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Deoria News: कुष्ठ रोगियों से न करें भेदभाव
Wed, 11 Mar 2026 11:54 PM IST
गोरखपुर ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, देवरिया
संवाद न्यूज एजेंसी, देवरिया
Updated Wed, 11 Mar 2026 11:54 PM IST
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देवरिया। राष्ट्रीय कुष्ठ उन्मूलन कार्यक्रम के अंतर्गत नौ मार्च से कुष्ठ रोगी खोजी अभियान चलाया जा रहा है। इस अभियान के तहत 23 मार्च तक घर-घर जाकर स्वास्थ्य विभाग की टीमें कुष्ठ रोगियों की खोज कर रही है।
मुख्य चिकित्सा अधिकारी अनिल कुमार गुप्ता ने बताया कि कुष्ठ रोग छुआछूत की बीमारी नहीं है। कुष्ठ रोगियों से भेदभाव न करें। यह आम रोगों की तरह ही है, जो मल्टीड्रग थेरेपी (एमडीटी) से ठीक हो जाता है, लेकिन समय पर इलाज न किया जाए तो यह बीमारी बड़ा रूप भी ले सकती है। उन्होंने कहा कि अभियान के अंतर्गत 3500 टीमों द्वारा घर-घर जाकर कुष्ठ रोगियों की खोज की जा रही है। उन्होंने जनपदवासियों से अपील करते हुए कहा कि स्वास्थ्य विभाग की टीम घर पहुंचे तो इस बीमारी को छिपाए नहीं। दो वर्ष से ऊपर के सभी व्यक्तियों की जांच की जा रही है। कुष्ठ रोग की पुष्टि होने के बाद में एमडीटी से उनका निशुल्क उपचार शुरू किया जाएगा। जिससे ऐसा व्यक्ति कुष्ठ मुक्त होकर सामान्य जीवन व्यतीत कर सके। इसी उद्देश्य से स्वास्थ्य विभाग की टीम घर-घर जाकर कुष्ठ रोगियों को खोज की जा रही है। जिला कुष्ठ रोग परामर्शदाता विशेषज्ञ डॉ. इरशाद आलम ने बताया कि कुष्ठ रोग माइक्रो वैक्टीरियम लैप्री नामक जीवाणु से होता है। यह साथ खाने, उठने, बैठने से नहीं फैलता है। यह आनुवांशिक एवं छुआछूत रोग नहीं है। इस कारण कुष्ठ रोगियों के साथ भेदभाव न करें। यदि किसी को कुष्ठ रोग के लक्षण दिखाई दें तो उसकी जांच कराएं। कुष्ठ रोग की जांच व उपचार निःशुल्क हैं। समय से जांच और उपचार कराने से दिव्यांगता से भी बचा जा सकता है।
ऐसे की जा सकती है कुष्ठ रोग की पहचान
त्वचा के रंग में कोई भी परिवर्तन साथ ही उसमें पूर्ण रूप से सुन्नपन अथवा सुन्नपन का एहसास होता है। भौहों का खत्म होना, हाथों में घाव या दर्द रहित घाव अथवा हथेली पर छाले, कमीज या जैकेट के बटन बंद करने में असमर्थता, हाथ या पैर की उंगलियां का मुड़ना, फुट ड्रॉप अथवा चलते समय पैर का घिसटना कुष्ठ रोग के प्रमुख लक्षण हैं।
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कुष्ठ रोगी खोजी अभियान में 15 मरीज मिले, एक में पुष्टि
भागलपुर। ब्लाॅक क्षेत्र के अन्तर्गत चलने वाले कुष्ठरोगी खोजी अभियान के तहत प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र भागलपुर से 162 टीमें और 32 पर्यवेक्षक लगाए गए हैं। ये टीमें घर-घर जाकर कुष्ठ रोग के लक्षण वाले व्यक्ति की पहचान कर रही हैं। नौ मार्च से 23 मार्च तक चलने वाले इस अभियान में बुधवार तक 15 संदिग्ध मरीज मिले हैं जिसमें एक में पुष्टि हुई है।
डॉ. रजत कुमार ने बताया कि कुष्ठ रोग पूरी तरह से ठीक हो सकता है। अगर समय से उपचार कराया जाए तो मरीज अपंग होने से भी बच जाएगा। शरीर में तांबे के रंग का दाग और उस दाग में सुन्नापन होना कुष्ठरोग का लक्षण है। शरीर में ऐसे लक्षण होने पर बिना किसी देरी के डॉक्टर से जांच कराएं। दवा खाने से कुष्ठरोग पूरी तरह से ठीक हो जाता है। इस दौरान एचईओ विपिन शर्मा, अरविंद कुशवाहा, रामकेश यादव, अजय मिश्रा, जितेन्द्र मिश्र, मनीष दुबे,सर्वेश यादव,आबिद अली आदि स्वास्थ्य कर्मी मौजूद रहे।
