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बालगृह बालिका कांड: मुख्य आरोपी को हाईकोर्ट से मिली जमानत
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बालगृह बालिका कांड :
मुख्य आरोपी को हाईकोर्ट से मिली जमानत
पिछले साल पांच अगस्त की रात हुई थी कार्रवाई, पति समेत गईं जेल
इस मामले में आठ लोग भेजे गए थे जेल, छह को मिल चुकी है जमानत
संवाद न्यूज एजेंसी
देवरिया। बालगृह बालिका कांड की मुख्य आरोपी गिरिजा त्रिपाठी को बृहस्पतिवार को हाईकोर्ट से जमानत मिल गई। वहीं, उनके पति मोहन त्रिपाठी की जमानत अर्जी पर अभी सुनवाई नहीं हो पाई है। इस मामले में छह आरोपियों की जमानत पहले ही मिल चुकी है। जमानत मिलने की पुष्टि उनके अधिवक्ता ने की हैं।
पिछले साल पांच अगस्त को स्टेशन रोड स्थित बालगृह बालिका से भागकर एसपी के पास पहुंची बच्ची ने बताया कि यहां गलत कार्य कराया जाता है। मामले को गंभीरता से लेते हुए तत्कालीन एसपी रोहन पी. कनय ने छापा मरवाया था। जहां मां विंध्यवासिनी महिला प्रशिक्षण एवं सेवा संस्थान की अध्यक्ष और बालगृह बालिका की संचालक गिरिजा त्रिपाठी, उनके पति मोहन त्रिपाठी के साथ 23 बच्चियों को बरामद किया गया। इस मामले में चार मुकदमे दर्ज हुए थे। शासन ने तत्कालीन डीएम सुजीत कुमार को हटा दिया। कुछ दिनों बाद अगस्त माह में एसपी रोहन पी. कनय को भी मुख्यालय से संबद्ध कर दिया गया। पूर्व में तैनात रहे जिला प्रोवेशन अधिकारी को भी शासन ने निलंबित कर दिया था। बाद में शासन ने जांच एसआईटी को सौंप दिया। एसआईटी ने लंबी जांच के दौरान गिरिजा त्रिपाठी की बेटी कंचनलता, दामाद, बेटा प्रदीप, बहू और दो कर्मचारियों को जेल भेज दिया। गिरिजा त्रिपाठी और मोहन त्रिपाठी को छोड़कर शेष लोगों को पहले ही जमानत मिल चुकी है। अब मामले की जांच सीबीआई कर रही है। हाईकोर्ट से जुड़े सूत्रों की मानें तो मुख्य आरोपी गिरिजा त्रिपाठी को तीन मामले में पहले ही जमानत मिल चुकी है। बृहस्पतिवार को हाईकोर्ट ने गिरिजा त्रिपाठी को चौथे मामले में भी जमानत दे दिया।
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मुख्य आरोपी को हाईकोर्ट से मिली जमानत
पिछले साल पांच अगस्त की रात हुई थी कार्रवाई, पति समेत गईं जेल
इस मामले में आठ लोग भेजे गए थे जेल, छह को मिल चुकी है जमानत
संवाद न्यूज एजेंसी
देवरिया। बालगृह बालिका कांड की मुख्य आरोपी गिरिजा त्रिपाठी को बृहस्पतिवार को हाईकोर्ट से जमानत मिल गई। वहीं, उनके पति मोहन त्रिपाठी की जमानत अर्जी पर अभी सुनवाई नहीं हो पाई है। इस मामले में छह आरोपियों की जमानत पहले ही मिल चुकी है। जमानत मिलने की पुष्टि उनके अधिवक्ता ने की हैं।
पिछले साल पांच अगस्त को स्टेशन रोड स्थित बालगृह बालिका से भागकर एसपी के पास पहुंची बच्ची ने बताया कि यहां गलत कार्य कराया जाता है। मामले को गंभीरता से लेते हुए तत्कालीन एसपी रोहन पी. कनय ने छापा मरवाया था। जहां मां विंध्यवासिनी महिला प्रशिक्षण एवं सेवा संस्थान की अध्यक्ष और बालगृह बालिका की संचालक गिरिजा त्रिपाठी, उनके पति मोहन त्रिपाठी के साथ 23 बच्चियों को बरामद किया गया। इस मामले में चार मुकदमे दर्ज हुए थे। शासन ने तत्कालीन डीएम सुजीत कुमार को हटा दिया। कुछ दिनों बाद अगस्त माह में एसपी रोहन पी. कनय को भी मुख्यालय से संबद्ध कर दिया गया। पूर्व में तैनात रहे जिला प्रोवेशन अधिकारी को भी शासन ने निलंबित कर दिया था। बाद में शासन ने जांच एसआईटी को सौंप दिया। एसआईटी ने लंबी जांच के दौरान गिरिजा त्रिपाठी की बेटी कंचनलता, दामाद, बेटा प्रदीप, बहू और दो कर्मचारियों को जेल भेज दिया। गिरिजा त्रिपाठी और मोहन त्रिपाठी को छोड़कर शेष लोगों को पहले ही जमानत मिल चुकी है। अब मामले की जांच सीबीआई कर रही है। हाईकोर्ट से जुड़े सूत्रों की मानें तो मुख्य आरोपी गिरिजा त्रिपाठी को तीन मामले में पहले ही जमानत मिल चुकी है। बृहस्पतिवार को हाईकोर्ट ने गिरिजा त्रिपाठी को चौथे मामले में भी जमानत दे दिया।
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