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Deoria News: कागजों में बढ़ रहा छात्रों का नामांकन, औचक निरीक्षण खोल रहे पोल

Mon, 10 Jul 2023 11:52 PM IST
Gorakhpur Bureau गोरखपुर ब्यूरो
Updated Mon, 10 Jul 2023 11:52 PM IST
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Enrollment of students increasing in papers, polls opening surprise inspection
जिले के परिषदीय विद्यालयों में किया जा रहा छात्र संख्या 2.10 लाख होने का दावा
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संवाद न्यूज एजेंसी
देवरिया। जिले के परिषदीय विद्यालयों में नामांकन बढ़ाने को लेकर लगातार प्रयास किए जा रहे हैं। वर्तमान में छात्र संख्या 2.10 लाख होने का दावा किया जा रहा है। स्कूल चलो अभियान के तहत रैली भी कई जगह निकाली जा रही है। हालांकि प्राथमिक स्कूलों में नामांकन बढ़ाना शिक्षकों एवं अधिकारियों के लिए बड़ी चुनौती ही साबित हो रही है।
इधर कई बार जनपद स्तरीय अधिकारियों की ओर से किए गए औचक निरीक्षण में नामांकित छात्र संख्या के सापेक्ष कम ही विद्यार्थी मौके पर मिले हैं। बीते सात जुलाई को बीएसए ने देवरिया सदर क्षेत्र के प्राथमिक विद्यालय पार्वतीपुर सहित अन्य विद्यालयों का निरीक्षण किया। यहां पर 117 के सापेक्ष 61, प्राथमिक विद्यालय बैरौना में 55 में केवल नौ, कंपोजिट विद्यालय गुद्दी चकिया के प्राथमिक में नामांकित 96 के सापेक्ष केवल चार एवं उच्च प्राथमिक में 60 के सापेक्ष केवल 15, कंपोजिट विद्यालय पचौहा में नामांकित 79 के सापेक्ष 43 विद्यार्थी ही मौके पर मौजूद मिले। इसके पूर्व भी सीडीओ, जिलाधिकारी की ओर से किए गए औचक निरीक्षण में नामांकित छात्रों के सापेक्ष मौके पर कम छात्र मिल चुके हैं। ऐसे में विभागीय लोगों की मंशा पर ही सवाल उठते हैं। बैतालपुर क्षेत्र के कंपोजिट विद्यालय औरा चौरी की प्रधानाध्यापक हेमा त्रिपाठी, सदर क्षेत्र के प्राथमिक विद्यालय सरौरा के प्रधानाध्यापक नरेंद्र मोहन सिंह ने बताया कि नामांकन बढ़ाने के लिए स्कूल चलो रैली सहित अभिभावकों से संपर्क किया जा रहा है।
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निजी स्कूलों को मान्यता देने में मनमानी से भी घटा है नामांकन
जिले में प्राइवेट स्कूलों को मान्यता देने में भी बेसिक कार्यालय के अधिकारियों व संबंधित पटल के बाबूओं की मनमानी भी इसके लिए कम जिम्मेदार नहीं है। नगर क्षेत्र में तो स्थित परिषदीय स्कूलों के समीप ही निजी स्कूल चल रहे हैं। ग्रामीण क्षेत्रों में भी यह कमाेवेश यही स्थिति है।
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निजी स्कूलों को मान्यता देने के पूर्व खंड शिक्षा अधिकारी इसके लिए निर्धारित मानकों की जांच करते हैं। जबकि हकीकत यह है कि शहर के कुछ निजी स्कूलों को छोड़ दें तो अधिकांश स्कूल खासकर ग्रामीण स्तर पर चलने वाले प्राइवेट स्कूलों में ज्याातर मानकों पर खरे नहीं उतरते। जांच के दौरान बीईओ क्या जांच करते हैं, यह तो वही जानें। बावजूद मान्यता देने में अधिकारियों व बाबूओं की ओर से इन पर खूब मेहरबानी की जाती है।

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यह है जिले की स्थिति
- परिषदीय विद्यालयों की कुल संख्या- 2120
- प्राथमिक विद्यालयों की कुल संख्या- 1383
- कंपोजिट विद्यालयों की संख्या- 469
- कुल उच्च प्राथमिक विद्यालय- 268
- प्राथमिक विद्यालयों में विद्यार्थियों की संख्या- 146003
- उच्च प्राथमिक विद्यालयों में विद्यार्थियों की संख्या- 65296
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नामांकन बढ़ाने के लिए सभी बीईओ के साथ बैठक की गई है। इधर धान की रोपाई का सीजन होने से कम विद्यार्थियों के विद्यालय नहीं आने की बात कही जा रही है। इसके लिए शिक्षक घर-घर जाकर अभिभावकों से पाल्यों को स्कूल भेजने के लिए प्रेरित कर रहे हैं। सभी जगहों पर नामांकन चल भी रहा है। आगामी दिनों में इसमें बढ़त दिखेगी भी।
...शालिनी श्रीवास्तव, बीएसए
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