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Deoria News: छात्रसंघ चुनाव के लिए प्रदर्शन के बाद रजा से हुई अदावत
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अमर उजाला ब्यूरो
गोरखपुर। दीनदयाल उपाध्याय गोरखपुर विश्वविद्यालय में छात्रसंघ चुनाव के लिए बीते दिनों हुए प्रदर्शन में भी विशाल सिंह श्रीनेत काफी सक्रिय था। 25 सितंबर को विश्वविद्यालय के कुलपति आवास पर हुए प्रदर्शन में शामिल 11 छात्रों में विशाल को भी कैंट थाने की पुलिस ने हिरासत में लिया था।
इसी के ठीक तीन दिन बाद विशाल का घोसीपुरवा के रजा खान से उसका विवाद हो गया था। यही वह दिन था, जब दोनों के बीच अदावत शुरू हुई थी। विशाल के परिजनों ने हत्या में आरोपी के तौर पर रजा पर केस दर्ज कराया है।
24 सितंबर को कुलपति कार्यालय पर विभिन्न मांगों को लेकर छात्रों ने प्रदर्शन किया था। इस दौरान कुलपति कार्यालय का गेट बंद कर दिया गया था। इससे कुलपति कार्यालय में मौजूद शिक्षक, अधिकारी और कर्मचारी अंदर ही फंसे रह गए थे। पुलिस ने काफी मशक्कत के बाद छात्रों को रात आठ बजे वहां से हटाया था। इन्हें कैंट थाने लाया गया था।
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पुलिस ने गुलरिहा बाजार के सतीश प्रजापति, गोला के गौरखास निवासी प्रतीक तिवारी, रामगढ़ताल इलाके के दाउदपुर के राजवीर यादव, देवरिया के रुद्रपुर थाना के हवली बलिया निवासी विशाल सिंह श्रीनेत, खोराबार के जंगल सिकरी के विनोद यादव, इंदिरानगर के सिद्धार्थ यादव, खजनी के बंजरिया के विशाल यादव, इंदिरानगर के अभिषेक यादव, गोला के जानीपुर के अमन पासवान, खजनी के सखरुआ निवासी संजय यादव, खजनी बाजार के दिव्यांश सिंह और उरुवा बाजार के सत्यम गोस्वामी पर केस दर्ज किया था।
पुलिस के आधिकारिक सूत्रों के अनुसार, शाहपुर (घोषीपुरवा) के कुछ लड़के, विशाल के एक नजदीकी के पीछे पड़े थे। इसकी जानकारी विशाल को हुई तो उसने विरोध किया था। सूत्रों ने बताया कि इसके बाद भी रजा और उसके साथ के लड़के आदत से बाज नहीं आ रहे थे। 29 सितंबर को विशाल ने रजा को घेरकर रोका था और अपने साथ लेकर कहीं गया था। वहां रजा की पिटाई के अलावा उसे आगे से नजदीकी को परेशान नहीं करने की चेतावनी दी थी।
इस दौरान दो वीडियो भी बनाए थे। इसके बाद रजा वापस अपने घर आया। इसके ठीक अगले दिन रजा ने फोन कर गोरखपुर आने पर जान से मारने की धमकी भी दी, लेकिन विशाल और उसके साथियों ने गंभीरता से नहीं लिया था।
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गोरखपुर। दीनदयाल उपाध्याय गोरखपुर विश्वविद्यालय में छात्रसंघ चुनाव के लिए बीते दिनों हुए प्रदर्शन में भी विशाल सिंह श्रीनेत काफी सक्रिय था। 25 सितंबर को विश्वविद्यालय के कुलपति आवास पर हुए प्रदर्शन में शामिल 11 छात्रों में विशाल को भी कैंट थाने की पुलिस ने हिरासत में लिया था।
इसी के ठीक तीन दिन बाद विशाल का घोसीपुरवा के रजा खान से उसका विवाद हो गया था। यही वह दिन था, जब दोनों के बीच अदावत शुरू हुई थी। विशाल के परिजनों ने हत्या में आरोपी के तौर पर रजा पर केस दर्ज कराया है।
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24 सितंबर को कुलपति कार्यालय पर विभिन्न मांगों को लेकर छात्रों ने प्रदर्शन किया था। इस दौरान कुलपति कार्यालय का गेट बंद कर दिया गया था। इससे कुलपति कार्यालय में मौजूद शिक्षक, अधिकारी और कर्मचारी अंदर ही फंसे रह गए थे। पुलिस ने काफी मशक्कत के बाद छात्रों को रात आठ बजे वहां से हटाया था। इन्हें कैंट थाने लाया गया था।
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पुलिस ने गुलरिहा बाजार के सतीश प्रजापति, गोला के गौरखास निवासी प्रतीक तिवारी, रामगढ़ताल इलाके के दाउदपुर के राजवीर यादव, देवरिया के रुद्रपुर थाना के हवली बलिया निवासी विशाल सिंह श्रीनेत, खोराबार के जंगल सिकरी के विनोद यादव, इंदिरानगर के सिद्धार्थ यादव, खजनी के बंजरिया के विशाल यादव, इंदिरानगर के अभिषेक यादव, गोला के जानीपुर के अमन पासवान, खजनी के सखरुआ निवासी संजय यादव, खजनी बाजार के दिव्यांश सिंह और उरुवा बाजार के सत्यम गोस्वामी पर केस दर्ज किया था।
पुलिस के आधिकारिक सूत्रों के अनुसार, शाहपुर (घोषीपुरवा) के कुछ लड़के, विशाल के एक नजदीकी के पीछे पड़े थे। इसकी जानकारी विशाल को हुई तो उसने विरोध किया था। सूत्रों ने बताया कि इसके बाद भी रजा और उसके साथ के लड़के आदत से बाज नहीं आ रहे थे। 29 सितंबर को विशाल ने रजा को घेरकर रोका था और अपने साथ लेकर कहीं गया था। वहां रजा की पिटाई के अलावा उसे आगे से नजदीकी को परेशान नहीं करने की चेतावनी दी थी।
इस दौरान दो वीडियो भी बनाए थे। इसके बाद रजा वापस अपने घर आया। इसके ठीक अगले दिन रजा ने फोन कर गोरखपुर आने पर जान से मारने की धमकी भी दी, लेकिन विशाल और उसके साथियों ने गंभीरता से नहीं लिया था।