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Deoria News: आंधी-पानी से 11 घंटे ठप रही बिजली, 65 गांवों के लोग उमस से बेहाल
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रामपुर बुजुर्ग। सोमवार देर रात करीब 12 बजे से पहले आई तेज आंधी और बारिश से बनकटिया बिजली उपकेंद्र से होने वाली बिजली आपूर्ति पूरी तरह बाधित हो गई। इसके चलते उपकेंद्र से जुड़े करीब 65 गांवों में पूरी रात अंधेरा छाया रहा। मंगलवार सुबह करीब 11 बजे बिजली आपूर्ति बहाल होने पर लोगों ने राहत की सांस ली।
करीब 11 घंटे तक बिजली गुल रहने से भीषण उमस और गर्मी के बीच लोगों का जनजीवन प्रभावित रहा। घरों में पंखे, कूलर और अन्य बिजली उपकरण बंद रहने से लोग रातभर ठीक से सो नहीं सके। सबसे अधिक परेशानी बच्चों, बुजुर्गों और महिलाओं को उठानी पड़ी। मोबाइल फोन डिस्चार्ज होने से लोगों का संपर्क प्रभावित रहा, जबकि कई स्थानों पर मोटर नहीं चलने से पेयजल की समस्या भी बनी रही।
ग्रामीणों का कहना है कि क्षेत्र में हल्की आंधी या बारिश होने पर भी बिजली व्यवस्था अक्सर चरमरा जाती है। आए दिन घंटों बिजली आपूर्ति बाधित रहने से लोगों को भारी परेशानी झेलनी पड़ती है। लोगों ने विभाग से जर्जर लाइनों के रखरखाव और बिजली व्यवस्था को मजबूत बनाने की मांग की है।
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इस संबंध में भाटपार रानी बिजली वितरण खंड के एसडीओ अभिषेक मौर्य ने बताया कि आंधी-पानी के कारण 33 केवीए लाइन में तकनीकी खराबी आ गई थी। विभागीय कर्मचारियों ने फाल्ट की तलाश कर उसे दूर किया, जिसके बाद मंगलवार सुबह करीब 11 बजे बनकटिया बिजली उपकेंद्र से बिजली आपूर्ति सुचारु रूप से बहाल कर दी गई।
हल्की आंधी-बारिश में ही चरमराने लगती है बिजली व्यवस्था
बनकटिया बिजली उपकेंद्र से जुड़े गांवों में बिजली आपूर्ति का संकट अब आम बात हो गई है। ग्रामीणों का कहना है कि हल्की आंधी या बारिश होते ही लाइन में फाल्ट आ जाता है और कई-कई घंटे तक बिजली आपूर्ति ठप रहती है। बरसात के मौसम में यह समस्या और गंभीर हो जाती है।
बार-बार होने वाले ब्रेकडाउन से विद्यार्थियों की पढ़ाई, पेयजल आपूर्ति और कामकाज प्रभावित होते हैं। रात में बिजली गुल होने से लोगों को उमस और गर्मी में जागकर रात बितानी पड़ती है। ग्रामीणों ने विभाग से जर्जर लाइनों को बदलने, पेड़ों की नियमित छंटाई कराने और बिजली व्यवस्था को स्थायी रूप से मजबूत करने की मांग की है, ताकि मामूली आंधी या बारिश में भी बिजली आपूर्ति बाधित न हो।
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करीब 11 घंटे तक बिजली गुल रहने से भीषण उमस और गर्मी के बीच लोगों का जनजीवन प्रभावित रहा। घरों में पंखे, कूलर और अन्य बिजली उपकरण बंद रहने से लोग रातभर ठीक से सो नहीं सके। सबसे अधिक परेशानी बच्चों, बुजुर्गों और महिलाओं को उठानी पड़ी। मोबाइल फोन डिस्चार्ज होने से लोगों का संपर्क प्रभावित रहा, जबकि कई स्थानों पर मोटर नहीं चलने से पेयजल की समस्या भी बनी रही।
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ग्रामीणों का कहना है कि क्षेत्र में हल्की आंधी या बारिश होने पर भी बिजली व्यवस्था अक्सर चरमरा जाती है। आए दिन घंटों बिजली आपूर्ति बाधित रहने से लोगों को भारी परेशानी झेलनी पड़ती है। लोगों ने विभाग से जर्जर लाइनों के रखरखाव और बिजली व्यवस्था को मजबूत बनाने की मांग की है।
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इस संबंध में भाटपार रानी बिजली वितरण खंड के एसडीओ अभिषेक मौर्य ने बताया कि आंधी-पानी के कारण 33 केवीए लाइन में तकनीकी खराबी आ गई थी। विभागीय कर्मचारियों ने फाल्ट की तलाश कर उसे दूर किया, जिसके बाद मंगलवार सुबह करीब 11 बजे बनकटिया बिजली उपकेंद्र से बिजली आपूर्ति सुचारु रूप से बहाल कर दी गई।
हल्की आंधी-बारिश में ही चरमराने लगती है बिजली व्यवस्था
बनकटिया बिजली उपकेंद्र से जुड़े गांवों में बिजली आपूर्ति का संकट अब आम बात हो गई है। ग्रामीणों का कहना है कि हल्की आंधी या बारिश होते ही लाइन में फाल्ट आ जाता है और कई-कई घंटे तक बिजली आपूर्ति ठप रहती है। बरसात के मौसम में यह समस्या और गंभीर हो जाती है।
बार-बार होने वाले ब्रेकडाउन से विद्यार्थियों की पढ़ाई, पेयजल आपूर्ति और कामकाज प्रभावित होते हैं। रात में बिजली गुल होने से लोगों को उमस और गर्मी में जागकर रात बितानी पड़ती है। ग्रामीणों ने विभाग से जर्जर लाइनों को बदलने, पेड़ों की नियमित छंटाई कराने और बिजली व्यवस्था को स्थायी रूप से मजबूत करने की मांग की है, ताकि मामूली आंधी या बारिश में भी बिजली आपूर्ति बाधित न हो।