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मुख्य चिकित्सा अधिकारी अनिल कुमार गुप्ता ने बताया कि कुष्ठ रोग छुआछूत की बीमारी नहीं है। कुष्ठ रोगियों से भेदभाव न करें। यह आम रोगों की तरह ही है, जो मल्टीड्रग थेरेपी (एमडीटी) से ठीक हो जाता है, लेकिन समय पर इलाज न किया जाए तो यह बीमारी बड़ा रूप भी ले सकती है। उन्होंने कहा कि अभियान के अंतर्गत 3500 टीमों द्वारा घर-घर जाकर कुष्ठ रोगियों की खोज की जा रही है। उन्होंने जनपदवासियों से अपील करते हुए कहा कि स्वास्थ्य विभाग की टीम घर पहुंचे तो इस बीमारी को छिपाए नहीं। दो वर्ष से ऊपर के सभी व्यक्तियों की जांच की जा रही है। कुष्ठ रोग की पुष्टि होने के बाद में एमडीटी से उनका निशुल्क उपचार शुरू किया जाएगा। जिससे ऐसा व्यक्ति कुष्ठ मुक्त होकर सामान्य जीवन व्यतीत कर सके। इसी उद्देश्य से स्वास्थ्य विभाग की टीम घर-घर जाकर कुष्ठ रोगियों को खोज की जा रही है। जिला कुष्ठ रोग परामर्शदाता विशेषज्ञ डॉ. इरशाद आलम ने बताया कि कुष्ठ रोग माइक्रो वैक्टीरियम लैप्री नामक जीवाणु से होता है। यह साथ खाने, उठने, बैठने से नहीं फैलता है। यह आनुवांशिक एवं छुआछूत रोग नहीं है। इस कारण कुष्ठ रोगियों के साथ भेदभाव न करें। यदि किसी को कुष्ठ रोग के लक्षण दिखाई दें तो उसकी जांच कराएं। कुष्ठ रोग की जांच व उपचार निःशुल्क हैं। समय से जांच और उपचार कराने से दिव्यांगता से भी बचा जा सकता है।
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ऐसे की जा सकती है कुष्ठ रोग की पहचान
त्वचा के रंग में कोई भी परिवर्तन साथ ही उसमें पूर्ण रूप से सुन्नपन अथवा सुन्नपन का एहसास होता है। भौहों का खत्म होना, हाथों में घाव या दर्द रहित घाव अथवा हथेली पर छाले, कमीज या जैकेट के बटन बंद करने में असमर्थता, हाथ या पैर की उंगलियां का मुड़ना, फुट ड्रॉप अथवा चलते समय पैर का घिसटना कुष्ठ रोग के प्रमुख लक्षण हैं।
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कुष्ठ रोगी खोजी अभियान में 15 मरीज मिले, एक में पुष्टि
भागलपुर। ब्लाॅक क्षेत्र के अन्तर्गत चलने वाले कुष्ठरोगी खोजी अभियान के तहत प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र भागलपुर से 162 टीमें और 32 पर्यवेक्षक लगाए गए हैं। ये टीमें घर-घर जाकर कुष्ठ रोग के लक्षण वाले व्यक्ति की पहचान कर रही हैं। नौ मार्च से 23 मार्च तक चलने वाले इस अभियान में बुधवार तक 15 संदिग्ध मरीज मिले हैं जिसमें एक में पुष्टि हुई है।
डॉ. रजत कुमार ने बताया कि कुष्ठ रोग पूरी तरह से ठीक हो सकता है। अगर समय से उपचार कराया जाए तो मरीज अपंग होने से भी बच जाएगा। शरीर में तांबे के रंग का दाग और उस दाग में सुन्नापन होना कुष्ठरोग का लक्षण है। शरीर में ऐसे लक्षण होने पर बिना किसी देरी के डॉक्टर से जांच कराएं। दवा खाने से कुष्ठरोग पूरी तरह से ठीक हो जाता है। इस दौरान एचईओ विपिन शर्मा, अरविंद कुशवाहा, रामकेश यादव, अजय मिश्रा, जितेन्द्र मिश्र, मनीष दुबे,सर्वेश यादव,आबिद अली आदि स्वास्थ्य कर्मी मौजूद रहे।