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Deoria Mass Murder: गांव में खाकी ही खाकी... धारा-144 नहीं, यह तो कर्फ्यू है; लोगों से पुलिस कह रही है-लौट जाओ
Wed, 11 Oct 2023 11:23 AM IST
शाहरुख खान
अमर उजाला नेटवर्क, देवरिया
अमर उजाला नेटवर्क, देवरिया
Published by: शाहरुख खान
Updated Wed, 11 Oct 2023 11:23 AM IST
सार
रुद्रपुर कोतवाली इलाके के फतेहपुर गांव में सामूहिक हत्याकांड के 10 दिन बाद भी स्थिति सामान्य नहीं हो पाई है। आसपास के चार किलोमीटर की दूरी में स्थित गांवों में तनाव और दहशत साफ नजर आता है। पूरे इलाके में हर चार किलोमीटर पर पुलिस का बैरियर लगा है। ऐसा लगता है कि गांव में धारा- 144 नहीं, कर्फ्यू लग गया है।
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देवरिया हत्याकांड
- फोटो : अमर उजाला।
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विस्तार
बाबू! शहर-कस्बों में तो धारा-144 लगना तो सुना-देखा था, यह पहली बार है कि गांव में यह कार्रवाई की गई है। चप्पे-चप्पे पर पुलिस कर्मी तैनात हैं। अगर एक सामान भी लेने के लिए घर से निकले तो पुलिस वाले पूछताछ कर रहे हैं। खेत में चारा लाने के लिए निकले तो पगडंडियों पर मौजूद पुलिसकर्मी कह रहे हैं-लौट जाओ। ऐसा लगता है कि गांव में धारा- 144 नहीं, कर्फ्यू लग गया है।
यह कहना है रुद्रपुर कोतवाली इलाके के फतेहपुर गांव के ग्रामीणों का, जहां सामूहिक हत्याकांड के 10 दिन बाद भी स्थिति सामान्य नहीं हो पाई है। फतेहपुर छोड़िए, आसपास के चार किलोमीटर की दूरी में स्थित गांवों में तनाव और दहशत साफ नजर आता है। पूरे इलाके में हर चार किलोमीटर पर पुलिस का बैरियर लगा है।
पूरी कमान डाक बंगले में बैठकर एसपी संकल्प शर्मा संभाल रहे थे। एक-एक पल की गतिविधि लेने के साथ ही उन्होंने खुद ही मंगलवार की सुबह हर प्वाइंट का निरीक्षण किया। रुद्रपुर के लेड़हा और अभयपुर जाने वाले हर मार्ग पर मंगलवार की सुबह आठ बजे से ही पुलिस की नजर थी। रुद्रपुर मोड़ पर करीब 11 बजे एक बैरियर लगाया गया था।
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काफी संख्या में मौजूद पुलिसकर्मी बाइक सवार और अन्य वाहनों से जाने वालों को रोककर चेकिंग कर रहे थे। इससे चार किमी की दूरी पर कतरारी चौराहे के पास भी पुलिस बैरियर था। रास्ता जब रुद्रपुर कस्बे की ओर मुड़ा तो उसरा बाजार के पास बैरियर लगाकर पुलिस कर्मी आने-जाने वालों को रोककर चेक कर रहे थे।
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यह कहना है रुद्रपुर कोतवाली इलाके के फतेहपुर गांव के ग्रामीणों का, जहां सामूहिक हत्याकांड के 10 दिन बाद भी स्थिति सामान्य नहीं हो पाई है। फतेहपुर छोड़िए, आसपास के चार किलोमीटर की दूरी में स्थित गांवों में तनाव और दहशत साफ नजर आता है। पूरे इलाके में हर चार किलोमीटर पर पुलिस का बैरियर लगा है।
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पूरी कमान डाक बंगले में बैठकर एसपी संकल्प शर्मा संभाल रहे थे। एक-एक पल की गतिविधि लेने के साथ ही उन्होंने खुद ही मंगलवार की सुबह हर प्वाइंट का निरीक्षण किया। रुद्रपुर के लेड़हा और अभयपुर जाने वाले हर मार्ग पर मंगलवार की सुबह आठ बजे से ही पुलिस की नजर थी। रुद्रपुर मोड़ पर करीब 11 बजे एक बैरियर लगाया गया था।
