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Deoria News: चार साल बाद भी मेडिकल काॅलेज में नहीं मिल रही सुविधाएं
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देवरिया। महर्षि देवरहा बाबा राजकीय मेडिकल कॉलेज स्थापना के चार साल बाद भी आईसीयू की सुविधा नहीं है। इससे यहां आने वाले गंभीर मरीजों को बीआरडी मेडिकल काॅलेज रेफर करना पड़ता है। इससे मरीजों को मुश्किलों का सामना करना पड़ता है।
महर्षि देवरहा बाबा राजकीय मेडिकल कॉलेज में एमबीबीएस का पांचवां सत्र संचालित है। यहां ओपीडी में प्रतिदिन औसतन दो से ढाई हजार मरीज आते हैं। तीन से अधिक बेड का अस्पताल है। इमरजेंसी में रोजाना ढाई से तीन सौ मरीज इलाज कराने आते हैं। इसमें कई गंभीर मरीज होते हैं, जिन्हें आईसीयू की सख्त जरूरत होती है।
पर इन मरीजों को एडवांस लाइफ सपोर्ट सिस्टम वाली एंबुलेंस से बीआरडी मेडिकल कालेज भेज दिया जाता है। देवरिया से गोरखपुर की दूरी तय करने के दौरान लगने वाले समय में कई बार मरीज की स्थिति और बिगड़ जाती है।
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जिला अस्पताल में था आईसीसीयू : मेडिकल काॅलेज के निर्माण से पूर्व तत्कालीन जिला अस्पताल में आईसीसीयू स्थापित था। तब कार्डियों के चिकित्सक भी तैनात थे। पर मेडिकल कालेज के निर्माण के समय इस भवन को तोड़ दिया गया। मेडिकल कालेज में कार्डियोलॉजी विभाग नहीं होने से कोई कार्डियालॉजिस्ट भी नहीं है। इससे काफी दिक्कत होती है।
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महर्षि देवरहा बाबा राजकीय मेडिकल कॉलेज में एमबीबीएस का पांचवां सत्र संचालित है। यहां ओपीडी में प्रतिदिन औसतन दो से ढाई हजार मरीज आते हैं। तीन से अधिक बेड का अस्पताल है। इमरजेंसी में रोजाना ढाई से तीन सौ मरीज इलाज कराने आते हैं। इसमें कई गंभीर मरीज होते हैं, जिन्हें आईसीयू की सख्त जरूरत होती है।
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पर इन मरीजों को एडवांस लाइफ सपोर्ट सिस्टम वाली एंबुलेंस से बीआरडी मेडिकल कालेज भेज दिया जाता है। देवरिया से गोरखपुर की दूरी तय करने के दौरान लगने वाले समय में कई बार मरीज की स्थिति और बिगड़ जाती है।
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जिला अस्पताल में था आईसीसीयू : मेडिकल काॅलेज के निर्माण से पूर्व तत्कालीन जिला अस्पताल में आईसीसीयू स्थापित था। तब कार्डियों के चिकित्सक भी तैनात थे। पर मेडिकल कालेज के निर्माण के समय इस भवन को तोड़ दिया गया। मेडिकल कालेज में कार्डियोलॉजी विभाग नहीं होने से कोई कार्डियालॉजिस्ट भी नहीं है। इससे काफी दिक्कत होती है।