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300 गांवों में आपूर्ति ठप
deoria
Updated Wed, 01 Jun 2016 11:43 PM IST
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बिजली
- फोटो : amar ujala
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सलेमपुर। तहसील के करीब 300 गांव के लोगों को अभी 15 दिन तक बिजली आपूर्ति का इंतजार करना पड़ेगा। बिजली का पोल मिलने के बाद ही इन गांवों की बिजली व्यवस्था दुरुस्त होगी। इसके लिए प्रभावित विद्युत उपकेंद्रों के अवर अभियंताओं ने एस्टीमेट बनाकर अफसरों को भेजा है।
आंधी और पानी से तार और पोल टूट गया था। इसके चलते बिजली आपूर्ति पूरी तरह पटरी से उतर गई थी। कर्मचारियों के काफी प्रयास के बाद नगर और जिन गांवों में कम नुकसान हुआ उस गांव की बिजली आपूर्ति चालू हो गई है। लेकिन अभी भी सलेमपुर, लार, सतरांव, कुंडौली और भटनी विद्युत उपकेंद्र से जुड़े करीब 300 गांवों की आपूर्ति ठप है।
इन गांवों में पोल और तार सर्वाधिक टूटने के कारण आपूर्ति बहाल नहीं हो पा रही है। वहीं, बिजली नहीं मिलने से इन गांव के लोगों की मुश्किलें बढ़ गई हैं। इसके लिए लोग विद्युत उपकेंद्रों का चक्कर लगा रहे हैं। आपूर्ति प्रभावित होने से किसानों को धान का बीज डालने में जहां पंपिंगसेट का सहारा लेना पड़ रहा है। वहीं, लोगों को मोबाइल चार्ज करने के लिए गांव से दूर चौराहों पर जाना पड़ रहा है। वहां जेनरेटर से पांच से दस रुपये लेकर दुकानदार मोबाइल चार्ज कर रहे हैं। वहीं, अवर अभियंता क्षतिग्रस्त हुए पोल और तार का एस्टीमेट बनाकर डिमांड के लिए भेज दिया है। लेकिन अभी तक मिला नहीं है। कर्मचारियों की बातों पर गौर करें तो अगर समय से पोल और तार उपलब्ध हो जाए तो 15 से 20 दिन पूरी तरह से बिजली आपूर्ति बहाल होने में समय लगेगा। इस बाबत एसडीओ ने बताया कि पोल और तार के लिए डिमांड की गई है। सामान उपलब्ध होते ही प्रभावित गांवों की बिजली आपूर्ति ठीक हो जाएगी।
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आंधी और पानी से तार और पोल टूट गया था। इसके चलते बिजली आपूर्ति पूरी तरह पटरी से उतर गई थी। कर्मचारियों के काफी प्रयास के बाद नगर और जिन गांवों में कम नुकसान हुआ उस गांव की बिजली आपूर्ति चालू हो गई है। लेकिन अभी भी सलेमपुर, लार, सतरांव, कुंडौली और भटनी विद्युत उपकेंद्र से जुड़े करीब 300 गांवों की आपूर्ति ठप है।
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इन गांवों में पोल और तार सर्वाधिक टूटने के कारण आपूर्ति बहाल नहीं हो पा रही है। वहीं, बिजली नहीं मिलने से इन गांव के लोगों की मुश्किलें बढ़ गई हैं। इसके लिए लोग विद्युत उपकेंद्रों का चक्कर लगा रहे हैं। आपूर्ति प्रभावित होने से किसानों को धान का बीज डालने में जहां पंपिंगसेट का सहारा लेना पड़ रहा है। वहीं, लोगों को मोबाइल चार्ज करने के लिए गांव से दूर चौराहों पर जाना पड़ रहा है। वहां जेनरेटर से पांच से दस रुपये लेकर दुकानदार मोबाइल चार्ज कर रहे हैं। वहीं, अवर अभियंता क्षतिग्रस्त हुए पोल और तार का एस्टीमेट बनाकर डिमांड के लिए भेज दिया है। लेकिन अभी तक मिला नहीं है। कर्मचारियों की बातों पर गौर करें तो अगर समय से पोल और तार उपलब्ध हो जाए तो 15 से 20 दिन पूरी तरह से बिजली आपूर्ति बहाल होने में समय लगेगा। इस बाबत एसडीओ ने बताया कि पोल और तार के लिए डिमांड की गई है। सामान उपलब्ध होते ही प्रभावित गांवों की बिजली आपूर्ति ठीक हो जाएगी।
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