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गोदाम नहीं, नकली शराब की फैक्ट्री थी आटा मिल में
ब्यूरो अमर उजाला/ देवरिया
Updated Tue, 07 Jun 2016 01:03 AM IST
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नकली शराब पकड़ी
- फोटो : अमर उजाला
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देवरिया।, शहर से सटे भीमपुर गौरा के जिस परिसर को अवैध शराब का गोदाम मानकर पुलिस ने रविवार रात छापेमारी की, उसकी गहन जांच के बाद नकली शराब की फैक्ट्री का पर्दाफाश हुआ है। देसी शराब के लोकप्रिय ब्रांडों के नाम से तैयार की जा रही इस शराब को बनाने में स्प्रिट के साथ यूरिया, नौसादर, केलिमल नामक केमिकल का इस्तेमाल किए जाने से इसके जहरीले होने का संदेह भी है। इसकी पुष्टि के लिए शराब का सेंपल जांच के लिए भेजा जा रहा है। पुलिस ने जब्त शराब के स्टॉक और वहां पकड़े गए सामान की कीमत एक करोड़ रुपये के आसपास बताई है, जबकि धंधे का मास्टरमाइंड जिला पंचायत सदस्य बताया जा रहा है। अभी तक पांच लोगों को गिरफ्तार किया गया है, जिनमें दो गोरखपुर के हैं।
रविवार रात 9.30 पर हुई छापेमारी के बाद भीतरी की स्थितियों की बारीकी से जांच में कई घंटे लगे। सोमवार को एसपी प्रभाकर चौधरी ने मीडिया को बताया कि महेश गुप्ता की आटा मिल के रूप में पहचाने जाने वाले परिसर में छापे के वक्त सात लोग मौके पर मौजूद थे, जो शराब बनाने का ही काम करते थे। मौके से बड़ी मात्रा में तैयार शराब और लगभग इतना ही अधबनी शराब का स्टॉक मिला है, जबकि शराब बनाने के लिए जरूरी उपकरण, बॉटलिंग का साजोसामान, देसी शराब के लोकप्रिय बांड के रैपर, पैक शराब पर लगाए जाने वाले होलोग्राम की बरामदगी हुई है। महसूस हुआ कि इस परिसर को लंबे समय से डिस्टलरी के रूप में इस्तेमाल किया जा रहा था। मौके से देवरिया खास निवासी अनिल गुप्ता, शहर के भीमपुर निवासी अमित गुप्ता, अजीत गुप्ता, गोरखपुर जिले के खोराबार, कुसम्ही निवासी सुनील और राजन को पकड़ा गया। गौरीबाजार के पथरहट निवासी गया राज उर्फ गया, देवरिया खास निवासी महेन्द्र गुप्ता और गोरखपुर निवासी पप्पू प्रजापति भागने में सफल हो गए। धंधे के पीछे एक जिला पंचायत सदस्य सहित कई बड़े नाम उभरे हैं, उनसे जुड़ी जानकारियां जुटाई जा रही हैं। जानकारी दिए जाने के बाद आबकारी निरीक्षक अशोक कुमार भी मौके पर पहुंचे थे।
इस भंडाफोड़ में अहम भूमिका निभाने पर एसपी ने शहर कोतवाल अनिल पांडेय, सर्विलांस टीम के राहुल, दरोगा विकास यादव, राहुल सिंह, विमलेश, मनीष दुबे, प्रद्युम्न जायसवाल, रविशंकर श्रीवास्तव, विनय वर्मा, घनश्याम सिंह, योगेन्द्र कुमार को पुरस्कार का एलान भी किया है।
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रविवार रात 9.30 पर हुई छापेमारी के बाद भीतरी की स्थितियों की बारीकी से जांच में कई घंटे लगे। सोमवार को एसपी प्रभाकर चौधरी ने मीडिया को बताया कि महेश गुप्ता की आटा मिल के रूप में पहचाने जाने वाले परिसर में छापे के वक्त सात लोग मौके पर मौजूद थे, जो शराब बनाने का ही काम करते थे। मौके से बड़ी मात्रा में तैयार शराब और लगभग इतना ही अधबनी शराब का स्टॉक मिला है, जबकि शराब बनाने के लिए जरूरी उपकरण, बॉटलिंग का साजोसामान, देसी शराब के लोकप्रिय बांड के रैपर, पैक शराब पर लगाए जाने वाले होलोग्राम की बरामदगी हुई है। महसूस हुआ कि इस परिसर को लंबे समय से डिस्टलरी के रूप में इस्तेमाल किया जा रहा था। मौके से देवरिया खास निवासी अनिल गुप्ता, शहर के भीमपुर निवासी अमित गुप्ता, अजीत गुप्ता, गोरखपुर जिले के खोराबार, कुसम्ही निवासी सुनील और राजन को पकड़ा गया। गौरीबाजार के पथरहट निवासी गया राज उर्फ गया, देवरिया खास निवासी महेन्द्र गुप्ता और गोरखपुर निवासी पप्पू प्रजापति भागने में सफल हो गए। धंधे के पीछे एक जिला पंचायत सदस्य सहित कई बड़े नाम उभरे हैं, उनसे जुड़ी जानकारियां जुटाई जा रही हैं। जानकारी दिए जाने के बाद आबकारी निरीक्षक अशोक कुमार भी मौके पर पहुंचे थे।
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इस भंडाफोड़ में अहम भूमिका निभाने पर एसपी ने शहर कोतवाल अनिल पांडेय, सर्विलांस टीम के राहुल, दरोगा विकास यादव, राहुल सिंह, विमलेश, मनीष दुबे, प्रद्युम्न जायसवाल, रविशंकर श्रीवास्तव, विनय वर्मा, घनश्याम सिंह, योगेन्द्र कुमार को पुरस्कार का एलान भी किया है।
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