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बोर्ड है ही नहीं और दे दी स्कूल की मान्यता, जेल
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एसपी डॉ श्रीपति मिश्र ने फर्जी स्कूल का मान्यता दिलाने वाले का किया पर्दाफाश।
- फोटो : DEORIA
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बोर्ड का अस्तित्व नहीं और दे मान्यता, जेल
ट्यूबवेल कॉलोनी के रहने वाला है आरोपी अभय
पीड़ित के भूमिका की भी जांच कराएगी पुलिस
संवाद न्यूज एजेंसी
देवरिया। बोर्ड का अस्तित्व ही नहीं है और उसकी मान्यता स्कूल को दे दी गई। मामला प्रकाश में आने के बाद सदर कोतवाली पुलिस ने एक आरोपी को पकड़ लिया। जरूरी कार्रवाई कर सोमवार को उसे जेल भेज दिया गया। वहीं, शिकायतकर्ता की भी जांच के निर्देश एसपी ने दिए हैं। पुलिस लाइंस के मनोरंजन कक्ष में एसपी डॉ. श्रीपति मिश्र ने बताया कि सदर कोतवाली के कतरारी गांव के रहने वाले अजय मिश्र ने शिकायत की थी कि उसके स्कूल के लिए फर्जी बोर्ड की मान्यता दी गई है। ट्यूबवेल कॉलोनी निवासी अभय सिंह को साढ़े तीन लाख रुपये दिए हैं। इसमें कौशांबी जिले के डीआईओएस से जानकारी ली गई तो उन्होंने बताया कि उच्चतर माध्यमिक शिक्षा परिषद नाम की कोई संस्था नहीं है। सदर कोतवाली पुलिस ने केस दर्ज कर लिया। कोतवाली पुलिस और साइबर क्राइम सेल ने आरोपी को गिरफ्तार कर लिया। आरोपी अभय ने बताया कि एक साल से इस संस्था में नौकरी शुरू की थी। सरगना भाटपाररानी इलाके का रहने वाला है। उसने 2.60 रुपये लिए जाने की बात स्वीकार किया। एसपी डॉ. श्रीपति मिश्र ने बताया कि शिकायतकर्ता के खिलाफ भी जांच कराई जाएगी।
स्पेलिंग में गलती से पकड़ाया मामला
शिकायतकर्ता अजय को कौशांबी जिले की स्पेलिंग में गलत मिली। इसके बाद उसे फर्जी होने का शक हुआ। उसने अभय से इस बात की शिकायत की तो उसने सुधार कराने की बात कहा। उसने पुलिस से शिकायत की। जांच में मामला फर्जी ही निकला।
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ट्यूबवेल कॉलोनी के रहने वाला है आरोपी अभय
पीड़ित के भूमिका की भी जांच कराएगी पुलिस
संवाद न्यूज एजेंसी
देवरिया। बोर्ड का अस्तित्व ही नहीं है और उसकी मान्यता स्कूल को दे दी गई। मामला प्रकाश में आने के बाद सदर कोतवाली पुलिस ने एक आरोपी को पकड़ लिया। जरूरी कार्रवाई कर सोमवार को उसे जेल भेज दिया गया। वहीं, शिकायतकर्ता की भी जांच के निर्देश एसपी ने दिए हैं। पुलिस लाइंस के मनोरंजन कक्ष में एसपी डॉ. श्रीपति मिश्र ने बताया कि सदर कोतवाली के कतरारी गांव के रहने वाले अजय मिश्र ने शिकायत की थी कि उसके स्कूल के लिए फर्जी बोर्ड की मान्यता दी गई है। ट्यूबवेल कॉलोनी निवासी अभय सिंह को साढ़े तीन लाख रुपये दिए हैं। इसमें कौशांबी जिले के डीआईओएस से जानकारी ली गई तो उन्होंने बताया कि उच्चतर माध्यमिक शिक्षा परिषद नाम की कोई संस्था नहीं है। सदर कोतवाली पुलिस ने केस दर्ज कर लिया। कोतवाली पुलिस और साइबर क्राइम सेल ने आरोपी को गिरफ्तार कर लिया। आरोपी अभय ने बताया कि एक साल से इस संस्था में नौकरी शुरू की थी। सरगना भाटपाररानी इलाके का रहने वाला है। उसने 2.60 रुपये लिए जाने की बात स्वीकार किया। एसपी डॉ. श्रीपति मिश्र ने बताया कि शिकायतकर्ता के खिलाफ भी जांच कराई जाएगी।
स्पेलिंग में गलती से पकड़ाया मामला
शिकायतकर्ता अजय को कौशांबी जिले की स्पेलिंग में गलत मिली। इसके बाद उसे फर्जी होने का शक हुआ। उसने अभय से इस बात की शिकायत की तो उसने सुधार कराने की बात कहा। उसने पुलिस से शिकायत की। जांच में मामला फर्जी ही निकला।
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