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काफी संख्या में मौजूद पुलिसकर्मी बाइक सवार और अन्य वाहनों से जाने वालों को रोककर चेकिंग कर रहे थे। इससे चार किमी की दूरी पर कतरारी चौराहे के पास भी पुलिस बैरियर था। रास्ता जब रुद्रपुर कस्बे की ओर मुड़ा तो उसरा बाजार के पास बैरियर लगाकर पुलिस कर्मी आने-जाने वालों को रोककर चेक कर रहे थे।
देवरिया हत्याकांड
- फोटो : अमर उजाला।
यहीं पर सदर कोतवाली की सीमा समाप्त हो जाती है। इसके बाद बैरिया चौराहे के मोड़ पर किसी को आने-जाने की अनुमति नहीं थी। केवल मीडियाकर्मी ही आ-जा रहे थे। अभयपुर गांव के लिए मुड़े रास्ते पर हर दस से बीस कदम पर पुलिस पिकेट तैनात दिखी। प्रेम यादव के घर से सौ मीटर के पास बैरियर लगाकर रोक दिया गया था।
देवरिया हत्याकांड
- फोटो : अमर उजाला।
यहीं से पूरे अभयपुर के लिए रास्ता जाता है। किसी को आने-जाने की अनुमति नहीं थी। चारों तरफ से यह टोला पुलिस कर्मियों से घिरा हुआ था। यहां से लेड़हा टोला जाने वाले रास्ते पर करीब एक किलोमीटर के सफर में आठ जगहों पर पुलिस पिकेट बनाई गई थी।
धारा 144 का असर यह रहा कि दोनों टोलों में सन्नाटा पसरा रहा। करीब 12 बजे अभयपुर टोला में प्रेम यादव के घर के पीछे की बस्ती की पड़ताल की गई तो लोग घरों के भीतर ही मौजूद थे। अधिकांश घरों में पुरुष नहीं थे।
देवरिया हत्याकांड
- फोटो : अमर उजाला।
70 वर्ष की एक महिला बकरी को चारा खिला रही थी। उन्होंने हाथ जोड़कर कहा- बाबू हम कुछ नहीं जानते हैं, गांव में कर्फ्यू लगा है। पुलिस जाने नहीं दे रही है। एक किसान ने बताया कि गाय आठ लीटर दूध दे रही थी, अब इस समय छह लीटर हो गया है।
उसे पशु आहार नहीं दे पा रहा हूं, क्योंकि बैरिया चौराहे पर जाने के रास्ते पर पुलिस लगी है और लौटा दे रही है। इसी टोले की एक महिला ने बताया-बुखार हो गया है। दवा के लिए चौराहे पर नहीं जा पा रही हूं, हर तरफ पुलिस लगी है।
देवरिया हत्याकांड
- फोटो : अमर उजाला।
सत्यप्रकाश दूबे के लेड़हा टोला के एक व्यक्ति बीमार हैं। वह दरवाजे के बाहर पड़े थे। बोले-मुंबई से लड़के फोन कर रहे हैं और घर आने को कह रहे हैं, लेकिन गांव का माहौल देखकर आने के लिए मना कर दिया है। गांव के व्यक्ति ने बताया कि वह दूध बेचकर परिवार का भरण पोषण करते हैं।
दो दिनों से घर पर हैं। सत्यप्रकाश दूबे के घर को जाने वाले रास्ते पर काफी संख्या में पुलिस के जवान तैनात हैं। अगर इनकी तरफ कोई देख भी लेता था तो वे टोक देते थे-जाओ, यहां रुकना नहीं है।
ये है पूरा मामला
देवरिया हत्याकांड
- फोटो : अमर उजाला।
बता दें कि देवरिया जिले में रुद्रपुर कोतवाली क्षेत्र के फतेहपुर गांव में 2 अक्तूबर को सुबह छह बजे जमीन के विवाद में एक पूर्व जिला पंचायत सदस्य की धारदार हथियार से काटकर हत्या कर दी गई। इससे गुस्साएं पूर्व जिला पंचायत सदस्य के पक्ष के लोग दूसरे पक्ष के घर में घुसकर पति, पत्नी और उसकी तीन संतानों को गोली मारकर और धारदार हथियार से प्रहार कर हत्या कर दी, जबकि एक बेटा गंभीर रूप से घायल हो गया है।