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Deoria News: उप निबंधक कार्यालय में प्राइवेट कर्मचारी का बोलबाला
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- एक कर्मचारी को छोड़कर सभी प्राइवेट कर्मचारियों से लिया जाता है काम
संवाद न्यूज एजेंसी
सलेमपुर। उप निबंधक कार्यालय में एक लिपिक समेत एक प्राइवेट मुंशी को रकम के साथ विजिलेंस टीम के रंगे हाथों पकड़े जाने के बाद विभाग सचेता नहीं है। शुक्रवार को निबंधन अधिकारी और एक लिपिक के अलावा पांच से छह प्राइवेट कर्मचारी काम करते हुए देखे गए। हालांकि महत्वपूर्ण काम को सरकारी लिपिक ही निपटा रहा था, जबकि कंप्यूटर पर सभी लोग प्राइवेट कर्मचारी थे। जो पूरे दिन चर्चा का विषय बना रहा। वहीं कुछ लोग विजिलेंस टीम की कार्रवाई को सराह रहे थे।
बरडीहा दलपत गांव के रहने वाले अवध किशोर सिंह अपनी पत्नी ऊषा सिंह के नाम से गांव के ही धनीराम सिंह पुत्र बाबूनंदन सिंह से 17 फरवरी को गांव में 37 डिसमिल जमीन खरीदे। आरोप है कि दस्तावेज के लिए अवध किशोर अपनी पत्नी के साथ कई बार उप निबंधक कार्यालय के लिपिक से संपर्क किया, लेकिन उसे दस्तावेज देने के बजाए स्टांप जांच में भेजने की धमकी देने लगे। इसके बाद राम अवध ने विजिलेंस टीम से इसकी शिकायत की और टीम ने बृहस्पतिवार को लिपिक कमलेश कुमार गौड़ समेत प्राइवेट मुंशी रामानंद 15 हजार रुपये के साथ रंगे हाथ दबोच लिया। उसके बाद कार्यालय में अफरा- तफरी का माहौल उत्पन्न हो गया।
शुक्रवार की सुबह उप निबंधक कार्यालय में निबंधन अधिकारी प्रतिमा और एक लिपिक के अलावा पांच से छह प्राइवेट कर्मचारी करते हुए देखे गए। हालांकि महत्वपूर्ण कार्य सरकारी लिपिक ही निपटा रहा था, जबकि कंप्यूटर पर सभी लोग प्राइवेट कर्मचारी थे। उप निबंधक कार्यालय के कुछ लोग आपस में चर्चा कर रहे थे कि कार्रवाई के बाद अभी कुछ प्राइवेट कर्मचारी सबक नहीं सीखे हैं। प्राइवेट कर्मचारी ही सिस्टम को खराब कर रहे हैं और खुलेआम पैसा की मांग कर रहे हैं।
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रामानंद ने कहा कमलेश के कहने पर लिया था रकम
सलेमपुर। विजिलेंस टीम के पूछताछ में पकड़े गए प्राइवेट कर्मचारी रामानंद ने बताया कि वह उप निबंधक कार्यालय के तैनात लिपिक कमलेश कुमार गौड़ के कहने पर उसने पैसा अपने हाथ में लिया था। कमलेश ही लोगों से पैसा का डिमांड करता है। संवाद
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संवाद न्यूज एजेंसी
सलेमपुर। उप निबंधक कार्यालय में एक लिपिक समेत एक प्राइवेट मुंशी को रकम के साथ विजिलेंस टीम के रंगे हाथों पकड़े जाने के बाद विभाग सचेता नहीं है। शुक्रवार को निबंधन अधिकारी और एक लिपिक के अलावा पांच से छह प्राइवेट कर्मचारी काम करते हुए देखे गए। हालांकि महत्वपूर्ण काम को सरकारी लिपिक ही निपटा रहा था, जबकि कंप्यूटर पर सभी लोग प्राइवेट कर्मचारी थे। जो पूरे दिन चर्चा का विषय बना रहा। वहीं कुछ लोग विजिलेंस टीम की कार्रवाई को सराह रहे थे।
बरडीहा दलपत गांव के रहने वाले अवध किशोर सिंह अपनी पत्नी ऊषा सिंह के नाम से गांव के ही धनीराम सिंह पुत्र बाबूनंदन सिंह से 17 फरवरी को गांव में 37 डिसमिल जमीन खरीदे। आरोप है कि दस्तावेज के लिए अवध किशोर अपनी पत्नी के साथ कई बार उप निबंधक कार्यालय के लिपिक से संपर्क किया, लेकिन उसे दस्तावेज देने के बजाए स्टांप जांच में भेजने की धमकी देने लगे। इसके बाद राम अवध ने विजिलेंस टीम से इसकी शिकायत की और टीम ने बृहस्पतिवार को लिपिक कमलेश कुमार गौड़ समेत प्राइवेट मुंशी रामानंद 15 हजार रुपये के साथ रंगे हाथ दबोच लिया। उसके बाद कार्यालय में अफरा- तफरी का माहौल उत्पन्न हो गया।
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शुक्रवार की सुबह उप निबंधक कार्यालय में निबंधन अधिकारी प्रतिमा और एक लिपिक के अलावा पांच से छह प्राइवेट कर्मचारी करते हुए देखे गए। हालांकि महत्वपूर्ण कार्य सरकारी लिपिक ही निपटा रहा था, जबकि कंप्यूटर पर सभी लोग प्राइवेट कर्मचारी थे। उप निबंधक कार्यालय के कुछ लोग आपस में चर्चा कर रहे थे कि कार्रवाई के बाद अभी कुछ प्राइवेट कर्मचारी सबक नहीं सीखे हैं। प्राइवेट कर्मचारी ही सिस्टम को खराब कर रहे हैं और खुलेआम पैसा की मांग कर रहे हैं।
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रामानंद ने कहा कमलेश के कहने पर लिया था रकम
सलेमपुर। विजिलेंस टीम के पूछताछ में पकड़े गए प्राइवेट कर्मचारी रामानंद ने बताया कि वह उप निबंधक कार्यालय के तैनात लिपिक कमलेश कुमार गौड़ के कहने पर उसने पैसा अपने हाथ में लिया था। कमलेश ही लोगों से पैसा का डिमांड करता है। संवाद