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Deoria News: पांच साल से कर्मचारियों को बिना काम दे रहे वेतन...एक्स-रे मशीन है ही नहीं

Wed, 27 Dec 2023 12:13 AM IST
गोरखपुर ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, देवरिया
संवाद न्यूज एजेंसी, देवरिया Updated Wed, 27 Dec 2023 12:13 AM IST
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Employees have been paid without work for five years
जिले के सोलह सीएचसी में से सात पर नहीं है मशीन, यहां 2019 से है टेक्नीशियन की तैनाती
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तीन सीएचसी पर दो साल से खराब हैं मशीन, बैठे-बिठाए टेक्नीशियन को मिल रहा वेतन

देवरिया। मरीजों की सुविधा के लिए साल 2019 में जिले के ब्लॉक स्तरीय सोलह सीएचसी पर एक्सरे के लिए 18 टेक्नीशियन की तैनाती की गई।उस समय एक्स-रे मशीनें सिर्फ नौ सीएचसी पर उपलब्ध थीं। कहा गया कि जल्द ही बाकी सात सीएचसी पर मशीनें उपलब्ध करा दी जाएंगी। लेकिन पांच वर्ष बीतने के बाद भी यहां मशीनें नहीं आईं और यहां तैनात टेक्नीशियन बगैर काम के वेतन ले रहे हैं।
यही नहीं जिन नौ सीएचसी पर मशीनें थीं उनमें तीन स्थानों (सलेमपुर, भटनी और भुड़वार) की एक्स-रे मशीनें दो साल से खराब हैं, यहां भी टेक्नीशियन को बिना कोई काम कराए वेतन दिया जा रहा है। अनुमान के मुताबिक, इन टेक्नीशियन को दो करोड़ से अधिक का वेतन बिना कोई काम कराए दिया जा चुका है। सूत्रों के अनुसार, कार्यालय के बाबू की मिलीभगत से तय कमीशन के आधार पर सरकारी धन का दुरुपयोग किया जा रहा है।
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मेडिकल कॉलेज के बाद सलेमपुर सीएचसी पर सबसे अधिक ओपीडी में मरीज आते हैं। यहां दो साल से मशीन खराब है, लेकिन जिम्मेदार मशीन को ठीक कराने के नाम पर अब भी, पत्राचार चल रहा है, का बहाना बना रहे हैं। भुड़वार में दो टेक्नीशियनों की तैनाती है, यहां भी दो साल से इन्हें बिना काम किए वेतन दिया जा रहा है।
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सिधुवा, भुड़वार और भागलपुर में डिजिटल एक्स-रे मशीन भेजने का दावा सीएमओ की ओर से किया जा रहा है। हालांकि इन केंद्रों पर आने वाले मरीजों को अभी एक्स-रे की सुविधा नहीं मिल रही है। यहां भी पांच साल से टेक्नीशियनों की तैनाती है। सूत्रों के अनुसार, जिन सीएचसी पर मशीन नहीं हैं वहां पर तैनात टेक्नीशियन कभी-कभार पल्स पोलिया या टीकाकरण जैसे अभियान में नजर आ जाते हैं।
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मांग के बाद भी नहीं भेजे जा रहे खाली बैठे टेक्नीशियन
जिले के भागलपुर, रामपुर कारखाना, सोनाड़ी, लीलापुर, देसही देवरिया, मझगांवा, बनकटा में एक्स-रे मशीन नहीं है। सलेमपुर, लार, भाटपाररानी, भटनी, बरहज, भुड़वार, रुद्रपुर, गौरीबाजार, पथरदेवा में एक्स-रे होता है। इनमें सलेमपुर, भटनी और भुड़वार में दो साल से मशीनें खराब हैं। लार, सलेमपुर, बरहज में इमरजेंसी में एक्स-रे की सुविधा शुरू करने के लिए अधीक्षक अतिरिक्त टेक्नीशियनों के तैनाती की मांग कर चुके हैं। लेकिन खाली बैठे टेक्नीशियनों को यहां नहीं भेजा जा रहा है।
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बीस से अधिक अस्पतालों पर फार्मासिस्ट, वार्ड ब्वॉय कर रहे मरीजों का इलाज
क्षेत्र के लोगों का आरोप है कि ग्रामीण क्षेत्र के लीलापुर, किशुनपाली, भुड़वार, बनकटा, भाटपाररानी, पिपरा दौला कदम, भलुअनी, नरायनपुर, एकौना, विशुनपुरा, पयासी समेत बीस से अधिक अस्पतालों पर तैनात डॉक्टर ड्यूटी पर नहीं आते हैं। इन अस्पतालों पर तैनात फार्मासिस्ट और वार्ड ब्वॉय ही आने वाले मरीजों का इलाज करते हैं। बावजूद इनका वेतन हर महीने मिल जाता है। सूत्रों की मानें तो ये डॉक्टर विभागीय जांच या कोई शिविर लगने पर तैनाती स्थल पर पहुंचते हैं। शहर में ऐसे कई डॉक्टरों के नर्सिंग होम संचालित हो रहे हैं, जिनकी तैनाती सीएचसी, पीएचसी पर है।
लोग बोले-
दो साल से एक्स-रे मशीन खराब है। इसकी शिकायत कई बार सीएमओ से की जा चुकी है। इसके बाद भी खराबमशीन को ठीक नहीं कराया जा रहा है। इसके चलते प्राइवेट अस्पताल में या मेडिकल कॉलेज देवरिया जाना पड़ रहा है। -विनय मिश्रा, सलेमपुर

स्वास्थ्य केंद्र पर मशीन न होने के कारण बाहर रुपये खर्च कर कराना पड़ा। अफसरों को इस पर ध्यान देना चाहिए। जिला मुख्यालय पर जाने-आने में ही तीन सौ से अधिक रुपये खर्च हो जाएगा। इसलिए प्राइवेट में एक्स-रे कराना मजबूरी है। -श्यामा कांती देवी, चनुकी


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कोट
जिन सीएचसी पर एक्स-रे मशीनें नहीं हैं, वहां पर मशीन उपलब्ध कराने की प्रक्रिया चल रही है। सलेमपुर में खराब मशीन बनने योग्य नहीं हैं, इसलिए जल्द डिजिटल एक्स-रे मशीन उपलब्ध करा दी जाएगी। भुड़वार और भटनी की मशीन खराब होने की जानकारी नहीं है, इसे पता करा लिया जाएगा। टेक्नीशियन की तैनाती मेरे कार्यकाल के पहले की है। सीएचसी पर टेक्नीशियन क्या कार्य करते हैं, इसकी जानकारी नहीं है। बिना उपस्थिति वेतन नहीं दिया जाता है। ग्रामीण क्षेत्रों के कुछ अस्पतालों पर डॉक्टरों के नहीं आने की शिकायत है। समय-समय पर जांच की जाती है। अनुपस्थित रहने वाले डॉक्टरों से स्पष्टीकरण मांगा जाता है। -डॉ. राजेश कुमार झा, सीएमओ
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