{"_id":"6adfa62bc1515316a20032cb","slug":"do-not-remain-confined-to-offices-ensure-that-farmers-receive-the-benefits-of-the-schemes-deoria-news-c-208-1-deo1049-195254-2026-10-27","type":"story","status":"publish","title_hn":"Deoria News: कार्यालयों तक सीमित न रहें, किसानों को योजनाओं का लाभ दिलाएं","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Deoria News: कार्यालयों तक सीमित न रहें, किसानों को योजनाओं का लाभ दिलाएं
Tue, 27 Oct 2026 12:42 AM IST
गोरखपुर ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, देवरिया
संवाद न्यूज एजेंसी, देवरिया
Updated Tue, 27 Oct 2026 12:42 AM IST
विज्ञापन
देवरिया। कृषि मंत्री सूर्य प्रताप शाही ने कहा कि प्राविधिक सहायक किसानों और सरकार के बीच महत्वपूर्ण कड़ी हैं। उन्हें कार्यालयों तक सीमित रहने के बजाय खेतों में पहुंचकर किसानों से संवाद करना चाहिए। पात्र किसानों तक सरकारी योजनाओं का लाभ पहुंचाना उनकी जिम्मेदारी है। उन्होंने ये बातें सोमवार को बैतालपुर स्थित कृषि प्रशिक्षण केंद्र में नवनियुक्त प्राविधिक सहायक ग्रुप-सी के 10 दिवसीय प्रशिक्षण कार्यक्रम को संबोधित करते हुए कहीं।
कृषि मंत्री ने प्रशिक्षुओं का स्वागत करते हुए कृषि विभाग की कार्यप्रणाली, आधुनिक खेती, उन्नत बीज, संतुलित उर्वरक प्रयोग, मृदा परीक्षण और फसल बीमा की जानकारी दी। उन्होंने प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि, मृदा स्वास्थ्य कार्ड, फसल बीमा और अनुदान संबंधी योजनाओं का लाभ पात्र किसानों तक पहुंचाने पर जोर दिया।
उन्होंने कहा कि रबी सीजन-2026 में करीब 12 लाख क्विंटल बीज वितरण का लक्ष्य है। किसानों को 10 लाख मिनी किट वितरित की गई है। कृषि निवेश की ऑनलाइन बुकिंग और ई-लॉटरी के माध्यम से सुविधाएं उपलब्ध कराई जा रही हैं। गुणवत्तापूर्ण बीज के लिए कृषि विश्वविद्यालयों और अनुसंधान संस्थानों में नई तकनीकों पर शोध हो रहा है।
विज्ञापन
उन्होंने कहा कि रबी फसलों के न्यूनतम समर्थन मूल्य घोषित हो चुके हैं। खाद्यान्न उत्पादन में देश आत्मनिर्भर है मगर दलहन और तिलहन का उत्पादन बढ़ाने की जरूरत है। इसके लिए 40 जिलों में लगभग सात लाख हेक्टेयर क्षेत्र में इन फसलों की खेती को बढ़ावा दिया जा रहा है। गन्ने के साथ दलहन-तिलहन की अंतरवर्तीय खेती को भी प्रोत्साहित किया जा रहा है।
कृषि मंत्री ने प्रशिक्षुओं से किसानों को जल संरक्षण के प्रति जागरूक करने को कहा। उन्होंने बाढ़ सिंचाई कम करने और रागी, मड़ुआ, ज्वार, बाजरा, जौ, कंगनी तथा कुटकी जैसी पोषणयुक्त फसलों की खेती बढ़ाने पर जोर दिया।
विज्ञापन
कृषि मंत्री ने प्रशिक्षुओं का स्वागत करते हुए कृषि विभाग की कार्यप्रणाली, आधुनिक खेती, उन्नत बीज, संतुलित उर्वरक प्रयोग, मृदा परीक्षण और फसल बीमा की जानकारी दी। उन्होंने प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि, मृदा स्वास्थ्य कार्ड, फसल बीमा और अनुदान संबंधी योजनाओं का लाभ पात्र किसानों तक पहुंचाने पर जोर दिया।
विज्ञापन
उन्होंने कहा कि रबी सीजन-2026 में करीब 12 लाख क्विंटल बीज वितरण का लक्ष्य है। किसानों को 10 लाख मिनी किट वितरित की गई है। कृषि निवेश की ऑनलाइन बुकिंग और ई-लॉटरी के माध्यम से सुविधाएं उपलब्ध कराई जा रही हैं। गुणवत्तापूर्ण बीज के लिए कृषि विश्वविद्यालयों और अनुसंधान संस्थानों में नई तकनीकों पर शोध हो रहा है।
विज्ञापन
उन्होंने कहा कि रबी फसलों के न्यूनतम समर्थन मूल्य घोषित हो चुके हैं। खाद्यान्न उत्पादन में देश आत्मनिर्भर है मगर दलहन और तिलहन का उत्पादन बढ़ाने की जरूरत है। इसके लिए 40 जिलों में लगभग सात लाख हेक्टेयर क्षेत्र में इन फसलों की खेती को बढ़ावा दिया जा रहा है। गन्ने के साथ दलहन-तिलहन की अंतरवर्तीय खेती को भी प्रोत्साहित किया जा रहा है।
कृषि मंत्री ने प्रशिक्षुओं से किसानों को जल संरक्षण के प्रति जागरूक करने को कहा। उन्होंने बाढ़ सिंचाई कम करने और रागी, मड़ुआ, ज्वार, बाजरा, जौ, कंगनी तथा कुटकी जैसी पोषणयुक्त फसलों की खेती बढ़ाने पर जोर दिया।