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Deoria News: मेडिकल कॉलेज में दस दिन से खराब है डिजिटल एक्स-रे मशीन
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मेडिकल कॉलेज में एक्स-रे कराने के लिए खड़े मरीज और तीमारदार ।संवाद
फिल्म न मिलने से चेस्ट के मरीजों को हो रही दिक्कत, कमर, रीढ़ की हड्डी के मरीज लौट रहे निराश
संवाद न्यूज एजेंसी
देवरिया। मेडिकल कॉलेज में डिजिटल एक्स-रे मशीन करीब दस दिन से खराब है। पोर्टेबल मशीन से मोबाइल में फोटो खींचकर काम चलाया जा रहा है। हड्डी की अलग-अलग एंगल से जांच कर रिपोर्ट देने में दिक्कत हो रही है, वहीं चेस्ट की जांच में मोबाइल पर तस्वीर साफ नहीं आने से परेशानी हो रही है। कमर, रीढ़ की हड्डी के मरीजों को लौटना पड़ रहा है। कुछ मरीजों को बाहर से जांच करानी पड़ती है, जहां अधिक कीमत चुकानी पड़ती है, जिससे उन पर आर्थिक बोझ पड़ता है।
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मेडिकल कॉलेज के डिजिटल एक्स-रे सेंटर पर ओपीडी के विभिन्न विभागों से मरीज एक्स-रे के लिए आते हैं। यहां मरीजों की लंबी कतार लगती है। हर रोज करीब ढाई सौ से अधिक जांच होती है। पर दस दिन से मशीन में खराब है, इससे जांच ठप हो गई है। मरीजों की समस्या को देखते हुए पोर्टेबल मशीन से किसी तरह काम चलाया जा रहा है। हड्डी टूटने, चेस्ट, कमर, घुटना आदि के मरीजों का कई एंगल में एक्स-रे किया जाता है। इसके बाद मरीजों को एनड्राइव मोबाइल पर फोटो खींचकर रिपोर्ट दी जा रही है। शनिवार दोपहर दो बजे तक करीब 150 जांच की गई। इसमें चेस्ट की जांच के करीब 40 मरीज रहे, जिसमें मोबाइल पर फोटो स्पष्ट न होने से तीन लोगों को दोबारा जांच करानी पड़ी। डॉक्टर हॉर्ट की साइज, निमोनिया, कफ, धब्बा, पानी की जानकारी के लिए मरीजों का चेस्ट एक्स-रे कराते हैं। वहीं छोटा मोबाइल लेकर आए लोगों को लौटना पड़ा। जबकि कमर, कूल्हा, रीढ़ की हड्डी के एक्स-रे के लिए आए करीब 25 लोगों को लौटना पड़ा। कुछ लोगों को मजबूरी में बाहर से छह से आठ सौ रुपये कीमत चुकानी पड़ी। शाहिद, राकेश, बिरजू, धर्मेंद्र, दिनेश आदि ने बताया कि मशीन खराब होने से एक्स-रे के लिए परेशानी हो रही है। उधर ओपीडी स्थित एक्स-रे कक्ष में पोर्टेबल मशीन से करीब 120 मरीजों का एक्स-रे किया गया।
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एक्स-रे सेंटर की एसी खराब
मेडिकल कॉलेज के डिजिटल एक्स-रे सेंटर में तीन एसी लगी है। इसमें एक का आउटर नहीं है, दूसरी गैस न होने से ठंडा नहीं कर रही है, तीसरी एसी भी कम कूल कर रही है। उधर, भीषण गर्मी के कारण मशीन गर्म हो रही थी। जबकि एसी आवश्यक है। इसके बाद प्रिंटर और फिर मशीन में खराबी आ गई। इंजीनियर ने प्रिंटर तो ठीक कर दिया है, पर मशीन की गड़बड़ी दूर नहीं हो सकी है, जिससे परेशानी हो रही है।
