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Deoria News: आयुष और होमियोपैथ में सुधार के लिए इन पैथि के इंफ्रास्ट्रक्चर को बढ़ाने का करना चाहिए प्रयास

Sun, 02 Jul 2023 11:29 PM IST
Gorakhpur Bureau गोरखपुर ब्यूरो
Updated Sun, 02 Jul 2023 11:29 PM IST
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Efforts should be made to increase the infrastructure of these paths.
संवाद न्यूज एजेंसी
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देवरिया। इंडियन मेडिकल एसोसिएशन (आईएमए) के राष्ट्रीय अध्यक्ष शरद अग्रवाल ने कहा कि संगठन आयुष चिकित्सा पद्धति के विरोध में नहीं है। भारत सरकार को आयुष और होमियोपैथी की स्थिति को सुधारने के लिए इन पैथि के इंफ्रास्ट्रक्चर को बढ़ाने का प्रयास करना चाहिए।
आईएमए के राष्ट्रीय अध्यक्ष ने रविवार को स्टेशन रोड स्थित एक होटल में प्रेसवार्ता में कहा कि आईएमए क्रॉसपैथी के विरोध में है। एक पद्धति में काम कर रहे लोगों को दूसरी चिकित्सा पद्धति की दवा के बारे में सलाह नहीं देनी चाहिए। सुप्रीम कोर्ट के कई मामलों के आधार पर यह साबित होता है कि यह सर्वोच्च न्यायालय के आदेश की अवहेलना है।
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चिकित्सकों का प्रतिनिधित्व करने वाली सबसे प्रमुख संस्था आईएमए लगातार इस बात का विरोध करती रही है कि आयुष चिकित्सकों के एक वर्ग की ओर से कुछ सर्जरी की जाती है। साथ ही आधुनिक चिकित्सा की कुछ दवाइयां लेने की भी सलाह दी जाती है। कहा कि सरकार का आयुष को बढ़ावा देना स्वागत योग्य है, लेकिन जमीनी स्तर पर इसे लागू करने के लिए इसमें सुधार किए जाने की आवश्यकता है।
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उन्होंने कहा कि ग्रामीण इलाकों की स्वास्थ्य सेवाओं को बेहतर करने के लिए आईएमए की पहल आओ गांव चले चलाई जा रही है। इस अभियान के तहत संगठन की हर शाखा को एक गांव को गोद लेने के निर्देश दिए गए हैं। इससे गांवों की स्वास्थ्य सेवाओं को उन्नत बनाने में मदद मिलेगी। कहा कि केतन देसाई की ओर से 2004 में शुरू किए गए प्रोजेक्ट को रिलांच किया जा रहा है। कोरोना आपदा के दौरान इस प्रोजेक्ट की गति धीमी हो गई थी।

उन्होंने कहा कि भारत सरकार को चिकित्सकों की सुरक्षा के लिए एक कानून लाना चाहिए। 75 फीसद डॉक्टर किसी न किसी तरह की हिंसा का सामना करते हैं। इसमें अधिकतर मामले तीमारदार के परिवार के होते हैं। ऐसे में कोई भी डॉक्टर डर और तनाव के माहौल में कैसे काम कर सकता है। डॉक्टरों पर हमले होते रहे तो गंभीर रुप से पीड़ित मरीज को लेने से वह कतराने लगेंगे।
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