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Deoria News: घायल बंदर, कुत्ता, बिल्ली के आश्रय स्थल निर्माण के लिए आगे आएं स्वयंसेवी संस्थाएं
Sat, 31 Aug 2024 06:00 AM IST
गोरखपुर ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, देवरिया
संवाद न्यूज एजेंसी, देवरिया
Updated Sat, 31 Aug 2024 06:00 AM IST
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देवरिया। एसपीसीए की बैठक कलेक्ट्रेट स्थित सभागार में हुई। इसमें पशुओं से संबंधित समस्याओं को उठाया गया। जिलाधिकारी दिव्या मित्तल ने घायल बंदर, कुत्ता, बिल्ली आदि के लिए आश्रय स्थल का निर्माण कराने के लिए स्वयंसेवी संस्थाओं से आगे आने की अपील की। उन्होंने कुत्तों में बधियाकरण के लिए अधिशासी अधिकारी को निर्देश दिया।
बैठक में पशु प्रेमी संजय पाठक ने बताया कि कुछ स्थानों पर ट्रांसफार्मर खुले हैं, जिससे बंदर व अन्य पशुओं को क्षति हो सकती है। रात में तस्कर छुट्टा व बाहर बंधे पशुओं को चोरी से लेकर चले जाते हैं। रात में पशुओं के घायल होने पर अस्पताल पहुंचाने में दिक्कत होती है। जिलाधिकारी ने कहा कि ट्रांसफार्मर जहां-जहां पर लगे हैं वहां पर जाली लगाने की कार्रवाई अधिशासी अभियंता बिजली कराएं। निजी संस्थान पर लगे हुए खुले ट्रांसफार्मर पर संबंधित संस्था जाली लगवाएं। उन्होंने रात के समय पुलिस गश्त बढ़ाने के निर्देश दिए।
जिलाधिकारी ने कहा कि आपातकाल में घायल पशुओं के संरक्षण व इलाज के लिए टोलफ्री नंबर 1962 पर एवं जिलाधिकारी हेल्प लाइन नंबर 05568225351/222261/223331 एवं पुलिस हेल्पलाइन नंबर 112 पर फोन कर सूचित किया जा सकता है। क्षेत्र में घायल बंदर मिलने पर संरक्षण व इलाज कराने के लिए जिला वनाधिकारी के मोबाइल नंबर 8056595393 पर सूचना दी जाए। बंदरों को पकड़ने के लिए मंकी कैचर व मंकी हैंडलर की व्यवस्था संबंधित नगर पालिक, नगर पंचायत, बीडीओ करें।
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लाल बंदरों के आतंक व बढ़ती संख्या को जंगल में छुड़वाने के लिए संबंधित नगर पालिका एवं जिला वनाधिकारी व्यवस्था करेंगे। साथ ही जिले के सभी नगर पालिका व नगर पंचायत के ईओ, बीडीओ व उप मुख्य पशु चिकित्साधिकारी के नंबर भी जारी किए गए हैं, जिन पर सूचना दी जा सकती है।
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बैठक में पशु प्रेमी संजय पाठक ने बताया कि कुछ स्थानों पर ट्रांसफार्मर खुले हैं, जिससे बंदर व अन्य पशुओं को क्षति हो सकती है। रात में तस्कर छुट्टा व बाहर बंधे पशुओं को चोरी से लेकर चले जाते हैं। रात में पशुओं के घायल होने पर अस्पताल पहुंचाने में दिक्कत होती है। जिलाधिकारी ने कहा कि ट्रांसफार्मर जहां-जहां पर लगे हैं वहां पर जाली लगाने की कार्रवाई अधिशासी अभियंता बिजली कराएं। निजी संस्थान पर लगे हुए खुले ट्रांसफार्मर पर संबंधित संस्था जाली लगवाएं। उन्होंने रात के समय पुलिस गश्त बढ़ाने के निर्देश दिए।
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जिलाधिकारी ने कहा कि आपातकाल में घायल पशुओं के संरक्षण व इलाज के लिए टोलफ्री नंबर 1962 पर एवं जिलाधिकारी हेल्प लाइन नंबर 05568225351/222261/223331 एवं पुलिस हेल्पलाइन नंबर 112 पर फोन कर सूचित किया जा सकता है। क्षेत्र में घायल बंदर मिलने पर संरक्षण व इलाज कराने के लिए जिला वनाधिकारी के मोबाइल नंबर 8056595393 पर सूचना दी जाए। बंदरों को पकड़ने के लिए मंकी कैचर व मंकी हैंडलर की व्यवस्था संबंधित नगर पालिक, नगर पंचायत, बीडीओ करें।
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लाल बंदरों के आतंक व बढ़ती संख्या को जंगल में छुड़वाने के लिए संबंधित नगर पालिका एवं जिला वनाधिकारी व्यवस्था करेंगे। साथ ही जिले के सभी नगर पालिका व नगर पंचायत के ईओ, बीडीओ व उप मुख्य पशु चिकित्साधिकारी के नंबर भी जारी किए गए हैं, जिन पर सूचना दी जा सकती है।