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डिजिटल एक्स-रे मशीन में गड़बड़ी आई है। उसे ठीक कराने के निर्देश दिए गए हैं। इंजीनियर ने प्रिंटर ठीक कर दिया है। मशीन की खराबी भी जल्द दूर हो जाएगी। एसी को ठीक कराने की प्रक्रिया की जा रही है।
डॉ. एचके मिश्रा सीएमएस
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संवाद न्यूज एजेंसी
देवरिया। मेडिकल कॉलेज में डिजिटल एक्स-रे मशीन करीब दस दिन से खराब है। पोर्टेबल मशीन से मोबाइल में फोटो खींचकर काम चलाया जा रहा है। हड्डी की अलग-अलग एंगल से जांच कर रिपोर्ट देने में दिक्कत हो रही है, वहीं चेस्ट की जांच में मोबाइल पर तस्वीर साफ नहीं आने से परेशानी हो रही है। कमर, रीढ़ की हड्डी के मरीजों को लौटना पड़ रहा है। कुछ मरीजों को बाहर से जांच करानी पड़ती है, जहां अधिक कीमत चुकानी पड़ती है, जिससे उन पर आर्थिक बोझ पड़ता है।
मेडिकल कॉलेज के डिजिटल एक्स-रे सेंटर पर ओपीडी के विभिन्न विभागों से मरीज एक्स-रे के लिए आते हैं। यहां मरीजों की लंबी कतार लगती है। हर रोज करीब ढाई सौ से अधिक जांच होती है। पर दस दिन से मशीन में खराब है, इससे जांच ठप हो गई है। मरीजों की समस्या को देखते हुए पोर्टेबल मशीन से किसी तरह काम चलाया जा रहा है। हड्डी टूटने, चेस्ट, कमर, घुटना आदि के मरीजों का कई एंगल में एक्स-रे किया जाता है। इसके बाद मरीजों को एनड्राइव मोबाइल पर फोटो खींचकर रिपोर्ट दी जा रही है। शनिवार दोपहर दो बजे तक करीब 150 जांच की गई। इसमें चेस्ट की जांच के करीब 40 मरीज रहे, जिसमें मोबाइल पर फोटो स्पष्ट न होने से तीन लोगों को दोबारा जांच करानी पड़ी। डॉक्टर हॉर्ट की साइज, निमोनिया, कफ, धब्बा, पानी की जानकारी के लिए मरीजों का चेस्ट एक्स-रे कराते हैं। वहीं छोटा मोबाइल लेकर आए लोगों को लौटना पड़ा। जबकि कमर, कूल्हा, रीढ़ की हड्डी के एक्स-रे के लिए आए करीब 25 लोगों को लौटना पड़ा। कुछ लोगों को मजबूरी में बाहर से छह से आठ सौ रुपये कीमत चुकानी पड़ी। शाहिद, राकेश, बिरजू, धर्मेंद्र, दिनेश आदि ने बताया कि मशीन खराब होने से एक्स-रे के लिए परेशानी हो रही है। उधर ओपीडी स्थित एक्स-रे कक्ष में पोर्टेबल मशीन से करीब 120 मरीजों का एक्स-रे किया गया।
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एक्स-रे सेंटर की एसी खराब
मेडिकल कॉलेज के डिजिटल एक्स-रे सेंटर में तीन एसी लगी है। इसमें एक का आउटर नहीं है, दूसरी गैस न होने से ठंडा नहीं कर रही है, तीसरी एसी भी कम कूल कर रही है। उधर, भीषण गर्मी के कारण मशीन गर्म हो रही थी। जबकि एसी आवश्यक है। इसके बाद प्रिंटर और फिर मशीन में खराबी आ गई। इंजीनियर ने प्रिंटर तो ठीक कर दिया है, पर मशीन की गड़बड़ी दूर नहीं हो सकी है, जिससे परेशानी हो रही है।
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डिजिटल एक्स-रे मशीन में गड़बड़ी आई है। उसे ठीक कराने के निर्देश दिए गए हैं। इंजीनियर ने प्रिंटर ठीक कर दिया है। मशीन की खराबी भी जल्द दूर हो जाएगी। एसी को ठीक कराने की प्रक्रिया की जा रही है।
डॉ. एचके मिश्रा सीएमएस