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डीएम ने की मंदिर में निर्माण कार्य की जांच
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डीएम ने की मंदिर में निर्माण कार्य की जांच
बरहज। कटियारी गांव में प्राचीन शिव और काली मंदिर परिसर का पर्यटन विभाग की ओर से निर्माण कार्य कराया जा रहा है। शनिवार को जिलाधिकारी जेपी सिंह ने निरीक्षण कर निर्माण कार्य का जायजा लिया। क्लैप टेस्ट में ईंट के फेल होने और मानक के विपरीत किए गए प्लास्टर को लेकर डीएम काफी तल्ख दिखे। उन्होंने कार्यदायी संस्था के प्रोजेक्ट मैनेजर को कड़ी फटकार लगाई। साथ ही पीडब्ल्यूडी के अधिशासी अभियंता को जांच कर रिपोर्ट देने को कहा।
लाव-लश्कर के साथ डीएम कटियारी गांव स्थित मंदिर परिसर में पहुंचे। अधिकारियों को देख आसपास के लोग भी जुट गए। पर्यटन विभाग की ओर से करीब 35 लाख की लागत से मंदिर परिसर में विकास कार्य कराया जा रहा है। जिसके तहत धर्मशाला, सत्संग भवन, यज्ञशाला, शौचालय, इंटरलाकिंग और चहारदीवारी बननी है। जांच में चहारदीवारी के निर्माण में लगी ईंट दोयम दर्जे की पाई गई, जिसे तत्काल दुरुस्त कराने का निर्देश दिया गया। जबकि प्लास्टर भी मानक के विपरीत था। करीब आधे घंटे तक चली जांच में कर्मी पसीने-पसीने हो रहे थे। पीडब्ल्यूडी के अधिशासी अभियंता कमल किशोर ने बताया कि जांच करने की जिम्मेदारी मिली है। समय सीमा के भीतर रिपोर्ट प्रेषित कर दी जाएगी।
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बरहज। कटियारी गांव में प्राचीन शिव और काली मंदिर परिसर का पर्यटन विभाग की ओर से निर्माण कार्य कराया जा रहा है। शनिवार को जिलाधिकारी जेपी सिंह ने निरीक्षण कर निर्माण कार्य का जायजा लिया। क्लैप टेस्ट में ईंट के फेल होने और मानक के विपरीत किए गए प्लास्टर को लेकर डीएम काफी तल्ख दिखे। उन्होंने कार्यदायी संस्था के प्रोजेक्ट मैनेजर को कड़ी फटकार लगाई। साथ ही पीडब्ल्यूडी के अधिशासी अभियंता को जांच कर रिपोर्ट देने को कहा।
लाव-लश्कर के साथ डीएम कटियारी गांव स्थित मंदिर परिसर में पहुंचे। अधिकारियों को देख आसपास के लोग भी जुट गए। पर्यटन विभाग की ओर से करीब 35 लाख की लागत से मंदिर परिसर में विकास कार्य कराया जा रहा है। जिसके तहत धर्मशाला, सत्संग भवन, यज्ञशाला, शौचालय, इंटरलाकिंग और चहारदीवारी बननी है। जांच में चहारदीवारी के निर्माण में लगी ईंट दोयम दर्जे की पाई गई, जिसे तत्काल दुरुस्त कराने का निर्देश दिया गया। जबकि प्लास्टर भी मानक के विपरीत था। करीब आधे घंटे तक चली जांच में कर्मी पसीने-पसीने हो रहे थे। पीडब्ल्यूडी के अधिशासी अभियंता कमल किशोर ने बताया कि जांच करने की जिम्मेदारी मिली है। समय सीमा के भीतर रिपोर्ट प्रेषित कर दी जाएगी।
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