजू हजाम पुत्र गोपाल, देवेंद्र राजभर पुत्र कैलाश, दरोगा पुत्र श्याम लाल, मिश्री पुत्र महाराज, बीरबल पुत्र श्रीकिसून, लीलावती पत्नी लालचंद, नरमा यादव पुत्र सरदार, सिपाही पुत्र श्यामलाल और बलवंत की झोपड़ियां जलकर राख हो गईं। ग्रामीणों के सहयोग से आग पर काबू पाया गया। जानकारी पर पहुंचे हलका लेखपाल ने क्षतिपूर्ति का आकलन कर रिपोर्ट तहसील प्रशासन को भेज दिया। तहसीलदार मिश्रीलाल ने बताया कि कुंडावल हरी और मझवलिया नंबर दो में आग लगी थी। इसमें बीस झोपड़ियां जली हैं। क्षतिपूर्ति का आकलन कराया गया है। इसकी रिपोर्ट भेजी जाएगी।
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इंसेट-
आसमान तले गुजारेंगे रात
मझवलिया नंबर दो में लगी आग से निजामुदीन, सन्नू ,काजू,जलालुदीन की रिहायशी झोपड़ियां जल कर राख हो गईं। निजामुदीन के मुताबिक इसी में सभी लोग परिवार के साथ रहते थे। खाने पीने की वस्तुएं भी रखी गई थी। जो आग की आगोश में आ गई। अब इन परिवारों के सदस्य कहां रहेंगे। इसकी चिंता इन्हें सता रही है।मजबूर होकर इन्हें रात आसमान तले गुजारनी पड़ेगी।
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